बिना झंझट मिनटों में तैयार करें स्वादिष्ट बेसन कढ़ी, चावल के साथ परोसने की सरल विधिचक्रवात अर्नब का कहर: आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी तबाही पर राहुल गांधी ने जताई गहरी चिंतासूरत में मासूम बच्ची से दरिंदगी करने वाला पकड़ा गया, पुलिस ने इलाके में कराया सीन रीक्रिएशनमणिपुर में चुनावी हलचल: ज़ेडआरओ प्रमुख के बेटे डॉ. थांखनखुप गुइते लड़ेंगे 2027 का विधानसभा चुनावहॉर्नबिल महोत्सव से पहले नगालैंड ने केंद्र से प्रोटेक्टेड एरिया परमिट पूरी तरह हटाने की उठाई मांगमातृभाषा में शुरुआती पढ़ाई से आदिवासी बच्चों की सीखने की क्षमता में हुआ बड़ा सुधारकरनाल के सिंगड़ा गांव में जोहड़ से मिला दो साल के लापता एकांश का शवमेघालय के दक्षिण गारो हिल्स में नेशनल हाईवे-62 के निर्माण में देरी से आक्रोश, प्रशासन ने लगाया प्रदर्शन पर प्रतिबंधपश्चिम बंगाल में घुसपैठियों को होल्डिंग स्टेशन में रखकर वापस भेजा जाएगा, शुभेंदु अधिकारी का कड़ा रुखबेंगलुरु में अपहरण केस में नाटकीय मोड़, मुक्त कराए गए दोनों टेक कर्मी और साजिशकर्ता महिला समेत 13 लोग हिरासत में
फिरोजाबाद में गेहूं के आटे में चूने की मिलावट रोकने को अभियान, जानें घर बैठे शुद्धता जांचने का तरीकाखानपान
30 जुल॰ 2026, 10:28 am (92 दिन पहले)· 1

फिरोजाबाद में गेहूं के आटे में चूने की मिलावट रोकने को अभियान, जानें घर बैठे शुद्धता जांचने का तरीका

फिरोजाबाद में खाद्य सुरक्षा विभाग ने आटा चक्कियों पर छापेमारी कर सैंपल प्रयोगशाला भेजे हैं और उपभोक्ताओं को पानी की मदद से आटे की शुद्धता जांचने की आसान विधि बताई है।

फिरोजाबाद जिले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने आटा चक्कियों और खाद्य पैकेजिंग इकाइयों के खिलाफ सतर्कता बढ़ा दी है। रसोई के सबसे मुख्य घटक यानी गेहूं के आटे में मिलावट की बढ़ती शिकायतों के बाद विभाग ने जिले भर में सघन चेकिंग अभियान शुरू किया है। रोजमर्रा के भोजन में इस्तेमाल होने वाला आटा स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है, लेकिन इसमें अशुद्धियां मिलने से लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि किसी भी प्रकार की खाद्य सामग्री में मिलावट जनता के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

घरेलू रसोई तक पहुंच रही अशुद्धियों का खतरा

बाजार में उपलब्ध आटे में कई तरह की अवांछित चीजें मिलाए जाने की आशंका जताई गई है। आटा चक्कियों से लेकर बड़े ब्रांड्स तक के प्रोडक्ट में ऐसी शिकायतें सामने आती रही हैं। मुख्य रूप से आटे में पत्थर का चूना, चॉक का चूना, घटिया गुणवत्ता का मैदा तथा आटा चक्कियों की मशीनों में जमी गंदगी मिलाई जाती है। इस प्रकार के रसायन और गंदगी पेट की गंभीर बीमारियों, पाचन तंत्र की खराबी और लंबी अवधि में अन्य शारीरिक समस्याओं का कारण बन सकते हैं। आम तौर पर सामान्य आंखों से आटे की मिलावट को पकड़ना बेहद मुश्किल होता है, जिसके कारण उपभोक्ता अनजाने में अस्वास्थ्यकर भोजन का सेवन करते रहते हैं।

ये भी पढ़ें

पानी से करें आटे की शुद्धता की घरेलू जांच

उपभोक्ताओं को मिलावटी आटे से बचाने के लिए सहायक आयुक्त चंदन पांडे ने एक बेहद सरल घरेलू परीक्षण की जानकारी दी है। यदि आप स्थानीय चक्की या दुकान से आटा खरीदते हैं, तो उसकी गुणवत्ता जांचने के लिए थोड़ा सा आटा लेकर एक पारदर्शी कांच के गिलास में पानी डालकर मिलाएं। अगर आटा पूरी तरह शुद्ध होगा तो वह पानी में घुलनशील और सामान्य रूप में दिखाई देगा। इसके विपरीत, यदि आटे में पत्थर का चूना या चॉक पाउडर मिला होगा, तो भारी अशुद्धियां और छोटे-छोटे कंकड़ गिलास के तले में नीचे जम जाएंगे। इसके अलावा अशुद्ध आटे से बनी रोटियों का स्वाद और बनावट भी सामान्य आटे से काफी अलग महसूस होती है।

सावन के सीजन में सघन चेकिंग और सैंपल जांच

सावन का महीना शुरू होने के साथ ही घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में तरह-तरह के खाद्य पदार्थों की मांग काफी बढ़ जाती है। इस अवधि में मिठाई, फलाहार और नमकीन जैसे व्यंजनों का निर्माण तेजी से होता है। मांग में इस बढ़ोतरी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की विशेष टीमों ने जिले की विभिन्न आटा चक्कियों पर छापेमारी की है। कई स्थानों से आटा चक्कियों में पत्थर का चूना मिलाए जाने की विशिष्ट सूचनाएं प्राप्त हुई थीं, जिसके आधार पर अधिकारियों ने संदिग्ध स्थलों से आटे के नमूने एकत्र किए हैं। इन सभी सैंपलों को सरकारी प्रयोगशाला में रासायनिक परीक्षण के लिए भेज दिया गया है।

फर्मों को सख्त चेतावनी और जन जागरूकता

जांच अभियान के दौरान विभागीय अधिकारियों ने आटे की पैकेजिंग करने वाली व्यावसायिक फर्मों और चक्की संचालकों को सख्त हिदायत दी है। निर्माण स्थल पर साफ-सफाई के उच्चतम मानकों का पालन करने और गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न करने के निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लैब टेस्ट रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होने पर दोषी चक्की संचालकों और फर्मों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही आम जनता से भी अपील की गई है कि वे खरीदारी करते समय सजग रहें और किसी भी संदिग्ध सामग्री की जानकारी मिलने पर तुरंत खाद्य विभाग को सूचित करें।

सवाल-जवाब

आटे में मुख्य रूप से किन चीजों की मिलावट की जाती है?
गेहूं के आटे में मुख्य रूप से पत्थर का चूना, चॉक पाउडर, घटिया गुणवत्ता का मैदा और चक्कियों में जमी गंदगी मिलाई जाती है।
पानी से घर पर आटे की शुद्धता कैसे चेक करें?
एक गिलास पानी में थोड़ा सा आटा मिलाकर देखें, यदि आटे में कंकड़ या चूना होगा तो अशुद्धियां गिलास के पेंदे में नीचे बैठ जाएंगी।
फिरोजाबाद में खाद्य विभाग ने क्या कदम उठाए हैं?
सहायक आयुक्त चंदन पांडे के नेतृत्व में टीमों ने आटा चक्कियों पर छापेमारी कर सैंपल लैब टेस्ट के लिए भेजे हैं और पैकेजिंग फर्मों को चेतावनी दी है।
सावन के दौरान खाद्य सुरक्षा जांच क्यों तेज कर दी गई है?
सावन में त्योहारों और उपवास के कारण खाद्य पदार्थों का निर्माण और खपत बढ़ जाती है, जिससे मिलावट की संभावना भी बढ़ जाती है।
मिलावटी आटा मिलने पर आम नागरिक क्या करें?
यदि आटा अशुद्ध या संदिग्ध लगे तो उपभोक्ता तुरंत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को इसकी सूचना दे सकते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp