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मात्र 200 रुपये प्रति किलो की यह पारंपरिक मिठाई जीत रही है लोगों का दिल, 12 रबी उल अव्वल पर बहराइच में रहती है भारी मांगखानपान
9 सित॰ 2026, 3:38 pm (50 दिन पहले)· 2

मात्र 200 रुपये प्रति किलो की यह पारंपरिक मिठाई जीत रही है लोगों का दिल, 12 रबी उल अव्वल पर बहराइच में रहती है भारी मांग

उत्तर प्रदेश के बहराइच स्थित मेवतीपुरा में 200 रुपये किलो बिकने वाली पारंपरिक मिठाई लोगों के बीच खासी लोकप्रिय है। डेविड होटल की यह खास मिठाई 12 रबी उल अव्वल पर कुंतलों में बिकती है।

उत्तर प्रदेश के बहराइच शहर में स्वाद के शौकीनों के लिए एक बेहद खास पारंपरिक मिठाई कौतूहल का केंद्र बनी हुई है। बहराइच के मेवतीपुरा मोहल्ले में स्थित डेविड होटल में तैयार की जाने वाली यह मिठाई अपने बेमिसाल जायके और किफायती दाम के कारण पूरे इलाके में मशहूर है। महज 200 रुपये प्रति किलो की दर से बिकने वाली यह मिठाई स्वाद के मामले में देश की सबसे पसंदीदा मिठाइयों में से एक, यानी गुलाब जामुन को भी कड़ी टक्कर देती है। यही वजह है कि आम दिनों के साथ-साथ त्योहारों पर भी इसे खरीदने के लिए लोगों का तांता लगा रहता है।

डेविड होटल और पीढ़ियों पुराना पारंपरिक स्वाद

मेवतीपुरा स्थित डेविड होटल में इस मिठाई का निर्माण किसी आधुनिक मशीनरी से नहीं, बल्कि पूर्वजों के जमाने से चले आ रहे पारंपरिक तरीकों से किया जाता है। यहां काम करने वाले कुशल कारीगर सालों पुरानी तकनीकों का पालन करते हुए इसे तैयार करते हैं। कारीगरों की इसी निष्ठा और हुनर के कारण दशकों बाद भी इस मिठाई का मौलिक स्वाद पूरी तरह बरकरार है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि स्वाद और ताज़गी के मामले में यह साधारण दुकान की मिठाई बड़े-बड़े मशहूर ब्रांड्स के महंगे उत्पादों पर भी भारी पड़ती है।

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12 रबी उल अव्वल पर कुंतलों में होती है बिक्री

हालांकि बहराइच की यह प्रसिद्ध मिठाई पूरे साल ग्राहकों के बीच उपलब्ध रहती है और लोग इसे नियमित रूप से खरीदते हैं, लेकिन मुस्लिम समुदाय के पवित्र अवसर 12 रबी उल अव्वल पर इसकी मांग में अचानक कई गुना बढ़ोतरी हो जाती है। इस खास मौके पर स्थानीय लोग और दूर-दराज से आए श्रद्धालु भारी मात्रा में यह मिठाई खरीदकर अपने घर ले जाते हैं। त्योहार के दौरान मेहमानों की खातिरदारी और अपनों के बीच मिठास बांटने के लिए इसे पहली पसंद माना जाता है। इसी मांग को पूरा करने के लिए डेविड होटल में हर दिन कुंतलों के हिसाब से यह मिठाई तैयार और बेची जाती है।

आसपास के जिलों तक फैला बहराइच की मिठाई का जादू

इस जायकेदार मिठाई की शोहरत केवल बहराइच शहर के मेवतीपुरा तक ही सीमित नहीं है। इसकी लोकप्रियता की गूंज आसपास के पड़ोसी जिलों तक पहुंच चुकी है, जहां से लोग विशेष रूप से इसे खरीदने के लिए बहराइच की यात्रा करते हैं। बच्चे, युवा और बुजुर्ग, हर उम्र के लोग इस मिठाई के अनोखे स्वाद के कायल हैं। मात्र 200 रुपये किलो जैसा किफायती दाम और बेहतरीन बनावट इसे हर वर्ग के बजट में फिट बैठती है, जो इसकी लगातार बढ़ती लोकप्रियता का मुख्य कारण है।

घर पर बनाने की विधि और कारीगरों का खास हुनर

यदि कोई व्यक्ति इस स्वादिष्ट मिठाई को अपने घर की रसोई में बनाने का प्रयास करना चाहता है, तो इसकी प्रक्रिया काफी सुगम है। सबसे पहले मैदे को आवश्यकतानुसार डालडा, रिफाइंड तेल या शुद्ध घी के साथ अच्छी तरह से गूंथा जाता है। जब आटा सही ढंग से तैयार हो जाए, तो उसकी छोटी-छोटी गोलियां बनाई जाती हैं। इसके बाद इन गोलियों को हथेली से थोड़ा चपटा कर लिया जाता है। इसके बाद धीमी आंच पर रिफाइंड तेल या घी में इन्हें तब तक तला जाता है जब तक कि इनका रंग हल्का सुनहरा न हो जाए।

तलने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन तली हुई गोलियों को कुछ देर के लिए ठंडा होने के लिए रखा जाता है। इसके पश्चात, पहले से तैयार की गई चीनी की चाशनी में इन्हें डुबोया जाता है। करीब दो मिनट तक चाशनी में डूबे रहने के बाद मिठाई को बाहर निकाल लिया जाता है, जिससे इसके भीतर चाशनी की मिठास पूरी तरह समा जाती है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि डेविड होटल के अनुभवी कारीगर जिस पारंपरिक हुनर से इसे बनाते हैं, वैसा हूबहू स्वाद घर पर हासिल करना काफी कठिन है। बहराइच आने वाले हर पर्यटक और खान-पान के शौकीन के लिए यह पारंपरिक मिठाई एक यादगार अनुभव साबित होती है।

सवाल-जवाब

बहराइच में यह प्रसिद्ध पारंपरिक मिठाई कहां मिलती है?
यह खास मिठाई बहराइच शहर के मेवतीपुरा मोहल्ले में स्थित डेविड होटल में तैयार और बेची जाती है।
डेविड होटल की इस मिठाई की कीमत क्या है?
यह मिठाई 200 रुपये प्रति किलो के किफायती दाम पर उपलब्ध है।
किस अवसर पर इस मिठाई की मांग सबसे ज्यादा बढ़ जाती है?
मुस्लिम समुदाय के पवित्र अवसर 12 रबी उल अव्वल पर इसकी मांग काफी बढ़ जाती है और यह रोजाना कुंतलों में बिकती है।
इसे घर पर बनाने के लिए किन मुख्य सामग्रियों की आवश्यकता होती है?
इसे बनाने के लिए मैदा, डालडा या रिफाइंड तेल/घी और चीनी की चाशनी की आवश्यकता होती है।
तली हुई गोलियों को चाशनी में कितनी देर रखा जाता है?
तली हुई गोलियों को हल्का ठंडा करने के बाद तैयार चीनी की चाशनी में लगभग दो मिनट के लिए डुबोकर रखा जाता है।
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