राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में इस त्योहारी सीजन के दौरान एक बेहद अनोखा मिष्ठान चर्चा के केंद्र में बना हुआ है। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मौजपुर स्थित शगुन स्वीट्स ने इस बार रक्षाबंधन के पावन पर्व के उपलक्ष्य में एक खास सुपरपावर पैक घेवर बाजार में उतारा है। शुद्ध देसी घी में तैयार किया गया यह प्रीमियम घेवर मुंह में रखते ही पूरी तरह से घुल जाता है। इसमें चिलगोजा जैसे कीमती और सेहतमंद ड्राई फ्रूट्स के साथ-साथ शुद्ध केसर का स्वाद मिलाया गया है। स्वाद और सेहत के इस अनोखे संगम को लोग रक्षाबंधन पर अपनों को उपहार में देने के लिए खूब पसंद कर रहे हैं।
प्रीमियम चिलगोजा और केसर का खास फ्लेवर
शगुन स्वीट्स मौजपुर की सदस्य जिज्ञासा ने इस स्पेशल घेवर की विशेषताओं पर रोशनी डालते हुए बताया कि बाजार में मिलने वाले सामान्य घेवर की तुलना में यह काफी अलग और प्रीमियम श्रेणी का है। इसे तैयार करने के लिए विशेष रूप से शुद्ध देसी घी का उपयोग किया गया है। इसके अलावा, इसमें मुख्य घटक के रूप में चिलगोजा जैसे महंगे और पौष्टिक ड्राई फ्रूट का इस्तेमाल हुआ है। चिलगोजा न केवल स्वाद को कई गुना बढ़ा देता है, बल्कि यह सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद माना जाता है।
जिज्ञासा के मुताबिक, इस घेवर में चिलगोजा के साथ-साथ केसर का फ्लेवर भी शामिल किया गया है। केसर भी अपने स्वास्थ्यवर्धक गुणों और मनमोहक सुगंध के लिए जाना जाता है। जब चिलगोजा और केसर का स्वाद देसी घी के साथ मिलता है, तो यह घेवर न केवल खाने में बेहद स्वादिष्ट बन जाता है, बल्कि पौष्टिकता से भी भरपूर रहता है। ग्राहकों की सुविधा के अनुसार इसकी बिक्री वजन यानी किलोग्राम के हिसाब से अलग-अलग कीमतों पर की जा रही है।
देश भर से आ रही मांग, मुंबई तक भेजे जा रहे डिब्बे
शगुन स्वीट्स के मालिक मुकेश बंसल ने बताया कि इस नए और अनोखे फ्लेवर वाले घेवर की बाजार में जबरदस्त मांग देखी जा रही है। रक्षाबंधन और सावन के महीने में लोग इसे खास तौर पर गिफ्ट आइटम के रूप में खरीद रहे हैं। स्थिति यह है कि दिल्ली-एनसीआर के स्थानीय ग्राहक ही नहीं, बल्कि कई लोग इसे मुंबई जैसे दूर-दराज के शहरों में अपने रिश्तेदारों और परिचितों के लिए पार्सल करवा कर भेज रहे हैं। यह घेवर मुख्य रूप से उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जो प्रीमियम क्वालिटी और महंगे पारंपरिक मिष्ठान खरीदना पसंद करते हैं।
सावन और रक्षाबंधन के बाद केवल स्पेशल ऑर्डर पर निर्माण
पारंपरिक रूप से घेवर सावन के महीने और रक्षाबंधन के त्योहार की मुख्य पहचान माना जाता है। मुकेश बंसल के अनुसार, पूरे साल में यही वह सीजन होता है जब बाजार में घेवर की बिक्री सबसे ज्यादा होती है और इसे अलग-अलग फ्लेवर एवं वैरायटी में तैयार किया जाता है। सावन और रक्षाबंधन का त्यौहार बीत जाने के बाद आम दुकानों से घेवर की उपलब्धता समाप्त हो जाती है। इसके बाद अगर किसी को यह खास चिलगोजा घेवर चाहिए होता है, तो इसे केवल विशेष ऑर्डर पर ही तैयार किया जाता है।



















