ताजनगरी आगरा अपनी समृद्ध ऐतिहासिक धरोहरों के साथ-साथ अपने लाजवाब खान-पान के लिए भी दुनिया भर में पहचानी जाती है। उत्तर भारत के अधिकतर शहरों में जलेबी का नाम आते ही गाढ़ी मलाईदार रबड़ी या गर्म दूध का ख्याल आता है, मगर आगरा के खान-पान की परंपरा में एक बिल्कुल अलग और अनोखा प्रयोग देखने को मिलता है। यहां के बाशिंदे और बाहर से आने वाले मुसाफिर सुबह के वक्त चाशनी में डूबी गर्म कुरकुरी जलेबी को तीखी, चटपटी और मसालेदार आलू की सब्जी के साथ खाना बेहद पसंद करते हैं। मिठास और तीखेपन का यह अनोखा संगम मुंह में ऐसा जायका घोलता है कि चखने वाला बार-बार खिंचा चला आता है।
धौलपुर हाउस में सुबह से ही उमड़ती है शौकीनों की भीड़
शहर के मुख्य एमजी रोड से सटे धौलपुर हाउस इलाके में सुबह का नजारा किसी उत्सव जैसा दिखाई देता है। सूरज की पहली किरण निकलने और दुकानों के शटर उठते ही इस खास नाश्ते का लुत्फ उठाने वालों की कतार लगनी शुरू हो जाती है। यहां स्थित आगरा मिष्ठान भंडार अपनी खास जलेबी और आलू की रसेदार सब्जी की जुगलबंदी के लिए शहर भर में शोहरत पा चुका है। इलाके के स्थानीय बाशिंदे जहां हर सुबह की शुरुआत इसी पारंपारिक नाश्ते से करना अपनी दिनचर्या मानते हैं, वहीं दूसरे राज्यों और शहरों से आगरा घूमने पहुंचे सैलानी भी इस देसी मेल का स्वाद लेने यहां जरूर रुकते हैं।
घर के कुटे मसाले और पनीर का अनूठा मेल
इस प्रतिष्ठान के संचालक राम कुमार रघुवंशी बताते हैं कि उनकी आलू की सब्जी का स्वाद साधारण हलवाई की सब्जी से बिल्कुल जुदा है। इसे पकाने के लिए रोजाना मंडी से आई ताजी सब्जियों का चुनाव किया जाता है। सब्जी की तरी को खास बनाने के लिए बाजार के रेडीमेड पिसे मसालों के बजाय घर पर पारंपरिक तरीके से तैयार किए गए कुटे मसाले और साबुत खड़े मसाले मिलाए जाते हैं। इतना ही नहीं, सब्जी में मुलायम पनीर के टुकड़े और ऊपर से भरपूर मात्रा में छिड़का गया ताजा हरा धनिया इसके स्वाद और महक को कई गुना निखार देता है।
शुद्ध देसी घी और वाजिब दाम में स्वच्छता की मिसाल
राम कुमार रघुवंशी के अनुसार, उनके यहां बनने वाली सब्जी और जलेबी दोनों को ही तैयार करने में शुद्ध देसी घी का इस्तेमाल किया जाता है। स्वाद के साथ-साथ दुकान के परिसर में साफ-सफाई और शुद्धता का भी कड़ा पहरा रखा जाता है। गुणवत्ता उच्च स्तर की होने के बावजूद इसे बेहद किफायती दामों पर ग्राहकों के लिए उपलब्ध कराया जाता है, जिससे हर वर्ग का व्यक्ति बिना जेब पर बोझ डाले इसका आनंद ले सके। अगर कोई आगरा जाकर पेठे से इतर कुछ अनोखा और असली देसी स्वाद आजमाना चाहता है, तो जलेबी और तीखी आलू की सब्जी की यह थाली एक लाजवाब विकल्प साबित होती है।


















