राशिफल 29 अक्टूबर: करवा चौथ पर कैसा रहेगा 12 राशियों का हाल, जानिए किन लोगों को मिलेगा जबरदस्त लाभअस्ताना में भारतीय महिला पहलवानों का कमाल, काजल और नीलम विश्व खिताब के बेहद करीब100 गज में आशियाना बनाने से पहले जान लें जरूरी बातें, आगरा के विशेषज्ञ से समझें नींव से लेकर प्लंबिंग तक के टिप्सजाह्नवी कपूर ने खोला राज, श्रीदेवी के निधन के बाद लंदन से पढ़ाई छोड़कर मुंबई आ गए थे शिखर पहाड़ियाचंद्रपुर में जिला अस्पताल के सामने खूनी संघर्ष, पेवर ब्लॉक से कुचलकर युवक की हत्यामारुति और टाटा की सीएनजी कारों का दबदबा, जानिए सितंबर 2026 की टॉप बिकने वाली गाड़ियांट्रेडिशनल कपड़ों के साथ वेस्टर्न फुटवियर का ट्रेंड, साड़ी और लहंगे पर स्नीकर्स का जलवाकरवाचौथ की सरगी में ऐसे बनाएं सेवई, दिनभर नहीं लगेगी भूख और प्यास, नोट करें आसान रेसिपीआमिर खान की बेटी आयरा खान का बढ़ा वजन, बोलीं- 80 किलो के करीब पहुंचा मीटरसीआईएसएफ के तीरंदाजों ने रांची में लहराया परचम, कुल 16 पदक जीतकर रचा इतिहास
प्रयागराज के छात्रों का समय बचाने वाला देसी जुगाड़, कुकर में एक साथ बनाते हैं दाल और चावलखानपान
28 अक्तू॰ 2026, 3:25 pm (5 मिनट पहले)· 0

प्रयागराज के छात्रों का समय बचाने वाला देसी जुगाड़, कुकर में एक साथ बनाते हैं दाल और चावल

प्रयागराज में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र पढ़ाई का समय बचाने के लिए एक ही कुकर में दाल और चावल एक साथ पकाते हैं, जिससे उनका काफी समय बच जाता है।

संगम नगरी और पढ़ाई का प्रमुख केंद्र कहे जाने वाले प्रयागराज में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे छात्रों के सामने किताबों के बीच समय पर भोजन तैयार करने की भी बड़ी चुनौती रहती है। इस मुश्किल से पार पाने के लिए छात्र कम अवधि में खाना बनाने के तमाम अनोखे और नए तरीके तलाशते रहते हैं। इन्हीं में से एक बेहद लोकप्रिय तरीका एक ही प्रेशर कुकर में दाल और चावल को एक साथ पकाने का देसी जुगाड़ है। इस तरकीब से न सिर्फ खाना पकाने में लगने वाले बहुमूल्य समय की भारी बचत होती है, बल्कि छात्रों को बार-बार चूल्हे के आगे खड़े होने की परेशानी से भी बड़ी राहत मिलती है।

प्रयागराज में रहकर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र अभिषेक ने इस बारे में अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे पढ़ाई के लिए अधिक समय निकालने के वास्ते इसी तरीके का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने विस्तार से बताया कि यदि दाल और चावल को अलग-अलग बर्तनों में पकाया जाए, तो दोनों को पूरी तरह तैयार होने में लगभग दो घंटे तक का लंबा समय लग जाता है। इसके विपरीत, जब एक ही कुकर में दोनों चीजें एक साथ चढ़ाई जाती हैं, तो उनका पूरा भोजन आधे घंटे के भीतर ही बनकर तैयार हो जाता है। पढ़ाई के लिए व्यस्त शेड्यूल और कम समय मिलने की वजह से वे इस जुगाड़ को अपने लिए सबसे ज्यादा सुविधाजनक मानते हैं।

ये भी पढ़ें

पढ़ाई के लिए कीमती वक्त बचाने की जद्दोजहद

अभिषेक का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की कठिन तैयारी में जुटे युवाओं के लिए दिन का एक-एक पल बेहद महत्वपूर्ण होता है। उनके पूरे दिन का बड़ा हिस्सा कक्षाओं, सेल्फ स्टडी, नोट्स तैयार करने और परीक्षा के मॉक टेस्ट लगाने में ही बीत जाता है। ऐसे में रोजमर्रा के भोजन तैयार करने में बहुत ज्यादा वक्त खर्च करना उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं होता है। एक ही बर्तन में दाल और चावल को एक साथ तैयार करने से उनका काफी समय बच जाता है, जिसका सदुपयोग वे अपनी किताबों को पढ़ने या अन्य जरूरी शैक्षणिक कार्यों को पूरा करने में करते हैं।

जल्द भोजन तैयार कर किताबों से दोबारा जुड़ने की चिंता

एक अन्य प्रतियोगी छात्र राहुल ने भी इसी खाना पकाने के तरीके को बेहद उपयोगी और कारगर बताया है। उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं के उम्मीदवारों को हर वक्त यह दबाव रहता है कि वे जल्द से जल्द अपना भोजन तैयार करके अपनी पढ़ाई की मेज पर वापस लौट जाएं। ऐसे हालात में एक ही कुकर में दाल और चावल एक साथ उबालने का यह तरीका उनके लिए बहुत मददगार साबित होता है। इससे अत्यंत कम समय में पौष्टिक खाना तैयार हो जाता है और साथ ही अलग-अलग बर्तन गंदे होने से भी मुक्ति मिल जाती है। छात्रों का मानना है कि यह तरीका उन तमाम युवाओं के लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकता है जो अपने घर-परिवार से दूर अकेले रहकर पढ़ाई करते हैं या फिर सीमित संसाधनों के सहारे अपने सपनों को पूरा करने में लगे हैं।

दैनिक जीवन और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाने की कोशिश

भले ही भोजन तैयार करने का यह तरीका हर छात्र की व्यक्तिगत जरूरत और सहूलियत के आधार पर अलग-अलग हो सकता है, लेकिन प्रयागराज के माहौल में यह काफी आम हो चला है। शहर के कमरों और हॉस्टल में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों की दिनचर्या में पढ़ाई के साथ-साथ खुद खाना बनाना भी जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा है। ऐसे में एक कुकर में दाल और चावल पकाने का यह देसी जुगाड़ उनकी रोजमर्रा की भागदौड़ भरी जिंदगी को आसान बनाने का एक बेहतरीन जरिया बन गया है। छात्रों की यह छोटी सी तरकीब इस बात की गवाही देती है कि वे किस तरह सीमित समय और संसाधनों के बीच अपनी पढ़ाई और दैनिक जीवन के जरूरी कामों के बीच बेहतरीन तालमेल बिठाते हैं।

सवाल-जवाब

प्रयागराज के छात्र दाल और चावल पकाने के लिए किस तरीके का इस्तेमाल करते हैं?
छात्र समय बचाने के लिए एक ही प्रेशर कुकर में दाल और चावल एक साथ पकाते हैं।
अलग-अलग पकाने की तुलना में एक कुकर में खाना बनाने में कितना समय लगता है?
अलग-अलग पकाने में करीब दो घंटे लगते हैं, जबकि एक ही कुकर में खाना लगभग आधे घंटे में तैयार हो जाता है।
अभिषेक नामक छात्र इस तरीके का उपयोग क्यों करता है?
अभिषेक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कीमती वक्त बचाने के वास्ते इस तरीके को अपनाता है।
राहुल के अनुसार इस जुगाड़ का क्या फायदा है?
राहुल का कहना है कि इससे कम समय में भोजन तैयार होता है और अलग-अलग बर्तन इस्तेमाल करने की जरूरत कम पड़ती है।
यह तरीका किन लोगों के लिए सबसे ज्यादा उपयोगी है?
यह तरीका अकेले रहने वाले और सीमित संसाधनों में पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए बहुत उपयोगी है।
खाना पकाने के इस तरीके से छात्रों को क्या मुख्य राहत मिलती है?
इससे छात्रों को बार-बार खाना बनाने की परेशानी से राहत मिलती है और पढ़ाई के लिए ज्यादा समय मिल जाता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp