बिहार के सीमांचल इलाके में मांसाहारी व्यंजनों के शौकीनों के बीच मटन देहाती का खास क्रेज देखने को मिल रहा है। आम तौर पर घरों या होटलों में बनने वाले साधारण मटन से इसका स्वाद काफी अलग और चटपटा होता है। पूर्णिया के प्रसिद्ध दुबे दरबार ढाबा पर इस खास डिश का लुत्फ उठाने के लिए हर रोज बड़ी संख्या में खाने के शौकीन पहुंच रहे हैं।
बारीकी और सफाई से तैयार होती है रेसिपी
इस व्यंजन को पकाने की जिम्मेदारी संभालने वाले शेफ राहुल कुमार का कहना है कि मटन देहाती बनाने में स्वच्छता और पारंपरिक विधि का विशेष ध्यान रखा जाता है। मांस की अच्छी तरह से साफ-सफाई करने के बाद सामान्य प्रक्रिया के तहत इसे धीमी आंच पर पकाया जाता है। इसके बाद इसमें खास तड़का लगाया जाता है और कुछ गुप्त मसाले शामिल किए जाते हैं। इन्हीं खास मसालों के मिश्रण के कारण इसकी ग्रेवी में लाजवाब खुशबू और तीखापन आता है, जो खाने वालों को बेहद पसंद आता है।
महीने में कई बार खिंचे चले आते हैं नियमित ग्राहक
ढाबे पर आने वाले ग्राहकों में इस डिश को लेकर जबरदस्त उत्साह रहता है। नियमित ग्राहक सुमित कुमार और राजेश कुमार ने बताया कि वे महीने में कम से कम चार बार अपने दोस्तों के साथ मटन देहाती का स्वाद चखने यहां जरूर आते हैं। उनके मुताबिक इसका तीखा और देहाती जायका इतना लजीज है कि वे बार-बार यहां आने से खुद को नहीं रोक पाते। यही वजह है कि शाम होते ही इस दुकान पर खाने के शौकीनों का जमावड़ा लग जाता है।
किफायती दाम में दो लोगों के लिए पर्याप्त खुराक
दुबे दरबार ढाबा के संचालक रूपेंद्र मोहन दुबे उर्फ लड्डू दुबे के अनुसार पूरे पूर्णिया में केवल उनके ढाबे पर ही प्रामाणिक मटन देहाती परोसा जाता है। उन्होंने बताया कि इस डिश को बेहद कुशल और अनुभवी कारीगरों की देखरेख में पकाया जाता है ताकि पारंपरिक स्वाद बना रहे। एक प्लेट की कीमत 349 रुपये तय की गई है, जिसमें मटन के चार बड़े आकार के टुकड़े मिलते हैं। रूपेंद्र मोहन दुबे का कहना है कि यह मात्रा दो लोगों के भोजन के लिए काफी है और जो कोई भी इसे एक बार चखता है, वह इसकी तारीफ किए बिना नहीं रहता।


















