मध्य प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र में बारिश और सुहावने मौसम के शुरू होते ही घरों में चटपटे और कुरकुरे व्यंजनों की मांग बढ़ जाती है। रिमझिम फुहारों के बीच गरमा-गरम पकौड़े, भजिए या किसी भी पारंपरिक नाश्ते का स्वाद तब और बढ़ जाता है जब थाली में एक तीखी और लाजवाब चटनी मौजूद हो। बुरहानपुर जिले में विशेष रूप से तैयार की जाने वाली लहसुन और लाल मिर्च की निमाड़ी चटनी अपने अनोखे तीखेपन और बेजोड़ खुशबू की वजह से हर घर में चाव से खाई जाती है। यह चटनी न केवल खाने का स्वाद कई गुना बढ़ा देती है, बल्कि लंबे समय तक खराब न होने के गुण के कारण भी बहुत लोकप्रिय है।
लंबे समय तक ताजगी और यात्रा के लिए मुफीद विकल्प
इस पारंपरिक चटनी की सबसे बड़ी खासियत इसकी शेल्फ लाइफ है। यदि इसे सही विधि से पकाया जाए और पूरी तरह साफ व सूखे एयरटाइट कंटेनर में स्टोर किया जाए, तो यह लगभग 15 दिनों तक बिल्कुल ताजा बनी रहती है। यही वजह है कि लंबी दूरी के सफर पर निकलने वाले मुसाफिर इसे अपने टिफिन में रखना बेहद पसंद करते हैं। ट्रेन या सड़क यात्रा के दौरान सादे पराठों और पूरियों के साथ यह चटनी एक संपूर्ण और स्वादिष्ट साथी साबित होती है। ठंड के महीनों में भी शरीर को गर्माहट देने के लिए लोग इसे बड़े पैमाने पर बनाकर रख लेते हैं।
घर पर तैयार करने की पारम्परिक विधि
इस चटनी को बनाने की विधि बहुत सीधी और सीमित सामग्रियों पर आधारित है। पकवानों की समझ रखने वाली स्थानीय महिला फूलाबाई के अनुसार, इस नुस्खे के लिए मुख्य रूप से ताजा लहसुन, सूखी लाल मिर्च, कुकिंग ऑयल और साबुत जीरे की आवश्यकता होती है। तैयारी के पहले चरण में लहसुन की कलियों को अच्छी तरह छीलकर साफ कर लिया जाता है। इसके बाद लाल मिर्च और लहसुन को एक साथ मिलाकर मिक्सी या सिलबट्टे पर दरदरा अथवा महीन पीस लिया जाता है।
अगले चरण में एक कड़ाही में तेल गरम किया जाता है और उसमें साबुत जीरा डालकर चटकाया जाता है। जैसे ही जीरे की खुशबू आने लगे, उसमें पिसा हुआ लहसुन और लाल मिर्च का पेस्ट डाल दिया जाता है। इस पूरे मिश्रण को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए तब तक पकाया जाता है जब तक कि मसालों का कच्चापन खत्म न हो जाए और तेल अलग न होने लगे। धीमी आंच पर भूनने से चटनी का तीखापन संतुलित होता है और उसकी सौंधी खुशबू निखर कर सामने आती है। पूरी तरह पकने के बाद इसे कमरे के तापमान पर ठंडा किया जाता है और फिर साफ व नमीमुक्त एयरटाइट डिब्बे में भर दिया जाता है।
रोटी, पराठे और पकौड़ों के साथ लाजवाब मेल
लाल मिर्च और लहसुन से तैयार यह निमाड़ी चटनी हर उम्र के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है। इसे सादी रोटी, कुरकुरे पराठे, तली हुई पूरियों और बरसात के मौसम में बनने वाले तरह-तरह के पकौड़ों के साथ परोसा जा सकता है। कम लागत और न्यूनतम समय में तैयार होने वाली यह डिश बुरहानपुर और समूचे निमाड़ की समृद्ध पाक संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है।




















