मिठाइयों के शौकीन लोगों के सामने अक्सर वजन नियंत्रित रखने और मीठे की लालसा को शांत करने के बीच संतुलन बनाना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। पारंपरिक रसमलाई में गाढ़ी रबड़ी, भारी मलाई और भरपूर चीनी का इस्तेमाल होता है, जिसकी वजह से फिटनेस पर ध्यान देने वाले लोग इससे दूरी बना लेते हैं। मखाने से तैयार की जाने वाली खास रसमलाई एक ऐसा बेहतरीन और पौष्टिक विकल्प बनकर सामने आई है जो स्वाद से समझौता किए बिना डाइट को पटरी पर बनाए रखती है। यह पूरी रेसिपी छह लोगों को परोसने के लिए पर्याप्त है और इसकी हर एक सर्विंग में शरीर को लगभग 180 कैलोरी के साथ करीब 8 ग्राम प्रोटीन प्राप्त होता है।
रसमलाई तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री
इस पौष्टिक मिठाई को बनाने के लिए रसोई में मिलने वाले बुनियादी तत्वों की आवश्यकता होती है। रेसिपी के मुताबिक 1 लीटर टोंड दूध, थोड़े से पानी में पहले से भिगोकर रखा गया केसर और 2 चम्मच स्किम्ड मिल्क पाउडर (जिसे थोड़े से पानी में घोल लिया गया हो) की जरूरत पड़ती है। मेवों के तौर पर 5 कटे हुए बादाम, बारीक कटे काजू और पिस्ता लिए जाते हैं। मखाने को दो तरह से शामिल किया जाता है, जिसमें आधा कप भुना हुआ मखाना पीसकर पाउडर के रूप में और 70 ग्राम भुना हुआ साबुत मखाना रखा जाता है। इसके अलावा स्वाद के मुताबिक ज़ीरो कैलोरी स्वीटनर, सजावट के लिए ताजी गुलाब की पंखुड़ियां और स्वाद बढ़ाने के लिए सीताफल का गूदा चाहिए होता है।
दूध पकाने और गाढ़ा करने की शुरुआत
तैयारी की शुरुआत एक भारी तले वाले बर्तन या कढ़ाई से होती है। कढ़ाई में 1 लीटर टोंड दूध डालकर उसे हल्की आंच पर चढ़ाया जाता है। दूध को करीब 10 से 15 मिनट तक बिना रुके लगातार चलाना बेहद जरूरी होता है, ताकि वह तली में चिपककर जले नहीं। जब दूध उबलते हुए थोड़ा कम और गाढ़ा होने लगे, तब कटोरी में घोला गया 2 चम्मच स्किम्ड मिल्क पाउडर का मिश्रण धीरे-धीरे इसमें मिलाया जाता है। इसी चरण पर केसर का पानी भी दूध में शामिल कर दिया जाता है। धीमी आंच पर लगातार चलाते रहने से दूध में केसर का खूबसूरत रंग और गाढ़ापन एक समान घुलने लगता है।
मखाना और मेवों का क्रीमी मेल
रसमलाई का मुख्य आधार मखाना होता है। मखानों को सूखा भूनकर कुरकुरा बना लिया जाता है। इसके बाद आधा कप भुने हुए मखानों को मिक्सी में पीसकर बारीक चूर्ण बना लें। इस मखाना पाउडर को पकते हुए दूध में धीरे-धीरे डालकर मिलाया जाता है। पाउडर दूध को प्राकृतिक रूप से रबड़ी जैसा गाढ़ा और मखमली टेक्सचर देने का काम करता है। इसके तुरंत बाद बाकी बचा हुआ 70 ग्राम साबुत भुना मखाना कढ़ाई में डाला जाता है, जिससे रसमलाई में पारंपरिक छेने जैसी बनावट मिलती है। साथ ही बारीक कटे हुए बादाम, काजू और पिस्ता भी डाल दिए जाते हैं और पूरे मिश्रण को अच्छी तरह मिलाया जाता है।
मिठास, ठंडा करने का तरीका और परोसना
पूरी सामग्री मिल जाने के बाद मिश्रण में स्वादानुसार ज़ीरो कैलोरी स्वीटनर मिलाया जाता है। इसे धीमी आंच पर दो से तीन मिनट और पकाने के बाद गैस बंद कर दी जाती है। कढ़ाई को सामान्य तापमान पर ठंडा होने के लिए रख दिया जाता है। जब मिश्रण पूरी तरह ठंडा हो जाए, तो इसे किसी बर्तन में निकालकर कुछ घंटों के लिए फ्रिज में रख दिया जाता है ताकि यह अच्छी तरह चिल्ड हो जाए। परोसने से ठीक पहले इसे गुलाब की पंखुड़ियों से सजाया जा सकता है। स्वाद में अतिरिक्त ताजगी जोड़ने के लिए इसमें आम या सीताफल का प्राकृतिक गूदा मिलाकर ठंडा-ठंडा परोसा जाता है।


















