आमतौर पर ग्रामीण परिवेश में घरों के आसपास या बाड़े में पपीते के पेड़ आसानी से नजर आ जाते हैं। कई बार मौसम के बदलने या अन्य वजहों से फल समय पर पक नहीं पाते हैं, लेकिन ऐसे में कच्चे फलों को बेकार समझकर फेंकने की कोई आवश्यकता नहीं होती है। इनसे बेहद स्वादिष्ट और पारंपरिक अंदाज वाली सब्जी झटपट तैयार की जा सकती है। गांवों में इस सब्जी को बहुत चाव से खाया जाता है और इसके लिए बहुत अधिक समय या महंगे सामान की भी जरूरत नहीं पड़ती है। यह व्यंजन स्वाद में बेहतरीन होने के साथ शरीर के लिए भी काफी गुणकारी माना जाता है।
कीर्ति ने साझा किए पारंपरिक नुस्खे
भीलवाड़ा शहर की आरके कॉलोनी निवासी कीर्ति ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि गांव-देहात में कच्चा पपीता बहुत सुलभता से मिल जाता है। यदि घर में ऐसा फल रखा हो तो न्यूनतम मेहनत से ही एक बेहतरीन देसी पकवान बनाया जा सकता है। खास तौर पर ग्रामीण इलाकों में रसोई के सामान्य मसालों से तैयार होने वाला इसका देसी जायका लोगों को बेहद भाता है।
सब्जी तैयार करने की चरणबद्ध प्रक्रिया
इस व्यंजन को बनाने की शुरुआत सबसे पहले फल को अच्छी तरह पानी से धोने और उसका छिलका हटाने से होती है। छिलका उतारने के बाद इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में विभाजित कर लिया जाता है। इसके पश्चात एक कड़ाही में थोड़ा सा तेल गर्म करके उसमें जीरे का छौंक लगाया जाता है। जैसे ही जीरा चटकने लगता है, उसमें हींग, हल्दी, धनिया पाउडर और लाल मिर्च जैसे बुनियादी मसाले मिला दिए जाते हैं। मसालों को कुछ देर भूनने के बाद कटे हुए टुकड़े कड़ाही में डालकर मसालों के साथ अच्छी तरह मिलाए जाते हैं।
पकाने और स्वाद बढ़ाने के तरीके
मसाले मिलने के बाद जरूरत के मुताबिक नमक डालकर व्यंजन को कुछ देर तक पकने के लिए छोड़ दिया जाता है। टुकड़े जल्दी गल जाएं, इसके लिए थोड़ा सा पानी छिड़ककर बर्तन को ढक्कन से ढक दिया जाता है। धीमी आंच पर कुछ मिनट पकाने के बाद जब पपीता नरम हो जाए, तब ढक्कन हटाकर उसे थोड़ी देर खुले में पकाया जाता है। ऐसा करने से सारा अतिरिक्त पानी सूख जाता है और मसाले पपीते के अंदर तक अच्छी तरह रच-बस जाते हैं। स्वाद को और अधिक बढ़ाने के लिए अंत में अमचूर पाउडर या फिर थोड़ा सा नींबू का रस भी मिलाया जा सकता है। इससे इसमें हल्का सा खट्टापन आता है जो खाने के स्वाद को कई गुना बढ़ा देता है। इस तरह बनकर तैयार हुई सब्जी को गर्मागर्म रोटी, पराठों या फिर दाल-चावल के साथ परोसा जा सकता है। कच्चे पपीते में तमाम तरह के पोषक तत्व मौजूद होते हैं और इसे अपनी डाइट में शामिल करने के कई बेहतरीन विकल्प उपलब्ध हैं।



















