आवारापन 2 रिव्यू (2026): 19 साल पुरानी डिजास्टर फिल्म का सीक्वल, इमरान हाशमी की वापसी और मेकर्स का बड़ा दांवलाइव: झारखंड में छात्रों के आंदोलन को बीजेपी के बंद का समर्थन, कई इलाकों में जनजीवन हुआ प्रभावितहरियाली अमावस्या पर कर्क राशि में गुरु का उदय: किन राशियों की चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सतर्कलाइव: ट्रंप ने शांति वार्ता की शर्त के रूप में ईरान से युद्ध क्षतिपूर्ति की मांग कीधनु राशिफल 11 अगस्त: सूर्य, बुध और गुरु की स्थिति से दिखेगा सच, अटके धन की होगी वापसीकन्या राशिफल 11 अगस्त 2026: एकादश भाव में चंद्रमा से आय और करियर में तरक्की, रिश्तों में घुलेगी मिठासयोगी आदित्यनाथ ने राज्य मंत्री दिनेश खटिक को जन्मदिन की बधाई दी, उत्तम स्वास्थ्य की कामना कीसिंह राशिफल 11 अगस्त: ऑनलाइन शॉपिंग से बढ़ेगा खर्च, रिश्तों और करियर में रखें संयमदिल्ली-एनसीआर में मौसम का तांडव, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने जारी किया रेड अलर्टबीड में ट्रांसफार्मर का काम करते वक्त बड़ा हादसा, करंट लगने से मजदूर की मौत का खौफनाक वीडियो आया सामने
पाली की 50 साल पुरानी दुकान पर उमड़ी भीड़, हाथ से फेंटकर तैयार होती है अनोखी देशी डलगोना कॉफीखानपान
10 अग॰ 2026, 5:15 pm (18 घंटे पहले)· 0

पाली की 50 साल पुरानी दुकान पर उमड़ी भीड़, हाथ से फेंटकर तैयार होती है अनोखी देशी डलगोना कॉफी

राजस्थान के पाली शहर में 'बादशाहों का झंडा' इलाके की 50 साल पुरानी दुकान अपनी खास देशी डलगोना कॉफी के लिए चर्चा में है। बिना किसी मशीन के 8 से 10 मिनट हाथ से फेंटकर बनाई जाने वाली यह क्रीमी कॉफी दूर-दूर से आने वाले सैलानियों और स्थानीय लोगों को दीवाना बना रही है।

राजस्थान का ऐतिहासिक शहर पाली अपने शानदार इतिहास, सांस्कृतिक परंपराओं और स्वादिष्ट पकवानों के लिए काफी मशहूर है। इन दिनों पाली के स्थानीय बाजार की एक 50 साल पुरानी दुकान अपनी खास देशी डलगोना कॉफी की वजह से काफी सुर्खियां बटोर रही है। वैसे तो डलगोना कॉफी का चलन आधुनिक कैफे संस्कृति से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन नरेश भाई के हाथों से तैयार होने वाला यह देशी अंदाज पिछले 50 वर्षों से अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। इस खास कॉफी का स्वाद इतना अद्भुत है कि स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पाली आने वाले देशी-विदेशी पर्यटक भी इस दुकान पर खिंचे चले आते हैं।

'बादशाहों का झंडा' इलाके की अनूठी पहचान

इस प्रसिद्ध दुकान का सबसे बड़ा आकर्षण इसका अनोखा ठिकाना और नाम है, जिसे 'बादशाहों का झंडा' कहा जाता है। यह नाम सुनते ही यहां आने वाले हर व्यक्ति के मन में उत्सुकता पैदा हो जाती है। दशकों से यह स्थान लोगों के मिलने-जुलने और पसंदीदा स्वाद का आनंद लेने का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। शहर में घूमने आने वाले देशी और विदेशी पर्यटक इस जगह पर पहुंचे बिना अपनी यात्रा पूरी नहीं मानते। यहां आने वाले ग्राहक कॉफी की चुस्की लेते हुए अक्सर यही कहते हैं कि इसका शाही जायका वाकई इस जगह के नाम के मुताबिक है।

ये भी पढ़ें

हाथ से फेंटने की पारंपरिक तकनीक और रेसिपी

आधुनिक कैफे की तरह इलेक्ट्रॉनिक मशीनों या ब्लेंडर का इस्तेमाल करने के बजाय नरेश भाई इसे पूरी तरह से पारंपरिक और देशी तरीके से बनाते हैं। इसे तैयार करने के लिए एक बड़े कटोरे में तीन चीजें बराबर मात्रा में मिलाई जाती हैं। इसमें 2 बड़े चम्मच बढ़िया इंस्टेंट कॉफी पाउडर लेते हैं, फिर उसमें 2 बड़े चम्मच शक्कर और 2 बड़े चम्मच उबलता हुआ गर्म पानी मिलाया जाता है।

सामग्री मिलाने के बाद असली हुनर का काम शुरू होता है। इसके बाद मिश्रण को बिना रुके एक ही तरफ घुमाते हुए 8 से 10 मिनट तक हाथ से मथा जाता है। जैसे-जैसे इसे मथा जाता है, इसका गहरा रंग हल्का भूरा होने लगता है। कुछ ही देर में यह गाढ़े मलाईदार क्रीम का रूप ले लेता है, जिससे एक घना और मनमोहक झाग तैयार होता है।

परोसने का अंदाज और ग्राहकों का उत्साह

कॉफी का क्रीमी झाग तैयार होने के बाद इसे ग्राहकों के सामने बड़े गिलास में परोसा जाता है। ग्राहक की चाहत के अनुसार एक लंबे गिलास में गरम या फिर चिल्ड दूध भरा जाता है, और यदि ग्राहक ठंडा पसंद करे तो बर्फ के टुकड़े भी डाल दिए जाते हैं। अंत में तैयार गाढ़े मलाईदार कॉफी के झाग को दूध के ऊपर सजाकर परोसते हैं। कड़क कॉफी और क्रीमी दूध का यह तालमेल ग्राहकों को बेहद पसंद आता है, जिसकी वजह से 50 साल पुरानी इस दुकान पर हर दिन लोगों का तांता लगा रहता है।

सवाल-जवाब

पाली में देशी डलगोना कॉफी कहां मिलती है?
यह कॉफी पाली के 'बादशाहों का झंडा' इलाके में स्थित एक 50 साल पुरानी दुकान पर मिलती है, जिसे नरेश भाई चलाते हैं।
देशी डलगोना कॉफी बनाने में कितना समय लगता है?
इस कॉफी के झाग को हाथ से एक ही दिशा में लगभग 8 से 10 मिनट तक लगातार फेंटा जाता है।
इस कॉफी को बनाने में किन चीजों का इस्तेमाल होता है?
इसमें 2 बड़े चम्मच इंस्टेंट कॉफी, 2 बड़े चम्मच शक्कर और 2 बड़े चम्मच गर्म पानी का इस्तेमाल होता है।
इस दुकान की क्या खासियत है?
यह दुकान 50 साल पुरानी है और बिना किसी मशीन के हाथ से फेंटी हुई पारंपरिक देशी डलगोना कॉफी परोसने के लिए जानी जाती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR