शाम के समय चाय के साथ यदि कुछ गरमा-गरम और क्रिस्पी मिल जाए, तो दिनभर की थकान दूर हो जाती है। ऐसे में पत्ता गोभी की पकौड़ी एक बेहतरीन और झटपट तैयार होने वाला व्यंजन साबित होती है। गृहिणी राधिका प्रजापति के अनुसार, इस स्वादिष्ट नाश्ते की तैयारी पत्ता गोभी की सही सफाई से शुरू होती है। सबसे पहले ताजी पत्ता गोभी को पानी से अच्छी तरह साफ किया जाता है और फिर उसे चाकू की मदद से बारीक लंबा-लंबा काट लिया जाता है। इसके साथ ही स्वाद को दोगुना करने के लिए चार से पांच मध्यम आकार के प्याज काटे जाते हैं और तीखेपन का सही संतुलन बनाए रखने के लिए तीन से चार हरी मिर्च को बारीक काट कर तैयार रखा जाता है।
सब्जियों और मसालों का सटीक मिश्रण
सब्जियों की कटाई पूरी होने के बाद तैयारी का अगला चरण मिश्रण बनाने का होता है। राधिका प्रजापति ने बताया कि एक खुले और बड़े बर्तन में कटी हुई लंबी पत्ता गोभी, प्याज और बारीक हरी मिर्च को एक साथ रखकर हाथ से हल्का मिलाया जाता है। इसके तुरंत बाद इसमें आवश्यकतानुसार बेसन शामिल किया जाता है, जो सब्जियों को बांधने का आधार बनता है। स्वाद और आकर्षक रंगत के लिए इस सामग्री में स्वादानुसार नमक और हल्दी मिलाई जाती है। इसके अलावा जायके को और अधिक चटपटा बनाने के लिए थोड़ा जीरा पाउडर, गोलकी पाउडर यानी काली मिर्च का चूर्ण और तलने पर हल्का खस्तापन लाने के उद्देश्य से बेहद थोड़ी मात्रा में बेकिंग सोडा डाला जाता है।
गाढ़ा बैटर तैयार करने की विधि
सूखे मसालों और सब्जियों के आपस में मिल जाने के बाद पानी मिलाने का काम शुरू होता है। इस प्रक्रिया में एक साथ ज्यादा पानी डालने से बचा जाता है और चम्मच या हाथ से थोड़ा-थोड़ा पानी छिड़कते हुए गाढ़ा मिश्रण गूंथा जाता है। राधिका प्रजापति के मुताबिक, इस बात की विशेष सावधानी रखनी चाहिए कि तैयार घोल किसी भी सूरत में अधिक पतला न होने पाए। पत्ता गोभी, प्याज और बेसन का यह घोल ऐसा घना होना चाहिए जिसे हाथों की उंगलियों से आसानी से मनचाहा आकार देकर सीधे गरम तेल में छोड़ा जा सके।
मध्यम आंच पर तलने की सही तकनीक
घोल तैयार हो जाने के बाद कड़ाही में तेल डालकर गर्म होने के लिए रख दिया जाता है। जब तेल मध्यम तापमान पर आ जाए, तब तैयार मिश्रण से थोड़ा-थोड़ा हिस्सा लेकर एक-एक करके कड़ाही में डाला जाता है। पकौड़ियों को हमेशा मध्यम आंच पर ही धीरे-धीरे सेका जाता है ताकि वे भीतर तक पूरी तरह पक जाएं और बाहर से सुनहरी व कुरकुरी बनें। जब इनका रंग दोनों तरफ से सुनहरा भूरा हो जाए और ऊपरी परत खस्ता दिखने लगे, तब इन्हें छलनी से छानकर कड़ाही से बाहर निकाल लिया जाता है। इसी प्रक्रिया को दोहराते हुए बाकी बचे मिश्रण से भी सभी पकौड़ियां तल ली जाती हैं। इन गरमा-गरम क्रिस्पी पकौड़ियों को तीखी हरी चटनी, टमाटर की चटनी या गरमा-गरम चाय के साथ परोसकर शाम के नाश्ते का आनंद लिया जा सकता है।


















