दिवाली जैसे बड़े त्योहारों के दौरान बाजार में तरह-तरह की मिठाइयां बिकती हैं, लेकिन इनमें मिलावट का खतरा हमेशा बना रहता है। इस जोखिम से बचने के लिए कई लोग घर पर ही शुद्ध मिठाइयां बनाना पसंद करते हैं। अगर आप भी इस त्योहारी सीजन में हर बार की पारंपरिक मिठाइयों से हटकर कुछ अलग और नया ट्राई करना चाहते हैं, तो चावल के पेड़े एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं। इन खास पेड़ों को तैयार करने के लिए आपको बाजार से महंगा मावा या फिर बहुत सारे महंगे मेवे खरीदने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं पड़ती है।
घर की ही सामान्य सामग्री जैसे कि चावल, दूध, नारियल, मिल्क पाउडर और चीनी की मदद से ये स्वादिष्ट पेड़े आसानी से तैयार किए जा सकते हैं। इन्हें बनाने की प्रक्रिया भी काफी सरल है, जिसमें मुख्य रूप से चावल को ठीक से पकाना और तैयार मिश्रण को सही गाढ़ेपन तक भूनना महत्वपूर्ण होता है।
आवश्यक सामग्री
चावल के पेड़े बनाने के लिए आपको घर पर ही आसानी से मिलने वाली कुछ चीजों की जरूरत होती है। मुख्य सामग्री में चावल, दूध, चीनी, मिल्क पाउडर, सूखा नारियल, इलायची पाउडर, केसर और सजावट के लिए बारीक कटे पिस्ते शामिल हैं। इन सभी चीजों के सही इस्तेमाल से बाजार जैसे स्वादिष्ट और मुलायम पेड़े घर पर ही तैयार हो जाते हैं।
चावल के पेड़े बनाने की आसान विधि
इस स्वादिष्ट मिठाई को बनाने की शुरुआत चावल को अच्छी तरह धोने और कुछ देर के लिए पानी में भिगोने से होती है। इसके बाद पानी निकालकर चावल को दूध में मिलाया जाता है और धीमी आंच पर पकाया जाता है। चावल को तब तक पकाना बेहद जरूरी है जब तक वे पूरी तरह से नरम न हो जाएं। यदि पकाने के दौरान चावल के गलने से पहले ही दूध सूखने लगे, तो आवश्यकतानुसार थोड़ा और दूध मिलाया जा सकता है।
चावल के अच्छी तरह पक जाने के बाद इन्हें थोड़ा ठंडा होने के लिए छोड़ दिया जाता है और फिर इन्हें अच्छी तरह मैश कर लिया जाता है, ताकि मिश्रण में कोई बड़ा दाना बाकी न रहे। इसके बाद एक भारी तले की कड़ाही में घी गर्म करके उसमें मैश किए हुए चावल को डाला जाता है। इस मिश्रण को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भूना जाता है, जिससे यह कड़ाही की तली में चिपके नहीं।
जैसे ही चावल का यह मिश्रण गाढ़ा होने लगता है, इसमें चीनी और इलायची पाउडर मिलाया जाता है। चीनी के पूरी तरह घुल जाने के बाद इसमें सूखा नारियल और मिल्क पाउडर शामिल किया जाता है। इसके पश्चात इसमें एक चुटकी केसर मिलाई जाती है और इसे अच्छी तरह चलाया जाता है। इस पूरे मिश्रण को धीमी आंच पर तब तक पकाया जाता है जब तक कि यह गाढ़ा होकर कड़ाही के किनारों को छोड़ने न लगे।
मिश्रण के पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद गैस को बंद कर दिया जाता है और इसे थोड़ा ठंडा होने दिया जाता है। जब मिश्रण इतना ठंडा हो जाए कि इसे हाथों से आसानी से छुआ जा सके, तब हथेलियों पर थोड़ा सा घी लगाया जाता है। इसके बाद मिश्रण के छोटे-छोटे हिस्से लेकर उन्हें गोल आकार दिया जाता है और हल्का सा दबाकर पेड़े का रूप दिया जाता है। अंत में इनके ऊपर बारीक कटे हुए पिस्ते लगाकर इन्हें सजाया जाता है।



















