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सावन सोमवार के व्रत में बनाएं क्रीमी साबूदाना रसमलाई, जानें बेहद आसान रेसिपी और जरूरी टिप्सखानपान
10 अग॰ 2026, 2:21 pm (80 दिन पहले)· 0

सावन सोमवार के व्रत में बनाएं क्रीमी साबूदाना रसमलाई, जानें बेहद आसान रेसिपी और जरूरी टिप्स

सावन के महीने में पारंपरिक साबूदाना खीर या खिचड़ी से हटकर बनाएं शाही और क्रीमी साबूदाना रसमलाई। बिना छेना या पनीर के तैयार होने वाली इस फलाहारी मिठाई की पूरी रेसिपी और खास टिप्स यहां देखें।

सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही घरों में व्रत और उपवास की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो जाती हैं। अक्सर सोमवार के व्रत में लोग साबूदाने की खिचड़ी, साबूदाना वड़ा या साबूदाना खीर बनाना पसंद करते हैं। हालांकि, हर व्रत में एक ही तरह का फलाहारी भोजन खाते-खाते स्वाद में कुछ नयापन लाने की इच्छा होने लगती है। अगर आप भी इस बार सावन सोमवार पर अपने परिवार और मेहमानों के लिए कुछ खास और शाही बनाना चाहते हैं, तो साबूदाना रसमलाई एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। यह मिठाई पारंपरिक खीर का एक आधुनिक और बेहद स्वादिष्ट रूप है, जिसमें इलायची और केसर की मनमोहक खुशबू के साथ मेवों का रिच फ्लेवर मिलता है।

पारंपरिक रसमलाई से कैसे अलग है साबूदाना रसमलाई?

सामान्य तौर पर रसमलाई बनाने के लिए छेने या पनीर का इस्तेमाल किया जाता है, जिसे फाड़ने और मथने में काफी समय लगता है। हालांकि, इस फलाहारी रेसिपी में छेने की जगह साबूदाने का इस्तेमाल किया जाता है। साबूदाने को भिगोकर और पीसकर छोटी-छोटी नरम बॉल्स बनाई जाती हैं, जिन्हें मीठे गाढ़े दूध में पकाया जाता है। जब ये बॉल्स इलायची और केसर से महकते हुए दूध में धीरे-धीरे उबलती हैं, तो यह पूरी तरह से मलाईदार और क्रीमी बन जाती हैं। ऊपर से काजू, बादाम और पिस्ता मिलाने से इसमें हल्का क्रंच और शाही स्वाद जुड़ जाता है।

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साबूदाना रसमलाई बनाने के लिए जरूरी सामग्री

इसे बनाने के लिए आपको बहुत ज्यादा फैंसी चीजों की जरूरत नहीं है। रसोई में आसानी से मिलने वाली सामग्रियों से इसे तैयार किया जा सकता है

  • साबूदाना: 1 कप (अच्छी गुणवत्ता वाला)
  • फुल क्रीम दूध: आधा लीटर (500 मि.ली.)
  • चीनी: लगभग एक चौथाई कप (स्वादानुसार)
  • मिल्क पाउडर: 1 छोटा चम्मच
  • हरी इलायची: 2 से 3 (कुटी हुई)
  • केसर: 8 से 10 धागे (गुनगुने दूध में भिगोए हुए)
  • सूखे मेवे: बारीक कटे हुए बादाम, पिस्ता और काजू (सजावट और स्वाद के लिए)

ध्यान दें: व्रत के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली सामग्रियों को लेकर हर परिवार या परंपरा के नियम अलग हो सकते हैं। यदि आप व्रत में मिल्क पाउडर या किसी पैक्ड सामग्री का उपयोग नहीं करते हैं, तो सामग्री के लेबल को ध्यान से जांचें या अपने घरेलू नियमों के अनुसार बदलाव करें।

साबूदाना भिगोने और पीसने की सही विधि

साबूदाना रसमलाई का मुख्य आधार उसकी बॉल्स हैं, और सही बॉल्स बनाने के लिए साबूदाने को सही तरीके से भिगोना सबसे पहला कदम है

  • सबसे पहले 1 कप साबूदाने को साफ पानी से 2 से 3 बार धो लें ताकि उसकी ऊपरी स्टार्च निकल जाए।
  • इसके बाद साबूदाने में उतना ही पानी डालें जिससे वह हल्का डूब जाए, और इसे 2 से 3 घंटे के लिए भीगने छोड़ दें।
  • जब साबूदाना पूरी तरह नरम और स्पंजी हो जाए, तो छलनी की मदद से उसका सारा अतिरिक्त पानी निकाल दें।
  • अब भीगे हुए साबूदाने को मिक्सर जार में डालें। इसमें 1 छोटा चम्मच चीनी और 1 छोटा चम्मच मिल्क पाउडर मिलाएं।
  • इसे बिना पानी मिलाए पीसकर एक चिकना और गाढ़ा मिश्रण तैयार कर लें। ध्यान रखें कि मिश्रण ज्यादा पतला न हो।

नरम और एकसमान बॉल्स तैयार करने के स्टेप्स

पीसे हुए साबूदाने के मिश्रण को एक साफ और सूखे बर्तन में निकाल लें। अपने हाथों से इसे हल्का सा गूंध लें ताकि यह एकसार हो जाए। अगर मिश्रण हाथों पर चिपकता है, तो अपनी हथेलियों पर बहुत थोड़ा सा घी या पानी लगा लें। अब इस मिश्रण में से छोटी-छोटी चिकनी बॉल्स बनाएं। बॉल्स का आकार बहुत बड़ा न रखें, क्योंकि जब ये दूध में पकेंगी, तो थोड़ा फूलकर बड़ी होंगी। कोशिश करें कि सभी बॉल्स का आकार एक जैसा हो ताकि वे दूध में बराबर समय में पक सकें।

रसमलाई के लिए केसरिया दूध तैयार करना

एक भारी तले की कड़ाही या गहरे बर्तन में आधा लीटर फुल क्रीम दूध डालें और इसे मध्यम आंच पर गर्म होने के लिए रखें। जब दूध में एक उबाल आ जाए, तो गैस की आंच को धीमा कर दें। अब इसमें एक चौथाई कप चीनी और 2 से 3 कुटी हुई इलायची डालें। दूध को धीमी से मध्यम आंच पर पकने दें और बीच-बीच में कलछी से चलाते रहें ताकि दूध कड़ाही के तले में न चिपके। जब दूध हल्का गाढ़ा होने लगे और उसकी मात्रा थोड़ी कम हो जाए, तब अगला स्टेप शुरू करें।

दूध में साबूदाना बॉल्स पकाने का तरीका

दूध के हल्का गाढ़ा होते ही, तैयार की गई साबूदाना बॉल्स को एक-एक करके सावधानीपूर्वक उबलते हुए दूध में डालें। सभी बॉल्स को एक साथ डालने की भूल न करें, वरना वे आपस में चिपक सकती हैं। बॉल्स डालने के बाद आंच को मध्यम से धीमा रखें और इसे लगभग 8 से 10 मिनट तक पकने दें।

इस बात का विशेष ध्यान रखें कि पकने के दौरान दूध को बहुत तेजी से या बार-बार न चलाएं। तेज चम्मच चलाने से साबूदाने की बॉल्स टूट सकती हैं। जैसे-जैसे बॉल्स पकेंगी, साबूदाना हल्का पारदर्शी दिखाई देने लगेगा और दूध का गाढ़ापन भी बढ़ जाएगा।

शाही तड़का, केसर और सूखे मेवे जोड़ना

एक छोटी कटोरी में 2 चम्मच गुनगुना दूध लेकर उसमें केसर के धागे 10 मिनट के लिए भिगो दें। जब साबूदाना बॉल्स पूरी तरह से पक जाएं और मलाईदार हो जाएं, तो केसर वाला दूध कड़ाही में डाल दें। इससे रसमलाई को एक सुंदर प्राकृतिक सुनहरा रंग और शानदार महक मिलेगी। इसके तुरंत बाद बारीक कटे हुए बादाम, काजू और पिस्ता कड़ाही में मिलाएं। थोड़े से कटे मेवे बाद में सर्व करते समय गार्निशिंग के लिए बचाकर रख लें।

ठंडी साबूदाना रसमलाई परोसने का सही अंदाज

रसमलाई पक जाने के बाद गैस बंद कर दें और कड़ाही को कमरे के तापमान पर ठंडा होने दें। जब रसमलाई पूरी तरह ठंडी हो जाए, तो इसे किसी बाउल में निकालकर 1 से 2 घंटे के लिए फ्रिज में रख दें।

परोसते समय एक सुंदर सर्विंग कटोरी में पहले साबूदाना बॉल्स निकालें, फिर ऊपर से गाढ़ा, केसरिया और इलायची की खुशबू वाला दूध डालें। अंत में सजावट के लिए रखे हुए पिस्ता और बादाम छिड़कें। सावन की उमस और गर्मी के मौसम में यह ठंडी-ठंडी साबूदाना रसमलाई हर किसी का दिल जीत लेगी।

बॉल्स को टूटने से बचाने के लिए काम की बातें

साबूदाना रसमलाई बनाते समय कुछ छोटी-छोटी सावधानियां रखना जरूरी है ताकि आपकी रसमलाई एकदम परफेक्ट बने

  • नमी पर नियंत्रण: साबूदाना पीसते समय अतिरिक्त पानी बिल्कुल न डालें। अगर साबूदाना बहुत गीला होगा, तो बॉल्स अपना आकार नहीं बरकरार रख पाएंगी और दूध में डालते ही घुल सकती हैं।
  • धीमी आंच पर पकाएं: बॉल्स को हमेशा धीमी से मध्यम आंच पर ही पकाएं, तेज आंच पर दूध तेजी से सूख सकता है और बॉल्स अंदर से कच्ची रह सकती हैं।
  • हल्का चलाएं: दूध में बॉल्स डालने के बाद बहुत सावधानी से और हल्के हाथों से चलाएं।

सवाल-जवाब

क्या इस रेसिपी में मिल्क पाउडर मिलाना अनिवार्य है?
नहीं, मिल्क पाउडर मिलाना पूरी तरह से ऐच्छिक है। यदि आप व्रत में पैक्ड मिल्क पाउडर नहीं खाते हैं, तो इसे हटा सकते हैं और दूध को थोड़ा और गाढ़ा करके रसमलाई बना सकते हैं।
दूध में डालते ही साबूदाना बॉल्स क्यों टूट जाती हैं?
अगर साबूदाना पीसते समय उसमें ज्यादा पानी रह जाए या दूध में डालने के बाद बहुत तेजी से चम्मच चलाया जाए, तो बॉल्स टूट सकती हैं।
साबूदाना रसमलाई को कितने दिनों तक स्टोर कर सकते हैं?
इसे एयरटाइट कंटेनर में रखकर फ्रिज में 1 से 2 दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है और ठंडा-ठंडा खाया जा सकता है।
क्या इसे फुल क्रीम दूध के बिना भी बनाया जा सकता है?
हां, आप टोंड दूध का इस्तेमाल भी कर सकते हैं, लेकिन रसमलाई का असली क्रीमी और शाही स्वाद पाने के लिए फुल क्रीम दूध सबसे बेहतर रहता है।
क्या साबूदाना बॉल्स को दूध में पकाने से पहले उबाला या स्टीम किया जा सकता है?
आप चाहें तो बॉल्स को पहले 5 मिनट के लिए स्टीम कर सकते हैं, लेकिन सीधे दूध में पकाने से उनमें इलायची और केसर का स्वाद बेहतर तरीके से समा जाता है।
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