तेलंगाना के जंगलों में आम की सूखी गुठलियों से तैयार होती थी पारंपरिक अंबली, बहते पानी में धुलता था कड़वापनकंधे तक पहुंचते ही क्यों थम जाती है बालों की लंबाई, जानिए असली वजह और बचाव के उपायमजबूत अमेरिकी अर्थव्यवस्था और बढ़ते बॉन्ड यील्ड के दम पर डॉलर सालाना रिकॉर्ड के करीब, वैश्विक मुद्राओं पर दबावरायला में संगम इंडिया यूनिट के री-साइकिल परिसर में धधकी आग, गोदाम का सामान जलने से भारी नुकसानराज़दार बैंकर्स पर बढ़ता सियासी शिकंजा और डॉलर की दहाड़ से पस्त होते वैश्विक बाजारबच्चों के लंच बॉक्स के लिए झटपट बनाएं पौष्टिक सूजी बेसन वेज चीलाक्या अब सभी शनिवार को बंद रहेंगे सरकारी बैंक, जानिए वायरल राजपत्र पर सरकार की स्पष्ट चेतावनीहवाई हमलों पर भड़का तालिबान, कहा दो दिन के भीतर पेशावर में फहरा सकते हैं अपना झंडाट्रेजरी यील्ड 24 साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने से वॉल स्ट्रीट में गिरावट, डाउ फ्यूचर्स 220 अंक फिसलाशेयर बाजार में मनीव्यू की जोरदार एंट्री, एनएसई पर 62 फीसदी प्रीमियम के साथ 55 रुपये पर लिस्टिंग
पालक और मसालों के मेल से घर पर बनाएं पौष्टिक हरियाली छोले करीखानपान
1 अक्तू॰ 2026, 2:52 pm (26 मिनट पहले)· 0

पालक और मसालों के मेल से घर पर बनाएं पौष्टिक हरियाली छोले करी

पारंपरिक छोले से हटकर पालक, हरे धनिये और मसालों से तैयार यह स्वादिष्ट हरियाली छोले करी पोषण और स्वाद का शानदार संगम पेश करती है.

रोजमर्रा के भोजन में अगर आप सामान्य छोले की जगह कुछ पौष्टिक और नया आजमाना चाहते हैं, तो हरियाली छोले करी एक आदर्श व्यंजन साबित होती है. यह खास डिश ताजे पालक, हरे धनिये और भारतीय मसालों की ग्रेवी में तैयार की जाती है. स्वाद के साथ-साथ यह सेहत के लिहाज से भी काफी फायदेमंद है, क्योंकि पालक से शरीर को पर्याप्त आयरन, विटामिन और फाइबर मिलता है, जबकि उबले हुए काबुली चने प्रोटीन की खुराक पूरी करते हैं.

पालक को ब्लांच करने और पेस्ट तैयार करने की विधि

इस करी को बनाने के लिए सबसे पहले ताजे पालक के पत्तों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें. इसके बाद एक गहरे बर्तन में पानी खौलाएं और उसमें पालक के पत्तों को ठीक 2 मिनट के लिए डालें. 2 मिनट बाद पत्तों को तुरंत गर्म पानी से निकालकर बर्फ वाले ठंडे पानी में डाल दें. ऐसा करने से पालक का प्राकृतिक हरा रंग पूरी तरह सुरक्षित रहता है और करी का रंग गहरा हरा बनता है. जब पत्ते ठंडे हो जाएं, तो मिक्सर जार में ब्लांच किया हुआ पालक, ताजा हरा धनिया, हरी मिर्च और अदरक का टुकड़ा डालकर एकदम बारीक और चिकना पेस्ट तैयार कर लें.

ये भी पढ़ें

तड़का और ग्रेवी पकाने का तरीका

अब गैस पर एक कड़ाही या चौड़ा पैन चढ़ाएं और उसमें तेल गर्म करें. गर्म तेल में साबुत जीरा डालकर चटकाएं और फिर बारीक कटा प्याज डालकर मध्यम आंच पर सुनहरा होने तक भूनें. प्याज भुन जाने के बाद कटे हुए टमाटर डालें और उनके पूरी तरह गलकर नरम होने तक पकाएं. इसके बाद हल्दी, धनिया पाउडर और स्वादानुसार नमक डालकर मसाले को अच्छी तरह भूनें. जब मसाला किनारों से तेल छोड़ने लगे, तब इसमें पहले से पीसा हुआ पालक और धनिये का पेस्ट मिला दें. इस पेस्ट को मध्यम आंच पर करीब 4 से 5 मिनट तक लगातार चलाते हुए पकाएं, ताकि पालक का कच्चापन पूरी तरह खत्म हो जाए.

छोले मिलाने और पकाने की प्रक्रिया

ग्रेवी के अच्छे से पक जाने के बाद इसमें पहले से उबाले हुए छोले डालकर अच्छी तरह मिला दें, ताकि चनों पर ग्रेवी की परत चढ़ जाए. इसके बाद करी में एक कप पानी डालें और कड़ाही को ढककर धीमी आंच पर लगभग 10 मिनट तक पकने दें. धीमी आंच पर पकने से छोले ग्रेवी और मसालों के सभी स्वादों को भीतर तक अच्छी तरह सोख लेते हैं. जब ग्रेवी गाढ़ी हो जाए, तब अंत में पिसा हुआ गरम मसाला छिड़कें, 2 मिनट तक धीमी आंच पर चलाएं और फिर गैस बंद कर दें.

पोषण लाभ और परोसने का सुझाव

पोषण के नजरिए से पालक में मौजूद आयरन, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट शरीर को जरूरी ऊर्जा और पोषण देते हैं. वहीं छोले में उच्च मात्रा में प्रोटीन और फाइबर होता है, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद करता है. करी में इस्तेमाल अदरक और हरा धनिया पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में सहायक हैं, जिससे यह बच्चों और बड़ों दोनों के लिए संतुलित आहार का हिस्सा बनती है. इस गर्मागर्म हरियाली छोले करी को तंदूरी रोटी, नान, पराठे, जीरा राइस या सादे चावल के साथ परोसें. अगर आप इसका स्वाद और अधिक बढ़ाना चाहते हैं, तो परोसते समय ऊपर से थोड़ा सा मक्खन या ताजा क्रीम डाल सकते हैं.

सवाल-जवाब

पालक को ब्लांच करते समय ठंडे पानी में क्यों डाला जाता है?
खौलते पानी में 2 मिनट पकाने के बाद तुरंत ठंडे पानी में डालने से पालक का प्राकृतिक हरा रंग सुरक्षित रहता है और करी का रंग काला नहीं पड़ता.
हरियाली छोले करी में पालक और धनिये के पेस्ट को कितनी देर पकाना चाहिए?
इस पेस्ट को मध्यम आंच पर 4 से 5 मिनट तक पकाना चाहिए, ताकि पालक और धनिये का कच्चापन पूरी तरह समाप्त हो जाए.
छोले मिलाने के बाद करी को कितनी देर धीमी आंच पर पकाना होता है?
उबले छोले और एक कप पानी डालने के बाद करी को धीमी आंच पर ठीक 10 मिनट तक पकने देना चाहिए, ताकि छोले मसालों का स्वाद सोख लें.
यह डिश स्वास्थ्य के लिए किस तरह फायदेमंद मानी जाती है?
इसमें मौजूद छोले प्रोटीन और फाइबर प्रदान करते हैं, जबकि पालक से शरीर को आयरन, कैल्शियम और जरूरी एंटीऑक्सीडेंट मिलते हैं.
हरियाली छोले करी को किन चीजों के साथ परोसा जा सकता है?
इसे तंदूरी रोटी, नान, पराठे, जीरा राइस या सादे चावल के साथ परोसा जा सकता है, और स्वाद बढ़ाने के लिए ऊपर से मक्खन या क्रीम डाली जा सकती है.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp