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गुड़ और देसी घी से तैयार करें बघेलखंडी शैली की मीठी मक्के की दलियाखानपान
20 सित॰ 2026, 8:17 am (33 मिनट पहले)· 0

गुड़ और देसी घी से तैयार करें बघेलखंडी शैली की मीठी मक्के की दलिया

सतना की पारंपरिक रसोई शैली में मक्के के दरदरे दानों, गुड़ और देसी घी से बनने वाली यह मीठी दलिया सुबह के नाश्ते और शाम के हल्के भोजन के लिए एक बेहतरीन देसी विकल्प है।

पारंपरिक भारतीय खानपान में अनाज के सीधे और सहज उपयोग से बनने वाले व्यंजनों का अपना एक अलग आकर्षण रहा है। मध्य प्रदेश के बघेलखंड क्षेत्र में घरों में उपलब्ध बेहद साधारण अनाजों से ऐसे स्वादिष्ट और सेहतमंद पकवान तैयार किए जाते हैं जिनका जायका लंबे समय तक जुबान पर बना रहता है। ऐसी ही एक खास देसी मिठाई या हल्का भोजन है मक्के की मीठी दलिया, जो बमुश्किल 10 मिनट के सक्रिय समय में बनकर तैयार हो जाती है। अगर आप दिन की शुरुआत में सुबह के नाश्ते के लिए या शाम की हल्की भूख मिटाने के लिए कोई ऐसा पकवान तलाश रहे हैं जो सुपाच्य भी हो, स्वादिष्ट भी हो और जिसमें गांव की पारंपरिक रसोई की खुशबू बसी हो, तो यह पारंपरिक व्यंजन एक बेहतरीन विकल्प साबित होता है।

साधारण घरेलू सामग्री से अनोखा स्वाद

इस पारंपरिक बघेलखंडी पकवान की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे पकाने के लिए किसी दुर्लभ या बाजार की विशेष सामग्री की दरकार नहीं होती। रसोई में आम तौर पर मौजूद रहने वाले मक्का, गुड़ और शुद्ध देसी घी के उचित तालमेल से ही इसका विशिष्ट स्वाद उभरकर सामने आता है। बघेलखंडी पद्धति में जब धीमी आंच पर भुने मक्के में पिघले गुड़ की मिठास और घी की सोंधी महक घुलती है, तो यह साधारण अनाज एक विशेष मिष्ठान्न का रूप ले लेता है। सतना निवासी अंजलि चतुर्वेदी का कहना है कि घर पर मक्के की मीठी दलिया तैयार करना बेहद सहज काम है और अगर इसे सही अनुपात और सही विधि से पकाया जाए, तो इसका अनूठा स्वाद ऐसा होता है कि लोग इसे बार-बार खाने की मांग करते हैं।

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मक्के को दरदरा तैयार करने का तरीका

इस पारंपरिक दलिया की सफलता मुख्य रूप से मक्के के दानों के आकार पर निर्भर करती है। तैयारी की शुरुआत करते हुए साबुत सूखे मक्के को चक्की या मिक्सी में दरदरा पीसना होता है। इस प्रक्रिया में सबसे जरूरी सावधानी यह रखनी होती है कि मक्का बारीक पिसकर आटे जैसा महीन न बने। इसके दानों को छोटे-छोटे टुकड़ों में टूटा होना चाहिए, ताकि पकने के बाद दलिया की बनावट दानेदार और मुंह में घुलने वाली रहे। अगर घर में पहले से कुटी या तैयार की गई मक्के की दलिया मौजूद हो, तो सीधे उसका भी इस्तेमाल किया जा सकता है। तैयार दरदरे मक्के को अच्छी तरह फटककर और साफ करके अलग बर्तन में रख लिया जाता है ताकि भूनते समय किसी तरह का कचरा या छिलका न रहे।

देसी घी में धीमी आंच पर भूनने की कला

दलिया बनाने के अगले चरण में एक भारी तले की कड़ाही में थोड़ा सा देसी घी डालकर गर्म किया जाता है। जब घी पिघलकर पर्याप्त गर्म हो जाए, तब उसमें साफ की हुई मक्के की दलिया डाली जाती है। यहां आंच का संतुलन सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे तेज आंच पर पकाने के बजाय बिल्कुल धीमी आंच पर लगातार कलछी चलाते हुए भूनना चाहिए। जैसे-जैसे मक्का धीमी आंच पर भुनता है, कड़ाही से सौंधी-सौंधी महक उठने लगती है और दानों का रंग भी हल्का सुनहरा बदलने लगता है। धीमी आंच पर भूनने से दाने अंदर तक सिक जाते हैं और उनमें कच्चापन बिल्कुल नहीं रहता। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि दलिया कच्ची भी न छूटे और ज्यादा जलकर गहरे भूरे रंग की भी न हो।

गुड़ का मीठा घोल बनाने की प्रक्रिया

जब एक तरफ कड़ाही में मक्के के दानों को भूना जा रहा हो, उसी दौरान दूसरी कड़ाही या पैन में पानी गर्म करने के लिए चढ़ाया जाता है। इस उबलते पानी में गुड़ के छोटे-छोटे टुकड़े डाले जाते हैं। गुड़ को पानी में लगभग 5 से 7 मिनट तक अच्छी तरह उबलने दिया जाता है ताकि वह पूरी तरह घुलकर एकसार मीठा पानी बन जाए। चूंकि पारंपरिक गुड़ में कभी-कभी गन्ने के बारीक रेशे या अन्य अशुद्धियां हो सकती हैं, इसलिए गुड़ के पानी को एक साफ छलनी से छानकर इस्तेमाल करना सुरक्षित और बेहतर रहता है। जब गुड़ पूरी तरह पानी में घुल जाए और घोल साफ हो जाए, तो इस गर्म मीठे पानी को भुनी हुई मक्के की दलिया वाली कड़ाही में धीरे-धीरे डाल दिया जाता है।

धीमी आंच पर एकसार पकाने का चरण

मीठे पानी को भुने मक्के में मिलाने के बाद दोनों को अच्छी तरह चलाया जाता है। कड़ाही को धीमी से मध्यम आंच पर रखा जाता है और लगातार चलाते रहना बेहद जरूरी होता है, ताकि मक्के के दाने कड़ाही के तले में चिपकें नहीं और उनमें किसी प्रकार की गुठलियां या गांठें न पड़ें। धीरे-धीरे मक्के के दाने गर्म पानी को अपने भीतर सोखना शुरू करते हैं और मिश्रण गाढ़ा होने लगता है। जब मक्के की दलिया पूरी तरह गलकर मुलायम हो जाए और परोसने लायक गाढ़ी बनावट में आ जाए, तब मिठास को परखकर स्वाद के मुताबिक थोड़ा और गुड़ मिलाया जा सकता है। इसके बाद इसे धीमी आंच पर कुछ मिनट और पकाया जाता है, जिससे अतिरिक्त गुड़ की मिठास पूरी दलिया के हर दाने में अच्छी तरह समा जाए।

स्वाद बढ़ाने वाले अतिरिक्त विकल्प और परोसना

अगर आप इस पारंपरिक दलिया में आधुनिक रसोई का थोड़ा और समृद्ध स्वाद जोड़ना चाहते हैं, तो पकते समय इसमें पिसी हुई हरी इलायची मिलाई जा सकती है। इसके साथ ही बारीक कटा हुआ सूखा नारियल और अपनी पसंद के बारीक कटे मेवे जैसे काजू या बादाम भी इसमें डाले जा सकते हैं। इन चीजों को मिलाने से दलिया का जायका और महक दोनों और ज्यादा निखर जाते हैं। हालांकि बघेलखंड के मूल ग्रामीण स्वाद के शौकीन मानते हैं कि केवल देसी घी और देसी गुड़ का पारंपरिक मेल ही इसे अपने आप में परिपूर्ण और खास बनाने के लिए पर्याप्त है।

पूरी तरह पक जाने के बाद इस मक्के की मीठी दलिया को गर्मागर्म कटोरियों में परोसा जाता है। गुड़ की प्राकृतिक मिठास, शुद्ध देसी घी की सौंधी खुशबू और मक्के का दानेदार देसी स्वाद मिलकर इसे एक बेजोड़ व्यंजन बना देते हैं। बघेलखंड के घरों में सामान्य सामग्री से बनने वाला यह व्यंजन न केवल जीभ को तृप्त करता है बल्कि पारंपरिक खानपान की सादगी का अहसास भी कराता है। इस मौसम में इसे सुबह के पौष्टिक नाश्ते के रूप में या शाम के भोजन के तौर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है। इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि इसे बनाना बेहद सरल है और व्यक्ति अपनी व्यक्तिगत पसंद के अनुसार इसमें गुड़, मेवे या इलायची का अनुपात घटा या बढ़ा सकता है।

सवाल-जवाब

मक्के की मीठी दलिया बनाने के लिए मुख्य रूप से क्या सामग्री चाहिए?
इसके लिए दरदरा पिसा हुआ मक्का, गुड़, शुद्ध देसी घी और पानी मुख्य सामग्री के रूप में उपयोग किए जाते हैं।
मक्के को किस तरह पीसना चाहिए?
मक्के को आटे जैसा बारीक नहीं पीसना चाहिए, बल्कि उसके छोटे-छोटे दानेदार टुकड़े रखने चाहिए ताकि दलिया की बनावट सही रहे।
गुड़ का पानी कैसे तैयार किया जाता है?
गर्म पानी में गुड़ के टुकड़े डालकर 5 से 7 मिनट तक पकाया जाता है ताकि वह पूरी तरह घुल जाए, जिसके बाद इसे छानकर दलिया में मिलाया जाता है।
मक्के को भूनते समय क्या सावधानी रखनी चाहिए?
मक्के को तेज आंच के बजाय धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भूनना चाहिए ताकि वह कच्चा न रहे और जले बिना हल्का सुनहरा हो जाए।
स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें अतिरिक्त क्या मिलाया जा सकता है?
स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए इसमें पिसी हुई हरी इलायची, सूखा कटा नारियल और अपनी पसंद के कटे हुए मेवे मिलाए जा सकते हैं।
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