संगम नगरी और पढ़ाई का प्रमुख केंद्र कहे जाने वाले प्रयागराज में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे छात्रों के सामने किताबों के बीच समय पर भोजन तैयार करने की भी बड़ी चुनौती रहती है। इस मुश्किल से पार पाने के लिए छात्र कम अवधि में खाना बनाने के तमाम अनोखे और नए तरीके तलाशते रहते हैं। इन्हीं में से एक बेहद लोकप्रिय तरीका एक ही प्रेशर कुकर में दाल और चावल को एक साथ पकाने का देसी जुगाड़ है। इस तरकीब से न सिर्फ खाना पकाने में लगने वाले बहुमूल्य समय की भारी बचत होती है, बल्कि छात्रों को बार-बार चूल्हे के आगे खड़े होने की परेशानी से भी बड़ी राहत मिलती है।
प्रयागराज में रहकर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र अभिषेक ने इस बारे में अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे पढ़ाई के लिए अधिक समय निकालने के वास्ते इसी तरीके का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने विस्तार से बताया कि यदि दाल और चावल को अलग-अलग बर्तनों में पकाया जाए, तो दोनों को पूरी तरह तैयार होने में लगभग दो घंटे तक का लंबा समय लग जाता है। इसके विपरीत, जब एक ही कुकर में दोनों चीजें एक साथ चढ़ाई जाती हैं, तो उनका पूरा भोजन आधे घंटे के भीतर ही बनकर तैयार हो जाता है। पढ़ाई के लिए व्यस्त शेड्यूल और कम समय मिलने की वजह से वे इस जुगाड़ को अपने लिए सबसे ज्यादा सुविधाजनक मानते हैं।
पढ़ाई के लिए कीमती वक्त बचाने की जद्दोजहद
अभिषेक का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की कठिन तैयारी में जुटे युवाओं के लिए दिन का एक-एक पल बेहद महत्वपूर्ण होता है। उनके पूरे दिन का बड़ा हिस्सा कक्षाओं, सेल्फ स्टडी, नोट्स तैयार करने और परीक्षा के मॉक टेस्ट लगाने में ही बीत जाता है। ऐसे में रोजमर्रा के भोजन तैयार करने में बहुत ज्यादा वक्त खर्च करना उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं होता है। एक ही बर्तन में दाल और चावल को एक साथ तैयार करने से उनका काफी समय बच जाता है, जिसका सदुपयोग वे अपनी किताबों को पढ़ने या अन्य जरूरी शैक्षणिक कार्यों को पूरा करने में करते हैं।
जल्द भोजन तैयार कर किताबों से दोबारा जुड़ने की चिंता
एक अन्य प्रतियोगी छात्र राहुल ने भी इसी खाना पकाने के तरीके को बेहद उपयोगी और कारगर बताया है। उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं के उम्मीदवारों को हर वक्त यह दबाव रहता है कि वे जल्द से जल्द अपना भोजन तैयार करके अपनी पढ़ाई की मेज पर वापस लौट जाएं। ऐसे हालात में एक ही कुकर में दाल और चावल एक साथ उबालने का यह तरीका उनके लिए बहुत मददगार साबित होता है। इससे अत्यंत कम समय में पौष्टिक खाना तैयार हो जाता है और साथ ही अलग-अलग बर्तन गंदे होने से भी मुक्ति मिल जाती है। छात्रों का मानना है कि यह तरीका उन तमाम युवाओं के लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकता है जो अपने घर-परिवार से दूर अकेले रहकर पढ़ाई करते हैं या फिर सीमित संसाधनों के सहारे अपने सपनों को पूरा करने में लगे हैं।
दैनिक जीवन और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाने की कोशिश
भले ही भोजन तैयार करने का यह तरीका हर छात्र की व्यक्तिगत जरूरत और सहूलियत के आधार पर अलग-अलग हो सकता है, लेकिन प्रयागराज के माहौल में यह काफी आम हो चला है। शहर के कमरों और हॉस्टल में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों की दिनचर्या में पढ़ाई के साथ-साथ खुद खाना बनाना भी जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा है। ऐसे में एक कुकर में दाल और चावल पकाने का यह देसी जुगाड़ उनकी रोजमर्रा की भागदौड़ भरी जिंदगी को आसान बनाने का एक बेहतरीन जरिया बन गया है। छात्रों की यह छोटी सी तरकीब इस बात की गवाही देती है कि वे किस तरह सीमित समय और संसाधनों के बीच अपनी पढ़ाई और दैनिक जीवन के जरूरी कामों के बीच बेहतरीन तालमेल बिठाते हैं।


















