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मानसून के दिनों में घर पर बनाएं अरबी के पत्तों की लजीज पकौड़ी, जानिए आसान रेसिपीखानपान
1 सित॰ 2026, 1:56 pm (1 दिन पहले)· 2

मानसून के दिनों में घर पर बनाएं अरबी के पत्तों की लजीज पकौड़ी, जानिए आसान रेसिपी

मानसून की बौछारों के बीच ग्रामीण इलाकों से लेकर घरों की रसोई तक अरबी के पत्तों से बनने वाली पारंपरिक पकौड़ी का क्रेज बढ़ जाता है। इस आसान देसी रेसिपी से आप भी घर पर गरमा-गरम पकौड़ी तैयार कर सकते हैं।

मानसून का सीजन शुरू होते ही लोगों के मन में कुछ गर्मागर्म और चटपटा खाने की चाहत जाग उठती है। ऐसे मौसम में गांवों से लेकर कस्बों तक कई तरह के पारंपरिक व्यंजन तैयार किए जाते हैं, जो खान-पान के शौकीनों को अपनी ओर खींच लेते हैं। इनमें से एक बेहद लोकप्रिय डिश अरबी के पत्तों की पकौड़ी है, जिसे कई इलाकों में पत्तौड़ या बड़ियां के नाम से भी जाना जाता है। बरसात के दिनों में खेतों और आसपास की जमीन पर उगने वाले ये ताजे पत्ते आसानी से मिल जाते हैं और इनसे बनने वाला नाश्ता बेहद खास होता है।

इस पारंपरिक व्यंजन को बनाने की प्रक्रिया की शुरुआत ताजे और साफ पत्तों के चयन से होती है। इन पत्तों को सबसे पहले पानी से अच्छी तरह धोकर साफ कर लिया जाता है ताकि किसी भी तरह की धूल या अशुद्धि न रहे। इसके बाद बेसन लेकर उसमें नमक, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, सूखा धनिया, अजवाइन और जरूरत के अनुसार अन्य मसालों का मिश्रण मिलाया जाता है। इस सभी सामग्री में थोड़ा पानी डालकर एक गाढ़ा और चिकना पेस्ट तैयार किया जाता है, जो पत्तों पर अच्छी तरह चिपक सके।

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मसाला तैयार होने के बाद, साफ किए गए अरबी के पत्तों को समतल सतह पर फैलाया जाता है और उन पर इस बेसन के घोल की परत एक समान रूप से लगाई जाती है। इसके बाद एक के ऊपर एक पत्ते रखकर उन्हें मजबूती से लपेटा जाता है ताकि एक टाइट रोल बन जाए। इस तैयार रोल को कच्चा छोड़ने के बजाय भाप में पकाया जाता है, जिससे पत्ते और बेसन अंदर तक अच्छी तरह पक जाते हैं।

भाप में पकने के बाद इस रोल को ठंडा करके छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा जाता है। इसके बाद कड़ाही में तेल गर्म करके इन टुकड़ों को तब तक तला जाता है जब तक कि वे बाहर से सुनहरे और क्रिस्पी न हो जाएं। इन गरमा-गरम पकौड़ियों को तीखी हरी चटनी, टमाटर की सॉस या ताजी बनी हुई चाय के साथ परोसा जाता है। बरसात के सुहाने मौसम में इस क्रिस्पी नाश्ते का लुत्फ उठाना हर किसी को पसंद आता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में यह पकवान आज भी अपनी पुरानी परंपरा के साथ बड़े चाव से बनाया जाता है। घर की बुजुर्ग महिलाएं इस विधि को पीढ़ियों से आगे बढ़ाती आ रही हैं। इस पकवान की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह बहुत कम लागत में तैयार हो जाता है और गांवों की खान-पान की संस्कृति को मजबूती से संजोए रखता है।

जब आसमान में बादल छाए रहते हैं और ठंडी हवाएं चलती हैं, तब ऐसी पकौड़ियों के साथ चाय की चुस्कियां लेना लोगों का पसंदीदा शगल बन जाता है। यही कारण है कि बारिश के महीनों में इस देसी पकवान की मांग काफी बढ़ जाती है। आधुनिक रेस्टोरेंट या बड़े होटलों के मेन्यू में यह पारंपरिक डिश आमतौर पर नहीं मिलती है, और इसका असली स्वाद ग्रामीण आंचल में ही मिल पाता है।

बदलते दौर में जहां लोग फास्ट फूड और पैकेज्ड स्नैक्स की तरफ तेजी से आकर्षित हो रहे हैं, वहीं मानसून के दिनों में अरबी के पत्तों से तैयार होने वाला यह पारंपरिक व्यंजन अपनी खास जगह बनाए हुए है। यह सिर्फ एक स्वाद नहीं बल्कि हमारी पुरानी संस्कृति की जीवंत मिसाल है।

घरेलू कामकाज संभालने वाली मंजू बताती हैं कि अरबी के पत्तों की पकौड़ी तैयार करने के लिए बहुत ज्यादा सामान की आवश्यकता नहीं होती है। इसे रसोई में पहले से मौजूद बेसन, नमक, हल्दी, मिर्च, धनिया और अजवाइन जैसे साधारण मसालों से ही आसानी से बना लिया जाता है। मंजू के अनुसार, पत्तों को साफ करने के बाद उन पर बेसन का लेप लगाकर रोल तैयार किया जाता है, फिर उसे भाप में पकाने के बाद टुकड़ों में काटकर हल्का सुनहरा होने तक तल लिया जाता है, और बरसात के मौसम में चाय के साथ इसका स्वाद दोगुना हो जाता है।

सवाल-जवाब

अरबी के पत्तों की पकौड़ी को और किस नाम से जाना जाता है?
इस पकौड़ी को कई जगहों पर पत्तौड़ या अरबी के पत्तों की बड़ियां भी कहा जाता है।
इस पकौड़ी को बनाने के लिए मुख्य रूप से किन पत्तों का इस्तेमाल होता है?
इसमें ताजे और साफ किए गए अरबी के पत्तों का उपयोग किया जाता है।
पतों पर लगाने के लिए मसाले का घोल किससे तैयार किया जाता है?
बेसन में नमक, लाल मिर्च, हल्दी, धनिया, अजवाइन और जरूरत के अनुसार अन्य मसाले मिलाकर घोल तैयार किया जाता है।
रोल तैयार करने के बाद इसे पकाने की प्रक्रिया क्या है?
मसाला लगे पत्तों के रोल को पहले भाप में पकाया जाता है, फिर टुकड़ों में काटकर तला जाता है।
इस पकौड़ी को आमतौर पर किसके साथ परोसा जाता है?
इसे गरमा-गरम हरी चटनी, टमाटर की चटनी या चाय के साथ परोसा जाता है।
यह पकवान मुख्य रूप से कहां अधिक लोकप्रिय है?
यह पकवान खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक तरीके से अधिक बनाया और पसंद किया जाता है।
गृहणी मंजू के अनुसार इस डिश को बनाने में किन चीजों की जरूरत पड़ती है?
इसके लिए घर में आसानी से उपलब्ध बेसन, नमक, हल्दी, लाल मिर्च, धनिया और अजवाइन की जरूरत होती है।
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