फिरोजाबाद जिले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने आटा चक्कियों और खाद्य पैकेजिंग इकाइयों के खिलाफ सतर्कता बढ़ा दी है। रसोई के सबसे मुख्य घटक यानी गेहूं के आटे में मिलावट की बढ़ती शिकायतों के बाद विभाग ने जिले भर में सघन चेकिंग अभियान शुरू किया है। रोजमर्रा के भोजन में इस्तेमाल होने वाला आटा स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है, लेकिन इसमें अशुद्धियां मिलने से लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि किसी भी प्रकार की खाद्य सामग्री में मिलावट जनता के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
घरेलू रसोई तक पहुंच रही अशुद्धियों का खतरा
बाजार में उपलब्ध आटे में कई तरह की अवांछित चीजें मिलाए जाने की आशंका जताई गई है। आटा चक्कियों से लेकर बड़े ब्रांड्स तक के प्रोडक्ट में ऐसी शिकायतें सामने आती रही हैं। मुख्य रूप से आटे में पत्थर का चूना, चॉक का चूना, घटिया गुणवत्ता का मैदा तथा आटा चक्कियों की मशीनों में जमी गंदगी मिलाई जाती है। इस प्रकार के रसायन और गंदगी पेट की गंभीर बीमारियों, पाचन तंत्र की खराबी और लंबी अवधि में अन्य शारीरिक समस्याओं का कारण बन सकते हैं। आम तौर पर सामान्य आंखों से आटे की मिलावट को पकड़ना बेहद मुश्किल होता है, जिसके कारण उपभोक्ता अनजाने में अस्वास्थ्यकर भोजन का सेवन करते रहते हैं।
पानी से करें आटे की शुद्धता की घरेलू जांच
उपभोक्ताओं को मिलावटी आटे से बचाने के लिए सहायक आयुक्त चंदन पांडे ने एक बेहद सरल घरेलू परीक्षण की जानकारी दी है। यदि आप स्थानीय चक्की या दुकान से आटा खरीदते हैं, तो उसकी गुणवत्ता जांचने के लिए थोड़ा सा आटा लेकर एक पारदर्शी कांच के गिलास में पानी डालकर मिलाएं। अगर आटा पूरी तरह शुद्ध होगा तो वह पानी में घुलनशील और सामान्य रूप में दिखाई देगा। इसके विपरीत, यदि आटे में पत्थर का चूना या चॉक पाउडर मिला होगा, तो भारी अशुद्धियां और छोटे-छोटे कंकड़ गिलास के तले में नीचे जम जाएंगे। इसके अलावा अशुद्ध आटे से बनी रोटियों का स्वाद और बनावट भी सामान्य आटे से काफी अलग महसूस होती है।
सावन के सीजन में सघन चेकिंग और सैंपल जांच
सावन का महीना शुरू होने के साथ ही घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में तरह-तरह के खाद्य पदार्थों की मांग काफी बढ़ जाती है। इस अवधि में मिठाई, फलाहार और नमकीन जैसे व्यंजनों का निर्माण तेजी से होता है। मांग में इस बढ़ोतरी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की विशेष टीमों ने जिले की विभिन्न आटा चक्कियों पर छापेमारी की है। कई स्थानों से आटा चक्कियों में पत्थर का चूना मिलाए जाने की विशिष्ट सूचनाएं प्राप्त हुई थीं, जिसके आधार पर अधिकारियों ने संदिग्ध स्थलों से आटे के नमूने एकत्र किए हैं। इन सभी सैंपलों को सरकारी प्रयोगशाला में रासायनिक परीक्षण के लिए भेज दिया गया है।
फर्मों को सख्त चेतावनी और जन जागरूकता
जांच अभियान के दौरान विभागीय अधिकारियों ने आटे की पैकेजिंग करने वाली व्यावसायिक फर्मों और चक्की संचालकों को सख्त हिदायत दी है। निर्माण स्थल पर साफ-सफाई के उच्चतम मानकों का पालन करने और गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न करने के निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लैब टेस्ट रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होने पर दोषी चक्की संचालकों और फर्मों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही आम जनता से भी अपील की गई है कि वे खरीदारी करते समय सजग रहें और किसी भी संदिग्ध सामग्री की जानकारी मिलने पर तुरंत खाद्य विभाग को सूचित करें।



















