ऐप्पल का नया लाइनअप: कौन सा आईफोन खरीदना समझदारी है और किन मॉडलों से दूरी बनाना बेहतरसनातन परंपरा में शिखा बांधने के पीछे क्या हैं आध्यात्मिक, वैज्ञानिक और मानसिक रहस्यसाउंडबॉक्स राइडर पार्टी स्पीकर रिव्यू: बेहतरीन मजबूती और दमदार आवाज के साथ क्या 600 डॉलर खर्च करना सही फैसला है1.80 करोड़ की लागत से बनी हनुमान अंश ने 41 दिनों में बटोरे 300 करोड़, 3 महिला निर्माताओं का चमका सिताराबेसन के पकौड़े तलने के बाद नहीं पड़ेंगे नरम, बैटर में मिलाएं एक खास सामग्रीकिचन वेस्ट से तैयार करें पौधों के लिए ताकतवर लिक्विड खाद, चावल के पानी में मिलाएं ये तीन चीजेंजयपुर में कैश लोड करते समय बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से 42 लाख रुपये लूटे, पूरे शहर में नाकेबंदीबजट रसोई में कैफे का अहसास, 3,000 रुपये के अंदर मिल रहे ये कॉफी और टी मेकर्सबीसीसीआई की वार्षिक बैठक में मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के कार्यकाल विस्तार और रांची टेस्ट पर सचिव देवजीत सैकिया ने स्थिति साफ कीराजस्थान में ब्यावर से भरतपुर तक बनेगा नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, दिल्ली से अजमेर का सफर घटकर पांच घंटे होगा
राजस्थान के रूपवास की पारंपरिक नानखटाई बनी पहचान, 3 से 4 स्वादों में तैयार होती है यह खास मिठाईखानपान
19 सित॰ 2026, 5:21 pm (1 घंटे पहले)· 1

राजस्थान के रूपवास की पारंपरिक नानखटाई बनी पहचान, 3 से 4 स्वादों में तैयार होती है यह खास मिठाई

भरतपुर के रूपवास कस्बे में बनने वाली खास नानखटाई अपनी बनावट और 3 से 4 स्वादों के लिए मशहूर है, जिसे धीमी आंच पर पारंपरिक तरीके से बेक किया जाता है।

राजस्थान के भरतपुर जिले में स्थित रूपवास कस्बा अपनी अनूठी और पारंपरिक नानखटाई की मिठास के लिए दूर-दूर तक पहचाना जाता है। उत्तर प्रदेश की सीमा से सटा होने के कारण इस इलाके की खानपान संस्कृति में एक खास मेलजोल देखने को मिलता है, जहां की नानखटाई हर वर्ग के लोगों के बीच खूब पसंद की जाती है। यहां के हलवाई इसे पारंपरिक हुनर से बनाते हैं, जो कई तरह के अलग-अलग आकार और स्वादों में उपलब्ध कराई जाती है। कारीगर इसे मुख्य रूप से 3 से 4 अलग-अलग किस्मों में पेश करते हैं, ताकि हर उम्र के खरीदार अपनी पसंद के अनुसार इसका आनंद ले सकें।

मैदा, चीनी और शुद्ध घी से बनता है इसका खास मिश्रण

रूपवास की इस प्रसिद्ध नानखटाई को तैयार करने की शुरुआत बेहतरीन बुनियादी सामग्रियों से होती है। इसे बनाने के लिए मुख्य रूप से मैदा, पिसी हुई चीनी और घी का सही संतुलन में उपयोग किया जाता है। सबसे पहले मैदा को बारीक छलनी से अच्छी तरह छान लिया जाता है ताकि उसमें कोई गांठ न रहे। इसके बाद इसमें आवश्यकतानुसार चीनी और घी डाला जाता है। इस पूरी सामग्री को हाथों से बहुत ही सलीके से गूंथकर एक मुलायम और चिकना आटा तैयार किया जाता है, जिससे बाद में एक समान आकार की छोटी-छोटी टिकिया ढाली जाती हैं।

ये भी पढ़ें

आटे को सेट करने और डिजाइन तराशने का पारंपरिक हुनर

इस मिठाई की खास बनावट और स्वाद के पीछे एक अहम प्रक्रिया आटे को कुछ देर के लिए विश्राम देना है। गूंथने के बाद आटे को कुछ समय के लिए सेट होने के लिए रख दिया जाता है, जिससे सारी सामग्रियां आपस में अच्छी तरह रच-बस जाती हैं। इसके बाद कारीगर इस आटे से छोटी-छोटी लोइयां बनाते हैं और उन्हें हथेलियों के बीच रखकर हल्का सा चपटा करते हैं। इन लोइयों के ऊपरी हिस्से पर हल्की कटिंग या खूबसूरत डिजाइन उकेरी जाती है, जिससे पकने के बाद नानखटाई दिखने में भी काफी लुभावनी और आकर्षक नजर आती है।

धीमी आंच पर बेकिंग से मिलता है कुरकुरापन और सुनहरा रंग

आकार देने के बाद इन सभी लोइयों को भट्टी या ओवन में धीमी और नियंत्रित आंच पर पकने के लिए रख दिया जाता है। धीमी आंच पर धीरे-धीरे सिकने के कारण इसका रंग हल्का सुनहरा होने लगता है और आसपास शुद्ध घी की मनमोहक सुगंध बिखर जाती है। इस धीमी बेकिंग का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि नानखटाई बाहर की परत से हल्की कुरकुरी बनती है, जबकि अंदर से पूरी तरह नरम और मुंह में घुल जाने वाली रहती है। यही दोहरा अहसास रूपवास की नानखटाई की असल पहचान माना जाता है।

ड्राई फ्रूट्स से लेकर सादे स्वाद तक की कई किस्में

रूपवास के बाजार में मिलने वाली नानखटाई में स्वादों की विविधता का पूरा ध्यान रखा जाता है। जहां एक तरफ पारंपरिक और साधारण स्वाद वाली नानखटाई की भारी मांग रहती है, वहीं दूसरी तरफ ड्राई फ्रूट्स के इस्तेमाल से तैयार खास वैरायटी भी लोगों को खूब आकर्षित करती है। कस्बे की स्थानीय दुकानों पर आसपास के ग्रामीण इलाकों के अलावा उत्तर प्रदेश से आने वाले खरीदारों की भी लगातार आवाजाही बनी रहती है, जो यहां से सफर के दौरान इसे जरूर पैक करवाते हैं।

घर की रसोई में तैयार करने की आसान विधि

अगर कोई इस लजीज नानखटाई को अपने घर की रसोई में आजमाना चाहता है, तो इसकी विधि बेहद सीधी है। मैदा में पिसी चीनी और जरूरत के अनुसार घी मिलाकर अच्छी तरह गूंथ लें और एक बेहद नरम आटा बना लें। इस आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर ऊपर हल्का सा कट या डिजाइन बनाएं। इसके बाद इन्हें पहले से गर्म किए गए ओवन में रखें और धीमी आंच पर सुनहरा रंग आने तक बेक होने दें। ओवन से बाहर निकालने के बाद इन्हें पूरी तरह ठंडा होने दें, जिससे यह सही कुरकुरापन हासिल कर सकें। शाम की गर्मागर्म चाय के साथ परोसने पर इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है।

सवाल-जवाब

रूपवास की नानखटाई को बनाने में किन मुख्य सामग्रियों का इस्तेमाल होता है?
इसे तैयार करने के लिए मुख्य रूप से छना हुआ मैदा, पिसी हुई चीनी और शुद्ध घी का इस्तेमाल किया जाता है।
रूपवास कस्बे में नानखटाई की कितनी किस्में बनाई जाती हैं?
यहां कारीगर इसे करीब 3 से 4 अलग-अलग स्वादों और आकारों में तैयार करते हैं, जिनमें साधारण से लेकर ड्राई फ्रूट्स वाली किस्में शामिल हैं।
इस नानखटाई की सबसे खास बनावट क्या होती है?
धीमी आंच पर पकने के कारण यह बाहर से हल्की कुरकुरी और अंदर से बेहद नरम होती है।
घर पर इसे बेक करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
मुलायम आटा तैयार कर छोटी लोइयां बनाएं और पहले से गर्म ओवन में धीमी आंच पर सुनहरा होने तक बेक करें, फिर ठंडा होने दें।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp