भारतीय घरों में रोजमर्रा के खाने के दौरान भिंडी की भुजिया एक बेहद पसंदीदा और लोकप्रिय व्यंजन माना जाता है। इसे कम समय और बेहद साधारण मसालों के साथ आसानी से तैयार किया जा सकता है। दाल-चावल, गरमा-गरम रोटी या पराठे के साथ यह भुजिया खाने के स्वाद को कई गुना बढ़ा देती है। अक्सर कई लोगों की शिकायत रहती है कि भिंडी बनाते समय चिपचिपी हो जाती है। यदि सही कुकिंग तकनीक और सही क्रम में मसालों का इस्तेमाल किया जाए, तो यह भुजिया एकदम खिली-खिली, सुनहरी और कुरकुरी बनकर तैयार होती है।
सामग्री की सही तैयारी और कटाई
कुरकुरी भुजिया बनाने के लिए सबसे पहला और महत्वपूर्ण नियम भिंडी से नमी को पूरी तरह दूर करना है। भिंडी को कड़ाही में डालने से पहले अच्छी तरह साफ पानी से धो लें। धोने के बाद इसे किसी साफ और सूखे सूती कपड़े से पोंछकर पूरी तरह सुखा लें। ध्यान रखें कि भिंडी की सतह पर पानी की एक बूंद भी न रहे, क्योंकि नमी की वजह से ही पकाते समय भिंडी में चिपचिपापन या लुआब बनने लगता है। सुखाने के बाद भिंडी के दोनों सिरों को काटकर अलग कर दें और फिर इसे पतले-पतले गोल टुकड़ों में काट लें। इसके अलावा बारीक कटी हरी मिर्च, जीरा, हींग और सजावट के लिए एक बड़ा चम्मच बारीक कटा हरा धनिया तैयार रखें।
तड़का लगाने और भिंडी भूनने की सही विधि
एक कड़ाही में तेल डालकर मध्यम आंच पर गरम करें। जब तेल अच्छी तरह गरम हो जाए तो उसमें जीरा डालें। जीरा चटकने लगे तो तुरंत हींग और कटी हुई हरी मिर्च डालकर कुछ सेकंड के लिए भून लें। इसके बाद कटी हुई भिंडी को कड़ाही में डाल दें। भिंडी डालने के बाद उसे मध्यम आंच पर 5 से 7 मिनट तक भूनें। कुकिंग की शुरुआत में भिंडी को बार-बार चलाने की गलती बिल्कुल न करें। बार-बार कलछी चलाने से भिंडी के टुकड़े टूट सकते हैं और उनसे चिपचिपापन बाहर निकल सकता है।
मसाले मिलाना और धीमी आंच पर पकाना
जब 5 से 7 मिनट तक भूनने के बाद भिंडी का लुआब या चिपचिपापन कम होने लगे, तब इसमें हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और स्वादानुसार नमक मिलाएं। मसालों को भिंडी के साथ अच्छी तरह मिला दें। अब गैस की आंच को धीमा से मध्यम रखें और भिंडी को 8 से 10 मिनट तक पकने दें। बीच-बीच में हल्के हाथों से चलाते रहें ताकि भिंडी कड़ाही के तले में न चिपके और सभी तरफ से एक समान रूप से सिक जाए।
अंतिम तड़का और परोसने का तरीका
जब भिंडी पूरी तरह पक जाए, हल्की सुनहरी और कुरकुरी दिखने लगे, तब इसमें अमचूर पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें। अमचूर पाउडर डालने से भुजिया में हल्का खट्टापन आता है, जो इसके स्वाद को और अधिक मजेदार बना देता है। इसके बाद गैस बंद कर दें और ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया डालकर भिंडी की भुजिया को सजाएं। इसे दाल-चावल, पूरी या रोटी के साथ गरमा-गरम परोसें।
कुरकुरी भुजिया बनाने के खास टिप्स
- नमी पूरी तरह सुखाएं: भिंडी को काटने से पहले पूरी तरह सुखाना बेहद जरूरी है, नमी रहने पर भिंडी हमेशा चिपचिपी बनेगी।
- नींबू के रस का इस्तेमाल: अगर भूनते समय भिंडी में चिपचिपापन दिखे, तो उसमें एक छोटा चम्मच नींबू का रस मिला सकते हैं।
- तेज आंच का प्रयोग: भुजिया को ज्यादा कुरकुरा बनाने के लिए पकाने के आखिरी दौर में इसे थोड़ी देर तेज आंच पर भूनें।
- प्याज का विकल्प: बिना प्याज वाली भिंडी की भुजिया पारंपरिक स्वाद देती है, लेकिन इच्छा हो तो बारीक कटा प्याज भी तड़के में शामिल किया जा सकता है।



















