छोले के साथ परोसे जाने वाले गरमागरम, नरम और गुब्बारे की तरह फूले हुए भटूरे हर किसी को पसंद आते हैं। हालांकि, कई बार घर पर भटूरे बनाते समय वे सही तरीके से फूलते नहीं हैं या फिर ठंडे होते ही बहुत सख्त हो जाते हैं। इसका मुख्य कारण आटा सही तकनीक से न गूंथना होता है। हलवाई जैसे भटूरे बनाने के लिए आटे की सही बनावट, सामग्री का सटीक संतुलन और पर्याप्त समय तक विश्राम देना बेहद जरूरी होता है।
हलवाई स्टाइल भटूरे के लिए आवश्यक सामग्री
बेहतरीन भटूरे तैयार करने के लिए सामग्री का सही अनुपात होना आवश्यक है। आटा तैयार करने के लिए नीचे दी गई सामग्रियों की आवश्यकता होती है
- मैदा: 2 कप
- सूजी: 2 कप
- दही: आधा कप
- तेल: 1 बड़ा चम्मच (आटे में मिलाने के लिए) और तलने के लिए आवश्यकतानुसार
- नमक: स्वाद के अनुसार
- चीनी: स्वादानुसार
- बेकिंग पाउडर: आवश्यकतानुसार
- पानी: आटा गूंथने के लिए गुनगुना पानी
आटा गूंथने की सही विधि और तकनीक
भटूरे का आटा न तो अत्यधिक सख्त होना चाहिए और न ही इतना ढीला कि उसे बेलना ही मुश्किल हो जाए। आटा गूंथने के लिए सबसे पहले एक बड़े बर्तन या परात में 2 कप मैदा और 2 कप सूजी निकाल लें। इसमें स्वाद के अनुसार नमक, चीनी और बेकिंग पाउडर डालकर सभी सूखी सामग्रियों को आपस में अच्छी तरह मिला लें।
इसके बाद मिश्रण में आधा कप दही और 1 बड़ा चम्मच तेल डालें। अपने हाथों से इसे मैदा और सूजी के मिश्रण में अच्छी तरह मिलाएं, ताकि दही और मोयन पूरे आटे में समान रूप से फैल जाए। सूजी और दही मिलाने से आटे की बनावट में सुधार आता है और भटूरे अंदर से जालीदार तथा बाहर से हलके खस्ता बनते हैं।
अब थोड़ा-थोड़ा करके गुनगुना पानी डालते हुए आटा गूंथना शुरू करें। एक साथ पूरा पानी डालने की भूल न करें, अन्यथा आटा अत्यधिक गीला हो सकता है। धीरे-धीरे गुनगुना पानी मिलाते हुए एक बेहद नरम और मुलायम आटा तैयार करें।
आटे को आराम देना और लोइयां तैयार करना
जब आटा अच्छी तरह से गूंथ जाए, तो उसके ऊपरी हिस्से पर हल्का सा तेल लगा दें ताकि आटे पर पपड़ी न जमे। इसके बाद बर्तन को किसी ढक्कन या कपड़े से ढककर किसी गर्म स्थान पर करीब 2 से 3 घंटे के लिए रख दें। 2 से 3 घंटे का यह विश्राम आटे के लिए बेहद जरूरी होता है, क्योंकि इस दौरान दही और बेकिंग पाउडर की प्रतिक्रिया से आटे में हल्का खमीर उठता है और उसकी बनावट भटूरे बेलने के लिए एकदम उपयुक्त हो जाती है।
निर्धारित 2 से 3 घंटे बीत जाने के बाद आटे को देखें और अपने हाथों से हल्के से एक बार फिर गूंथ लें। इसके बाद पूरे आटे से बराबर आकार की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर तैयार कर लें।
भटूरे बेलने और तलने के महत्वपूर्ण नियम
तैयार लोइयों में से एक-एक लोई लें और उसे हल्के हाथों से बेलन की मदद से गोल या अंडाकार भटूरे के रूप में बेल लें। बेलते समय बहुत अधिक दबाव न डालें।
इसी बीच एक कड़ाही में तलने के लिए पर्याप्त तेल डालकर उसे अच्छी तरह गर्म करें। भटूरे तलने के लिए तेल का तेज गर्म होना सबसे आवश्यक नियम है। जब तेल में से सही आंच आने लगे, तब बेले हुए भटूरे को सावधानीपूर्वक गर्म तेल में डालें।
तेल में डालते ही झारे की मदद से भटूरे को ऊपर से हल्के-हल्के से दबाएं। ऐसा करने से हवा अंदर भरती है और भटूरा तुरंत गुब्बारे की तरह फूल जाता है। जब भटूरा एक तरफ से हल्का सुनहरा हो जाए, तो उसे पलट दें और दूसरी तरफ से भी सुनहरा होने तक तलें। दोनों तरफ से सिक जाने के बाद इसे कड़ाही से बाहर निकाल लें।
यदि तेल पर्याप्त गर्म नहीं होगा या ठंडा होगा, तो भटूरे ठीक से फूल नहीं पाएंगे और कड़ाही का बहुत सारा तेल सोख लेंगे। इसलिए सही तापमान पर ही भटूरे तलें और गरमागरम छोले के साथ सर्व करें।



















