बिहार के छपरा-सिवान मुख्य मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों और स्थानीय निवासियों के बीच एकमा बाजार का एक फूड स्टॉल इन दिनों खूब लोकप्रिय हो रहा है। इस ठिकाने पर पिछले 10 वर्षों से राजेश नाम के विक्रेता अपने ठेले पर गरमा-गरम और स्वादिष्ट पकौड़े परोस रहे हैं। शुद्धता और बेहतरीन स्वाद के कारण यहां शाम ढलते ही चटपटे व्यंजनों के शौकीनों का जमावड़ा लगने लगता है।
5 अलग-अलग किस्म के पकौड़े और 3 खास देसी चटनियां
राजेश का यह स्टॉल रोजाना दोपहर 3:00 बजे खुलता है और रात 9:00 बजे तक ग्राहकों की सेवा में रहता है। उनके ठेले पर हर समय पांच प्रकार के ताजा पकौड़े तैयार मिलते हैं, जिनमें आलू पकौड़ा, बैंगन पकौड़ा, गोभी पकौड़ा, लौकी पकौड़ा और ब्रेड पकौड़ा शामिल हैं। पकौड़ों का स्वाद बढ़ाने के लिए साथ में तीन तरह की देसी चटनियां दी जाती हैं। ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार हरी धनिया की चटनी, खट्टी-मीठी आम की चटनी और स्वास्थ्यवर्धक आंवले की चटनी का आनंद ले सकते हैं। छपरा और सिवान दोनों जिलों के राहगीर यहां रुककर इन पकौड़ों का लुत्फ उठाते हैं।
घर पर पिसा बेसन और शुद्ध मसालों का अनोखा मेल
राजेश के पकौड़ों के खास स्वाद का राज उनकी पारंपरिक तैयारी में छिपा है। वे बाजार में मिलने वाले रेडीमेड बेसन या पिसे मसालों का प्रयोग नहीं करते। इसके बजाय वे खुद साबुत चना खरीदकर उसका बेसन तैयार करवाते हैं। पकौड़ों के मसाले के लिए वे लहसुन, प्याज, हल्दी, गरम मसाला, गोल मिर्च, जीरा और अजवाइन-मंगरैला जैसे खड़े मसालों को खुद पीसकर मिलाते हैं।
शुद्ध सरसों तेल और स्वच्छता से जीता ग्राहकों का भरोसा
पकौड़ों को तलने के लिए राजेश केवल 100% शुद्ध सरसों के तेल का इस्तेमाल करते हैं। पिछले एक दशक से वे अपने स्टॉल पर साफ-सफाई और सामग्री की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रख रहे हैं। इसी ईमानदारी और शुद्धता की बदौलत छपरा-सिवान मार्ग से गुजरने वाले लोगों के बीच उनका स्टॉल बेहद लोकप्रिय हो चुका है और रोज शाम यहां ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ती है।



















