बिहार के पूर्णिया में शाम ढलते ही मिठास के शौकीनों का हुजूम एक खास ठिकाने पर जुटने लगता है। पॉलिटेक्निक चौक के पास शिव मंदिर रोड पर सजने वाली एक छोटी सी दुकान इन दिनों शहर के स्वाद प्रेमियों के बीच चर्चा का केंद्र बनी हुई है। यहां मिलने वाली गर्मागर्म जोधपुरी जलेबी का आकर्षण ऐसा है कि कड़ाके की धूप हो या मूसलाधार बारिश, लोगों की लंबी कतारें कम होने का नाम नहीं लेतीं। अपने अनूठे कुरकुरेपन और बेमिसाल स्वाद की बदौलत यह जलेबी स्थानीय बाज़ार में बेहद लोकप्रिय हो चुकी है।
राजस्थान से आए सहदेव राव का 5 साल का सफर
इस स्वाद की कमान संभालने वाले सहदेव राव मूल रूप से राजस्थान के निवासी हैं। वे पिछले 5 सालों से पूर्णिया के इसी पॉलिटेक्निक चौक पर अपनी दुकान संचालित कर रहे हैं। इतने वर्षों की मेहनत के बाद अब उनकी दुकान इलाके की एक जानी-पहचानी पहचान बन चुकी है। दूर-दराज से आने वाले लोग भी शाम के वक्त यहां ताज़ी और करारी जलेबी का लुत्फ उठाने जरूर पहुंचते हैं।
सीक्रेट मसालों से तैयार होता है अनोखा स्वाद
सहदेव राव अपनी जलेबी की खासियत का श्रेय सीधे राजस्थान की पारंपरिक पाक कला को देते हैं। उनके अनुसार, वे जलेबी का घोल और चाशनी तैयार करने में किसी साधारण तरीके का इस्तेमाल नहीं करते, बल्कि सीधे राजस्थान से मंगवाए गए खास सीक्रेट मसालों का उपयोग करते हैं। यही गुप्त मसाले जलेबी को एक विशिष्ट महक और अनोखा स्वाद देते हैं, जो इसे सामान्य जलेबियों के मुकाबले काफी अलग और लजीज बना देता है।
शाम से रात 9 बजे तक जबरदस्त मांग और बिक्री
सहदेव राव की यह दुकान शाम को खुलती है और रात 9 बजे तक ग्राहकों से गुलजार रहती है। सीमित समय में ही यहां की मांग इतनी अधिक रहती है कि रोजाना 50 किलो से अधिक जलेबी आसानी से बिक जाती है। दुकान पर यह लजीज जोधपुरी जलेबी ₹200 प्रति किलो के भाव से बेची जा रही है। वाजिब दाम और बेहतरीन गुणवत्ता के चलते स्थानीय लोग इसे हाथों-हाथ खरीद रहे हैं।
ग्राहकों में जबरदस्त दीवानगी
दुकान पर नियमित रूप से आने वाले ग्राहकों का कहना है कि पूर्णिया के बाजारों में जलेबी की कई दुकानें मौजूद हैं, लेकिन इस स्टॉल का स्वाद बिल्कुल अलग है। नियमित ग्राहक मुन्ना कुमार बताते हैं कि वे रोजाना यहां जलेबी का स्वाद चखने आते हैं और इसके अनोखे स्वाद के कायल हो चुके हैं। शाम के समय मीठे के शौकीनों के लिए यह दुकान एक पसंदीदा पड़ाव बन चुकी है।


















