दक्षिण भारत की पारंपरिक रसोई से निकला सांभर आज हर भारतीय थाली की पहली पसंद बन चुका है। इडली, डोसा, मेदू वड़ा या गरमा-गरम सादे चावल के साथ इसका खट्टा, तीखा और मसालों से भरा स्वाद भोजन के आनंद को दोगुना कर देता है। पोषक तत्वों से भरपूर यह व्यंजन दाल के प्रोटीन और मौसमी सब्जियों के गुणों का बेहतरीन संगम पेश करता है। अक्सर घर पर सांभर बनाते समय वह होटल या रेस्तरां जैसा गाढ़ापन और खुशबू नहीं आ पाती, लेकिन सही विधि और सटीक चरणों का पालन करके इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है।
दाल पकाने और इमली तैयार करने का पहला चरण
एक स्वादिष्ट सांभर की असली बुनियाद उसकी दाल के टेक्सचर पर टिकी होती है। इसके लिए अरहर दाल को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें और लगभग 20 से 30 मिनट के लिए पानी में भिगोकर रख दें। दाल भिगोने से वह जल्दी और समान रूप से गलती है। इसके बाद दाल को प्रेशर कुकर में डालें, साथ में हल्दी और लगभग 3 कप पानी मिलाएं। कुकर का ढक्कन बंद करके मध्यम आंच पर 4 से 5 सीटी आने तक इसे पकाएं। जब कुकर का प्रेशर अपने आप निकल जाए, तो पकी हुई दाल को मथानी या चम्मच से अच्छी तरह मैश कर लें ताकि वह एकदम मुलायम हो जाए। इसी बीच, सांभर को खटास देने के लिए इमली को गुनगुने पानी में 15 मिनट के लिए भिगो दें और फिर मसलकर उसका गाढ़ा पल्प और पानी छानकर अलग रख लें।
सब्जियों को उबालना और मसालों का सही मेल
सांभर को पौष्टिक और रंगीन बनाने के लिए एक गहरे बर्तन में कटी हुई सब्जियां लें। इसमें सहजन (ड्रमस्टिक), गाजर, बैंगन, प्याज और टमाटर शामिल करें और थोड़ा पानी डालकर आंच पर चढ़ा दें। इन सब्जियों को मध्यम आंच पर लगभग 10 मिनट तक तब तक पकाएं जब तक कि वे नरम न हो जाएं। जब सब्जियां अच्छी तरह गल जाएं, तब बर्तन में सांभर पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और स्वादानुसार नमक डालें। इन सभी मसालों को पकी हुई सब्जियों के साथ अच्छी तरह मिला लें ताकि सब्जियों के अंदर मसालों का स्वाद पूरी तरह समा जाए।
दाल का मिश्रण और धीमी आंच पर पकाना
सब्जियों और मसालों के पक जाने के बाद, बर्तन में पहले से मैश करके रखी गई अरहर दाल और तैयार इमली का पानी डाल दें। यदि मिश्रण अधिक गाढ़ा लगे, तो आवश्यकतानुसार थोड़ा अतिरिक्त पानी मिला सकते हैं। अब आंच को मध्यम कर दें और पूरे सांभर को 10 से 15 मिनट तक अच्छी तरह उबलने दें। इस धीमी उबाल के दौरान दाल, इमली का खट्टापन, मसालों का तीखापन और सब्जियों का रस आपस में घुलकर एक गाढ़ी, संतुलित और सुगंधित ग्रेवी तैयार करते हैं।
तड़के की छौंक और स्वाद बढ़ाने वाले खास टिप्स
सांभर का असली जादू उसके तड़के में छिपा होता है। इसके लिए एक छोटी कड़ाही या तड़का पैन में तेल या देसी घी गर्म करें। जब तेल गर्म हो जाए तो उसमें राई डालें और उसे चटकने दें। राई के चटकते ही पैन में करी पत्ता, सूखी लाल मिर्च और चुटकी भर हींग डालें और कुछ सेकंड तक भूनें। तैयार तड़के को तुरंत उबलते हुए सांभर में डाल दें और बर्तन को फौरन ढक्कन से ढक दें। ऐसा करने से तड़के की खुशबूदार भाप बाहर नहीं निकलती और सांभर के भीतर तक रच-बस जाती है।
सांभर का स्वाद हमेशा उम्दा बना रहे, इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। इमली की मात्रा हमेशा संतुलित रखें, क्योंकि अधिक खटास पूरे स्वाद को खराब कर सकती है। ताजा पिसा सांभर पाउडर उपयोग करने से करी का स्वाद कहीं बेहतर निकलकर आता है। सहजन और कद्दू जैसी सब्जियों को शामिल करने से इसका टेक्सचर और फ्लेवर और समृद्ध हो जाता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि तड़का हमेशा पकाने के अंत में ही लगाएं ताकि उसकी भीनी खुशबू परोसते समय तक बरकरार रहे।



















