त्योहारों और धार्मिक अवसरों पर जब भोजन सात्विक रखना होता है, तो रसोई में सबसे बड़ी चुनौती ग्रेवी को गाढ़ा और जायकेदार बनाने की आती है। अधिकतर ढाबों और रेस्टोरेंट की तरकारी की बुनियादी शुरुआत प्याज और लहसुन के तड़के से होती है, जिससे ग्रेवी में स्वाभाविक भारीपन और तीखा स्वाद आता है। कई लोगों को यह गलतफहमी रहती है कि प्याज-लहसुन को हटा देने से रसा पतला रह जाएगा या उसमें वह पारंपरिक महक और स्वाद नहीं आ पाएगा। असल में अगर सही सामग्री का चुनाव किया जाए और मसालों को सलीके से भूना जाए, तो बिना इन दोनों चीजों के भी रेशमी, गाढ़ी और खुशबूदार ग्रेवी बनाई जा सकती है।
सात्विक थाली और पहले से तैयारी के लिए बेहतरीन विकल्प
टमाटर और मेवों के आधार पर बनने वाली यह खास करी न केवल नवरात्रि के दिनों में उपवास रखने वालों के लिए मुफीद है, बल्कि जैन खानपान का पालन करने वाले परिवारों और पूजा-पाठ के आयोजनों के लिए भी बहुत उपयोगी साबित होती है। इस ग्रेवी की एक बड़ी खूबी इसका समय बचाना है। इसे पहले से तैयार करके किसी साफ एयरटाइट डिब्बे में बंद कर फ्रिज के भीतर 3 से 4 दिन तक सुरक्षित रखा जा सकता है। जब भी घर पर कोई मेहमान आए या झटपट खाना परोसना हो, बस ग्रेवी निकाली, मनपसंद उबली या तली सब्जी मिलाई और कुछ ही पलों में गरमा-गरम पकवान तैयार हो जाता है।
पेस्ट बनाने से लेकर पकाने तक की सही विधि
इस ग्रेवी को बनाने के लिए सबसे पहले टमाटर और काजू को पानी में डालकर लगभग 5 से 7 मिनट तक अच्छी तरह उबालना चाहिए। जब दोनों चीजें थोड़ी नरम हो जाएं और मिश्रण ठंडा पड़ जाए, तो मिक्सी के जार में डालकर एकदम चिकना और महीन पेस्ट पीस लें। इसके बाद चूल्हे पर कड़ाही चढ़ाकर उसमें आवश्यकतानुसार घी अथवा कुकिंग ऑयल गर्म करें। गर्म घी में जीरा डालकर चटकाएं और फिर 1 छोटा चम्मच कद्दूकस किया हुआ ताजा अदरक डालकर हल्का सा भूनें ताकि उसका कच्चापन निकल जाए।
अब इस तड़के में पिसा हुआ टमाटर और काजू का पेस्ट पलट दें और मध्यम आंच पर 5 से 7 मिनट तक पकने दें। जब यह मिश्रण किनारों से घी या तेल छोड़ने लगे, तब इसमें स्वादानुसार लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और नमक डालकर अच्छी तरह करछुल से चलाएं। इसके तुरंत बाद फेंटा हुआ दही डालें और आंच धीमी करके लगातार हिलाते रहें, क्योंकि लगातार न चलाने पर गर्म ग्रेवी में दही के फटने की आशंका रहती है। दही के अच्छी तरह रच-बस जाने पर कसूरी मेथी और गरम मसाला छिड़कें तथा धीमी आंच पर 2 मिनट और पकाएं।
ग्रेवी को और अधिक शाही बनाने के नुस्खे
अगर आप इस रसे को ढाबे या पांच सितारा होटल जैसा भारी और समृद्ध बनाना चाहते हैं, तो काजू के साथ खरबूजे के बीज अथवा छिले हुए बादाम भी उबलते वक्त शामिल कर सकते हैं। यह मिश्रण ग्रेवी को एकदम मखमली बनावट देता है। इसके अलावा पकने के अंतिम चरण में 1 बड़ा चम्मच फ्रेश क्रीम और हाथ से मसलकर कसूरी मेथी जरूर डालें, क्योंकि यह संयोजन ग्रेवी को वह विशिष्ट मखमली मिठास और लाजवाब खुशबू प्रदान करता है जिसकी उम्मीद लोग किसी अच्छे रेस्टोरेंट में करते हैं।
किन व्यंजनों में इस्तेमाल कर सकते हैं यह ग्रेवी
इस बहुउपयोगी ग्रेवी का इस्तेमाल कई तरह के स्वादिष्ट उत्तर भारतीय व्यंजनों में आसानी से किया जा सकता है। इसके रसे में पनीर के टुकड़े डालकर शाही पनीर या मटर पनीर बनाया जा सकता है। इसके अलावा मलाई कोफ्ता, मिक्स वेज, नवरत्न कोरमा, मशरूम करी, आलू-टमाटर की रसेदार सब्जी और सात्विक तरीके से बनी सोया चाप करी के लिए भी यह एक आदर्श बेस ग्रेवी का काम करती है।




















