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बिना प्याज-लहसुन के तैयार करें क्रीमी रेस्टोरेंट जैसी ग्रेवी, सात्विक भोजन में मिलेगा लाजवाब स्वादखानपान
20 सित॰ 2026, 8:19 am (47 मिनट पहले)· 0

बिना प्याज-लहसुन के तैयार करें क्रीमी रेस्टोरेंट जैसी ग्रेवी, सात्विक भोजन में मिलेगा लाजवाब स्वाद

नवरात्रि और सात्विक खानपान के लिए खास टमाटर-काजू आधारित ग्रेवी की आसान विधि, जिससे घर पर ही शाही पनीर, मलाई कोफ्ता और मिक्स वेज जैसी करी तैयार की जा सकती हैं।

त्योहारों और धार्मिक अवसरों पर जब भोजन सात्विक रखना होता है, तो रसोई में सबसे बड़ी चुनौती ग्रेवी को गाढ़ा और जायकेदार बनाने की आती है। अधिकतर ढाबों और रेस्टोरेंट की तरकारी की बुनियादी शुरुआत प्याज और लहसुन के तड़के से होती है, जिससे ग्रेवी में स्वाभाविक भारीपन और तीखा स्वाद आता है। कई लोगों को यह गलतफहमी रहती है कि प्याज-लहसुन को हटा देने से रसा पतला रह जाएगा या उसमें वह पारंपरिक महक और स्वाद नहीं आ पाएगा। असल में अगर सही सामग्री का चुनाव किया जाए और मसालों को सलीके से भूना जाए, तो बिना इन दोनों चीजों के भी रेशमी, गाढ़ी और खुशबूदार ग्रेवी बनाई जा सकती है।

सात्विक थाली और पहले से तैयारी के लिए बेहतरीन विकल्प

टमाटर और मेवों के आधार पर बनने वाली यह खास करी न केवल नवरात्रि के दिनों में उपवास रखने वालों के लिए मुफीद है, बल्कि जैन खानपान का पालन करने वाले परिवारों और पूजा-पाठ के आयोजनों के लिए भी बहुत उपयोगी साबित होती है। इस ग्रेवी की एक बड़ी खूबी इसका समय बचाना है। इसे पहले से तैयार करके किसी साफ एयरटाइट डिब्बे में बंद कर फ्रिज के भीतर 3 से 4 दिन तक सुरक्षित रखा जा सकता है। जब भी घर पर कोई मेहमान आए या झटपट खाना परोसना हो, बस ग्रेवी निकाली, मनपसंद उबली या तली सब्जी मिलाई और कुछ ही पलों में गरमा-गरम पकवान तैयार हो जाता है।

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पेस्ट बनाने से लेकर पकाने तक की सही विधि

इस ग्रेवी को बनाने के लिए सबसे पहले टमाटर और काजू को पानी में डालकर लगभग 5 से 7 मिनट तक अच्छी तरह उबालना चाहिए। जब दोनों चीजें थोड़ी नरम हो जाएं और मिश्रण ठंडा पड़ जाए, तो मिक्सी के जार में डालकर एकदम चिकना और महीन पेस्ट पीस लें। इसके बाद चूल्हे पर कड़ाही चढ़ाकर उसमें आवश्यकतानुसार घी अथवा कुकिंग ऑयल गर्म करें। गर्म घी में जीरा डालकर चटकाएं और फिर 1 छोटा चम्मच कद्दूकस किया हुआ ताजा अदरक डालकर हल्का सा भूनें ताकि उसका कच्चापन निकल जाए।

अब इस तड़के में पिसा हुआ टमाटर और काजू का पेस्ट पलट दें और मध्यम आंच पर 5 से 7 मिनट तक पकने दें। जब यह मिश्रण किनारों से घी या तेल छोड़ने लगे, तब इसमें स्वादानुसार लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और नमक डालकर अच्छी तरह करछुल से चलाएं। इसके तुरंत बाद फेंटा हुआ दही डालें और आंच धीमी करके लगातार हिलाते रहें, क्योंकि लगातार न चलाने पर गर्म ग्रेवी में दही के फटने की आशंका रहती है। दही के अच्छी तरह रच-बस जाने पर कसूरी मेथी और गरम मसाला छिड़कें तथा धीमी आंच पर 2 मिनट और पकाएं।

ग्रेवी को और अधिक शाही बनाने के नुस्खे

अगर आप इस रसे को ढाबे या पांच सितारा होटल जैसा भारी और समृद्ध बनाना चाहते हैं, तो काजू के साथ खरबूजे के बीज अथवा छिले हुए बादाम भी उबलते वक्त शामिल कर सकते हैं। यह मिश्रण ग्रेवी को एकदम मखमली बनावट देता है। इसके अलावा पकने के अंतिम चरण में 1 बड़ा चम्मच फ्रेश क्रीम और हाथ से मसलकर कसूरी मेथी जरूर डालें, क्योंकि यह संयोजन ग्रेवी को वह विशिष्ट मखमली मिठास और लाजवाब खुशबू प्रदान करता है जिसकी उम्मीद लोग किसी अच्छे रेस्टोरेंट में करते हैं।

किन व्यंजनों में इस्तेमाल कर सकते हैं यह ग्रेवी

इस बहुउपयोगी ग्रेवी का इस्तेमाल कई तरह के स्वादिष्ट उत्तर भारतीय व्यंजनों में आसानी से किया जा सकता है। इसके रसे में पनीर के टुकड़े डालकर शाही पनीर या मटर पनीर बनाया जा सकता है। इसके अलावा मलाई कोफ्ता, मिक्स वेज, नवरत्न कोरमा, मशरूम करी, आलू-टमाटर की रसेदार सब्जी और सात्विक तरीके से बनी सोया चाप करी के लिए भी यह एक आदर्श बेस ग्रेवी का काम करती है।

सवाल-जवाब

बिना प्याज-लहसुन के ग्रेवी को गाढ़ा कैसे बनाया जाता है?
टमाटर और काजू को 5 से 7 मिनट उबालकर बारीक पेस्ट बनाने से ग्रेवी में प्राकृतिक रूप से गाढ़ापन आ जाता है।
ग्रेवी पकाते समय दही को फटने से कैसे बचाएं?
मसाले भुनने के बाद जब दही डालें, तो आंच धीमी रखें और करछुल से लगातार चलाते रहें।
तैयार ग्रेवी को कितने दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है?
इसे एक एयरटाइट कंटेनर में भरकर फ्रिज के अंदर 3 से 4 दिन तक आसानी से रखा जा सकता है।
काजू के अलावा ग्रेवी को और रिच बनाने के लिए क्या मिलाया जा सकता है?
ग्रेवी को अधिक समृद्ध बनाने के लिए काजू के साथ खरबूजे के बीज या बादाम उबाले जा सकते हैं, और अंत में फ्रेश क्रीम डाली जा सकती है।
इस ग्रेवी से कौन-कौन सी सब्जियां बनाई जा सकती हैं?
इससे शाही पनीर, मटर पनीर, मलाई कोफ्ता, मिक्स वेज, नवरत्न कोरमा, मशरूम करी और आलू-टमाटर जैसी कई सब्जियां बन सकती हैं।
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टिप्पणियाँ 2

Laxmi Gupta@laxmi-gupta·14 मिनट पहले

अंक ज्योतिष के दृष्टिकोण से, सात्विक आहार केवल शारीरिक शुद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मूलाधार और अनाहत चक्र को संतुलित कर मानसिक स्पष्टता और सकारात्मक ऊर्जा को भी तीव्र करता है। टमाटर और काजू का यह संयोजन चंद्रमा और शुक्र के सात्विक गुणों को पुष्ट करता है, जिससे पारिवारिक रिश्तों में सौहार्द और आध्यात्मिक चेतना में वृद्धि होती है। इस प्रकार का आहार भोजन को केवल तृप्ति का साधन न बनाकर, उच्च ऊर्जा का एक उत्तम स्रोत बना देता है।

Sandeep Yadav@sandeep-yadav·13 मिनट पहले

एक खेल संवाददाता के तौर पर, खिलाड़ियों के लिए स्टैमिना, रिकवरी और मेंटल फोकस सबसे ऊपर होते हैं। इस सात्विक ग्रेवी में काजू और टमाटर का उपयोग न केवल इंस्टेंट एनर्जी देता है, बल्कि भारी वसा से बचाते हुए एथलीटों को मैच के दौरान फुर्तीला बनाए रखता है। फिटनेस रूटीन में इस तरह के पोषक तत्वों को शामिल करने से बड़े टूर्नामेंट्स में खिलाड़ियों का स्टैमिना और एकाग्रता स्तर दोनों बेहतर होते हैं।

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