रोजमर्रा के भोजन में अगर आप सामान्य छोले की जगह कुछ पौष्टिक और नया आजमाना चाहते हैं, तो हरियाली छोले करी एक आदर्श व्यंजन साबित होती है. यह खास डिश ताजे पालक, हरे धनिये और भारतीय मसालों की ग्रेवी में तैयार की जाती है. स्वाद के साथ-साथ यह सेहत के लिहाज से भी काफी फायदेमंद है, क्योंकि पालक से शरीर को पर्याप्त आयरन, विटामिन और फाइबर मिलता है, जबकि उबले हुए काबुली चने प्रोटीन की खुराक पूरी करते हैं.
पालक को ब्लांच करने और पेस्ट तैयार करने की विधि
इस करी को बनाने के लिए सबसे पहले ताजे पालक के पत्तों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें. इसके बाद एक गहरे बर्तन में पानी खौलाएं और उसमें पालक के पत्तों को ठीक 2 मिनट के लिए डालें. 2 मिनट बाद पत्तों को तुरंत गर्म पानी से निकालकर बर्फ वाले ठंडे पानी में डाल दें. ऐसा करने से पालक का प्राकृतिक हरा रंग पूरी तरह सुरक्षित रहता है और करी का रंग गहरा हरा बनता है. जब पत्ते ठंडे हो जाएं, तो मिक्सर जार में ब्लांच किया हुआ पालक, ताजा हरा धनिया, हरी मिर्च और अदरक का टुकड़ा डालकर एकदम बारीक और चिकना पेस्ट तैयार कर लें.
तड़का और ग्रेवी पकाने का तरीका
अब गैस पर एक कड़ाही या चौड़ा पैन चढ़ाएं और उसमें तेल गर्म करें. गर्म तेल में साबुत जीरा डालकर चटकाएं और फिर बारीक कटा प्याज डालकर मध्यम आंच पर सुनहरा होने तक भूनें. प्याज भुन जाने के बाद कटे हुए टमाटर डालें और उनके पूरी तरह गलकर नरम होने तक पकाएं. इसके बाद हल्दी, धनिया पाउडर और स्वादानुसार नमक डालकर मसाले को अच्छी तरह भूनें. जब मसाला किनारों से तेल छोड़ने लगे, तब इसमें पहले से पीसा हुआ पालक और धनिये का पेस्ट मिला दें. इस पेस्ट को मध्यम आंच पर करीब 4 से 5 मिनट तक लगातार चलाते हुए पकाएं, ताकि पालक का कच्चापन पूरी तरह खत्म हो जाए.
छोले मिलाने और पकाने की प्रक्रिया
ग्रेवी के अच्छे से पक जाने के बाद इसमें पहले से उबाले हुए छोले डालकर अच्छी तरह मिला दें, ताकि चनों पर ग्रेवी की परत चढ़ जाए. इसके बाद करी में एक कप पानी डालें और कड़ाही को ढककर धीमी आंच पर लगभग 10 मिनट तक पकने दें. धीमी आंच पर पकने से छोले ग्रेवी और मसालों के सभी स्वादों को भीतर तक अच्छी तरह सोख लेते हैं. जब ग्रेवी गाढ़ी हो जाए, तब अंत में पिसा हुआ गरम मसाला छिड़कें, 2 मिनट तक धीमी आंच पर चलाएं और फिर गैस बंद कर दें.
पोषण लाभ और परोसने का सुझाव
पोषण के नजरिए से पालक में मौजूद आयरन, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट शरीर को जरूरी ऊर्जा और पोषण देते हैं. वहीं छोले में उच्च मात्रा में प्रोटीन और फाइबर होता है, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद करता है. करी में इस्तेमाल अदरक और हरा धनिया पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में सहायक हैं, जिससे यह बच्चों और बड़ों दोनों के लिए संतुलित आहार का हिस्सा बनती है. इस गर्मागर्म हरियाली छोले करी को तंदूरी रोटी, नान, पराठे, जीरा राइस या सादे चावल के साथ परोसें. अगर आप इसका स्वाद और अधिक बढ़ाना चाहते हैं, तो परोसते समय ऊपर से थोड़ा सा मक्खन या ताजा क्रीम डाल सकते हैं.



















