बिरयानी के शौकीनों के लिए स्वाद और महक का तालमेल सबसे अहम माना जाता है, लेकिन जब पारंपरिक मसालों के साथ पारंपरिक भारतीय रसोई का तड़का मिल जाए तो इसका आनंद दोगुना हो जाता है। आम तौर पर होटल या ढाबों में बिरयानी तैयार करने के लिए रिफाइंड तेल का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे इसका स्वाद काफी हल्का या कई बार भारी महसूस होता है। उत्तर प्रदेश के मऊ स्थित चटकारा द फैमिली रेस्टोरेंट के संचालक अभिषेक यादव ने अपनी बेहद लोकप्रिय चिकन बिरयानी का अनोखा तरीका बताया है। उनकी रसोई में रिफाइंड तेल की जगह शुद्ध सरसों के तेल, घर में पीसे गए मसालों और देसी घी का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे बिरयानी को एकदम पारंपरिक और सोंधा जायका मिलता है। इस खास विधि को अपनाकर आप अपने घर की रसोई में भी रेस्टोरेंट जैसा लाजवाब स्वाद तैयार कर सकते हैं।
सरसों के तेल और खड़े मसालों से यूं तैयार करें शुरुआती छौंक
इस खास बिरयानी को बनाने की शुरुआत सही बर्तन और तेल के चुनाव से होती है। पारंपरिक तरीके से पकाने के लिए सबसे पहले आंच पर एक बड़ा और भारी पेंदे वाला गमला या भगोना रखें और उसे अच्छी तरह गर्म होने दें। जब बर्तन पूरी तरह गर्म हो जाए, तब उसमें पर्याप्त मात्रा में सरसों का तेल डालें। सरसों के तेल के तीखेपन को संतुलित करने के लिए उसे तब तक गर्म करें जब तक उसका कच्चापन निकल न जाए। इसके बाद गर्म तेल में तेज पत्ते का छौंक लगाएं और फिर बारीक कटी प्याज डालकर भूनना शुरू करें। प्याज को लगातार चलाते हुए तब तक पकाना है जब तक कि उसका रंग गहरा लाल और सुनहरा न हो जाए। सही तरीके से भुनी प्याज ही बिरयानी की ग्रेवी को गाढ़ा और स्वादिष्ट बनाती है।
ग्रेवी का मसाला पकाने और चिकन मिलाने का सही तरीका
जब प्याज अच्छी तरह लाल हो जाए, तब उसमें पिसा हुआ लहसुन और कटे हुए टमाटर शामिल करें। इन दोनों को तब तक भूनें जब तक टमाटर गल न जाएं और तेल किनारों से अलग न होने लगे। इसके बाद मिश्रण में पिसा हुआ अदरक, स्वादानुसार नमक और हल्का मसाला डालें। मसालों को जलने से बचाने के लिए इसमें थोड़ा सा पानी मिलाएं और धीमी आंच पर कुछ मिनटों तक अच्छी तरह पकने दें। जब ग्रेवी का यह मिश्रण एकसार हो जाए और खुशबू आने लगे, तब इसमें चिकन के टुकड़े डालें। चिकन डालने के साथ ही घर पर पीसा गया खास देसी मसाला और बाजार का गरम मसाला भी ऊपर से छिड़कें। चिकन को मसालेदार ग्रेवी के साथ अच्छी तरह भूनें और तब तक पकाएं जब तक कि मांस ग्रेवी के रस को सोखते हुए पूरी तरह नरम न हो जाए।
उबले चावल, पंचमेवा और देसी घी का लाजवाब मेल
जब चिकन और उसकी गाढ़ी ग्रेवी पूरी तरह पककर तैयार हो जाए, तब इसमें पहले से उबालकर रखे गए चावल डाले जाते हैं। उबले चावल डालने के बाद हल्के हाथों से चावल और चिकन को आपस में मिलाएं ताकि मसालों का गहरा रंग और सोंधा स्वाद हर एक दाने में समा जाए। इस बिरयानी की सबसे बड़ी खासियत इसका शाही तड़का है, जिसके लिए पंचमेवा का उपयोग किया जाता है। इसमें खास तौर पर काजू, बादाम और किशमिश डाली जाती है। सूखे मेवे बिरयानी में कुरकुरापन लाते हैं, जबकि किशमिश मसालों के तीखेपन के बीच एक हल्की और संतुलित मिठास घोल देती है। आखिर में इसके ऊपर से भरपूर मात्रा में देसी घी डाला जाता है। सरसों के तेल का शुरुआती तड़का, घर के मसाले, सूखे मेवे और देसी घी मिलकर इसे एक अनोखा देशी रूप देते हैं। इसके साथ परोसी जाने वाली खास चटनी इसके स्वाद को और अधिक निखार देती है।
मऊ के रेस्टोरेंट में दिनभर रहती है गरम बिरयानी की मांग
चटकारा द फैमिली रेस्टोरेंट के संचालक अभिषेक यादव बताते हैं कि उनके यहां यह बिरयानी सुबह 11 बजे से लेकर देर शाम तक ग्राहकों के लिए उपलब्ध रहती है। उनकी कोशिश यही रहती है कि ग्राहकों को हमेशा ताजी और गरमा-गरम बिरयानी मिले, इसलिए वे एक साथ बहुत ज्यादा मात्रा में बनाने के बजाय जरूरत के हिसाब से इसे तैयार करते हैं ताकि यह गरम रहते ही खत्म हो जाए। कई मौकों पर जब ग्राहकों की मांग बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, तो उन्हें दिन में दो बार भी बिरयानी पकानी पड़ती है। उनके रेस्टोरेंट में इस बिरयानी की हाफ प्लेट की कीमत 70 रुपये है, जिसमें चिकन के दो पीस और पर्याप्त मात्रा में चावल दिए जाते हैं। जो लोग मऊ नहीं जा सकते, वे अपने घर पर ही सरसों का तेल, देसी घी और मेवों के इस तालमेल से ऐसी ही स्वादिष्ट चिकन बिरयानी तैयार कर सकते हैं।



















