उत्तर प्रदेश का मुरादाबाद शहर वैश्विक स्तर पर अपने पीतल के हस्तशिल्प और बर्तनों के लिए पहचाना जाता है। पीतल नगरी के रूप में विख्यात इस शहर के उत्पाद कई मुल्कों में निर्यात किए जाते हैं। हालांकि हस्तकला के साथ-साथ यह शहर अपने अनूठे खान-पान और लजीज व्यंजनों के लिए भी विशेष ख्याति रखता है। यहां के विभिन्न लजीज पकवानों के बीच मुरादाबादी वेज बिरयानी ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। अपने खास स्वाद और महक के चलते यह शाकाहारी बिरयानी स्थानीय निवासियों के साथ-साथ बाहर से आने वाले भोजन प्रेमियों को भी आकर्षित कर रही है।
पिता से सीखी रेसिपी से शुरू हुआ कारोबार
बिरयानी विक्रेता अनिल कश्यप के मुताबिक उनका परिवार वर्ष 2008 से बिरयानी बनाने के पेशे से जुड़ा हुआ है। उन्होंने इस खास व्यंजन को पकाने का हुनर अपने पिता से सीखा था। उनके पिता ने ही उन्हें इस व्यंजन के मसालों और सही अनुपात की बारीकियां समझाई थीं। शुरुआती दौर में उन्होंने इस काम को बेहद छोटे स्तर पर शुरू किया था। समय के साथ लोगों को इसका स्वाद इतना भाया कि आज दूर-दराज के इलाकों से लोग इसका आनंद लेने आते हैं। इस बिरयानी की सबसे बड़ी खासियत दम पर पकाए गए सुगंधित चावल, ताजी चुनिंदा सब्जियां और मुलायम पनीर का बेहतरीन मेल है, जो इसे दूसरों से एकदम अलग बनाता है।
16 देसी मसालों का संतुलन और पकाने की विधि
इस शाकाहारी व्यंजन की तैयारी काफी सावधानीपूर्वक की जाती है। सबसे पहले बिरयानी के लिए चुने गए विशेष चावल को पकाने से लगभग एक घंटे पहले पानी में भिगोकर रखा जाता है। इसके बाद इसमें खड़े और पिसे हुए देसी मसालों का मिश्रण शामिल किया जाता है। इस तैयारी में दालचीनी, जीरा, लौंग, काली मिर्च, बड़ी इलायची और छोटी इलायची समेत कुल 15 से 16 विभिन्न मसालों का उपयोग होता है। मसालों का सटीक मेल तैयार होने के बाद पर्याप्त पानी डालकर धीमी आंच पर चावल को पकाया जाता है। इस पारंपरिक विधि से तैयार होने वाली बिरयानी में मसालों की खुशबू चावल के हर दाने में समा जाती है। अनिल कश्यप बताते हैं कि जब बाजार में यह नया चलन देखने को मिला, तो उनके पिता ने खुद इसे बनाकर सिखाया था, जिसे बाद में उन्होंने एक नियमित व्यवसाय के रूप में आगे बढ़ाया।
किफायती दाम और दूर-दराज से आने वाले कद्रदान
इस वेज बिरयानी की लोकप्रियता की एक बड़ी वजह इसका बेहद किफायती होना भी है। दुकान पर बिरयानी की शुरुआत मात्र 30 रुपये से होती है। ग्राहक अपनी पसंद और भूख के हिसाब से 30, 40, 50 और 60 रुपये की प्लेट में भरपेट भोजन प्राप्त कर सकते हैं। कम दाम में उच्च गुणवत्ता और शानदार स्वाद मिलने के कारण मुरादाबाद शहर के अलावा रामपुर, कांठ और संभल जैसे नजदीकी क्षेत्रों से भी लोग नियमित रूप से यहां आते हैं। अनिल कश्यप का कहना है कि उन्होंने मुरादाबाद में इस वेज बिरयानी की परंपरा की नींव रखी थी और वर्षों से चली आ रही इस पुश्तैनी मेहनत का ही परिणाम है कि लोगों का भरोसा आज भी बरकरार है।
ग्राहकों की जुबानी लाजवाब स्वाद का अनुभव
इस बिरयानी का जायका लेने पहुंचे नियमित ग्राहक मोहम्मद जीशान ने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से यहां बिरयानी खाने आ रहे हैं। वह विशेष रूप से पाकबड़ा क्षेत्र से सिर्फ इस वेज बिरयानी का स्वाद चखने के लिए यहां पहुंचते हैं। उनका कहना है कि इस बिरयानी का स्वाद बेहद लजीज है और मसालों का संतुलन इसे बाकी दुकानों की तुलना में कहीं अधिक स्वादिष्ट बनाता है। यही वजह है कि लंबी दूरी तय करके भी लोग इस पारंपरिक स्वाद का लुत्फ उठाने यहां चले आते हैं।



















