भारतीय घरों की रसोई में प्रेशर कुकर सबसे जरूरी बर्तनों में गिना जाता है। दाल पकानी हो या कोई गाढ़ी तरीदार सब्जी बनानी हो, कुकर का इस्तेमाल रोजाना की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि तेज भाप और दबाव के कारण खाना तेजी से पक जाता है और कच्चा रहने का डर भी खत्म हो जाता है। इसके बावजूद, कई बार कुकर में तैयार भोजन स्वाद और बनावट दोनों के लिहाज से निराशाजनक साबित होता है। सब्जियां पूरी तरह घुट जाती हैं, उनका कुरकुरापन खत्म हो जाता है और मसालों का संतुलन भी बिगड़ जाता है।
कुकर में स्वाद और टेक्सचर बिगड़ने की मुख्य वजह
प्रेशर कुकर के भीतर खाना पकाने का विज्ञान पारंपरिक खुले बर्तनों से एकदम अलग होता है। जब कुकर का ढक्कन बंद करके सीटी लगाई जाती है, तो अंदर अत्यधिक गर्मी और भाप का तेज दबाव बनता है। इस प्रक्रिया में भोजन काफी देर तक बेहद उच्च तापमान और दबाव के सीधे संपर्क में रहता है। यदि सब्जियों और मसालों को बहुत बारीक काटा जाए, तो वे दबाव झेल नहीं पाते और पूरी तरह पिघलकर तरी में घुल जाते हैं। नतीजा यह निकलता है कि अलग-अलग सब्जियों का अपना प्राकृतिक स्वाद दब जाता है और भोजन एक जैसी बेजान प्यूरी जैसा लगने लगता है।
शेफ रणवीर बरार का आसान नियम
मशहूर शेफ रणवीर बरार ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट इंस्टाग्राम पर कुकर में पकाने का एक सीधा नियम समझाया है। उनका कहना है कि अगर आप चाहते हैं कि कुकर में बनी सब्जी का स्वाद और बनावट दोनों होटल जैसी शानदार रहें, तो सब्जियों को बहुत छोटा काटने से बचें। सामग्रियों को सामान्य से थोड़े बड़े टुकड़ों में काटना चाहिए। जब टुकड़े बड़े होते हैं, तो सीटी लगने के बाद भी वे गलकर बिखरते नहीं हैं। इससे सब्जी का प्रत्येक टुकड़ा अपना आकार बनाए रखता है और खाते वक्त उसका वास्तविक स्वाद मुंह में आता है।
तड़के की सामग्रियों को कैसे काटें
सब्जी या करी के स्वाद की नींव उसके तड़के पर टिकी होती है, और कुकर में तड़का लगाते समय कटाई का तरीका बहुत मायने रखता है। शेफ रणवीर बरार के अनुसार, तड़के की बुनियादी सामग्रियों को इस तरह तैयार करना चाहिए
- टमाटर के टुकड़े: टमाटर को बिल्कुल बारीक चॉप करने के बजाय हमेशा बड़े और मोटे टुकड़ों में काटना चाहिए। भारी दबाव में बड़े टुकड़े धीरे-धीरे गलते हैं और तरी को गाढ़ापन देने के साथ अपना खट्टा-मीठा स्वाद बनाए रखते हैं।
- प्याज की कटाई: प्याज को भी बहुत महीन काटने की आवश्यकता नहीं है। इसे थोड़ा मोटा या चौकोर स्लाइस में रखना बेहतर रहता है, ताकि यह जलने या बहुत जल्दी गलने से बचा रहे।
- अदरक और लहसुन: अदरक और लहसुन को एकदम बारीक पीसने या महीन काटने के बजाय हल्का मोटा कूटकर इस्तेमाल करें। दरदरा कुटा हुआ अदरक-लहसुन लंबे समय तक अपनी खुशबू और तीखापन बरकरार रखता है।
यह तरीका विशेष रूप से उन सब्जियों और करी में बेहद असरदार साबित होता है, जिन्हें पकने में अधिक सीटी और समय की जरूरत होती है। सही आकार में कटी सामग्री भाप के दबाव को अच्छी तरह सह लेती है, जिससे खाने का रूप और जायका दोनों संतुलित रहते हैं।



















