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रोज की मटन करी से हटकर बनाएं आंध्र प्रदेश की मशहूर गोंगुरा मामसमखानपान
27 सित॰ 2026, 8:52 pm (36 मिनट पहले)· 0

रोज की मटन करी से हटकर बनाएं आंध्र प्रदेश की मशहूर गोंगुरा मामसम

यदि आप सामान्य मटन करी से बोर हो चुके हैं, तो आंध्र प्रदेश की पारंपरिक गोंगुरा मामसम को जरूर ट्राई करें। यह डिश खट्टे गोंगुरा के पत्तों और मसालों के मेल से तैयार होती है, जो इसका स्वाद बेहद खास बनाती है।

यदि आप मटन की पारंपरिक और रोजाना खाई जाने वाली रेसिपी से थोड़ा हटकर कुछ नया आजमाना चाहते हैं, तो आंध्र प्रदेश की प्रसिद्ध गोंगुरा मामसम आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। इस लोकप्रिय डिश की सबसे बड़ी खासियत इसमें इस्तेमाल होने वाले गोंगुरा यानी खट्टे पत्ते हैं, जो मटन करी में एक अनोखा और हल्का खट्टापन घोल देते हैं। मसालों के साथ धीमी आंच पर पकाया जाने वाला यह मटन खाने में बेहद लजीज होता है और इसका स्वाद लंबे समय तक जुबां पर बना रहता है।

गोंगुरा मामसम बनाने के लिए जरूरी सामग्री

इस शानदार मांसाहारी व्यंजन को तैयार करने के लिए सबसे पहले सभी आवश्यक सामग्रियों को जुटाना जरूरी है। मुख्य सामग्री के तौर पर आपको फ्रेश मटन, गोंगुरा के खट्टे पत्ते, अदरक-लहसुन का पेस्ट, बारीक कटे प्याज, टमाटर और हरी मिर्च की आवश्यकता होगी। इसके अलावा तड़के और मसालों के लिए राई, जीरा, तेज पत्ता, दालचीनी, लौंग, इलायची, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, नमक, खाना पकाने के लिए तेल और पानी की जरूरत पड़ेगी। इस रेसिपी में 1 बड़ा चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट मुख्य रूप से इस्तेमाल किया जाता है, जो इसकी खुशबू और स्वाद को कई गुना बढ़ा देता है।

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गोंगुरा के पत्तों की खास तैयारी

इस रेसिपी की मूल आत्मा इसके खट्टे पत्ते हैं, इसलिए इनकी सही तैयारी बहुत मायने रखती है। सबसे पहले गोंगुरा के पत्तों को पानी से अच्छी तरह धोकर पूरी तरह साफ कर लें ताकि मिट्टी या धूल निकल जाए। इसके बाद पत्तियों से मोटी डंडियों को अलग कर लें और बचे हुए पत्तों को बारीक काट लें। अब एक कड़ाही में थोड़ा सा तेल गर्म करें और इन कटे हुए गोंगुरा के पत्तों को डालकर मध्यम आंच पर तब तक पकाएं जब तक वे पूरी तरह नरम न हो जाएं। जब पत्तियां अच्छी तरह गल जाएं तो गैस बंद कर दें और इन्हें एक तरफ रख दें।

मसाला भूनने और मटन पकाने की प्रक्रिया

अब खाना पकाने के मुख्य चरण के लिए एक भारी तले वाले बर्तन या प्रेशर कुकर में तेल गर्म करें। तेल गर्म होने पर उसमें राई और जीरा डालें। जब दाने चटकने लगें तब तेज पत्ता, दालचीनी, लौंग और इलायची डालकर कुछ सेकंड के लिए भूनें ताकि खड़े मसालों की खुशबू तेल में अच्छी तरह रच-बस जाए। इसके बाद बर्तन में कटा हुआ प्याज डालें और उसे सुनहरा भूरा होने तक भूनते रहें। प्याज भुन जाने के बाद इसमें अदरक-लहसुन का पेस्ट और कटी हुई हरी मिर्च डालकर अच्छी तरह पकाएं। जब अदरक-लहसुन की कच्ची महक पूरी तरह गायब हो जाए, तब इसमें कटे हुए टमाटर मिला दें।

जब टमाटर पूरी तरह गलकर नरम हो जाएं, तब हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और स्वादानुसार नमक डालकर मसाले को कुछ मिनट तक अच्छी तरह भूनें। अब इसमें मटन के टुकड़े डालें और तेज आंच पर 5 से 7 मिनट तक मसालों के साथ लगातार भूनते रहें। मटन को जितनी अच्छी तरह भूना जाएगा, ग्रेवी का स्वाद उतना ही खुलकर सामने आएगा। इसके बाद तैयार की गई पकी हुई गोंगुरा की पत्तियों को मटन के साथ मिलाएं ताकि खटास पूरे गोश्त में समा जाए।

ग्रेवी को गाढ़ा करना और परोसने का तरीका

मटन और गोंगुरा के मिश्रण को अच्छी तरह मिलाने के बाद इसमें 1 से 2 कप पानी डालें और बर्तन को ढककर धीमी आंच पर पकने के लिए छोड़ दें। अगर आप प्रेशर कुकर का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो मटन की वैरायटी और गलने की क्षमता के अनुसार कुछ सीटी आने तक इसे पकाएं और फिर आंच बंद कर दें। कुकर का प्रेशर अपने आप पूरी तरह निकलने दें और उसके बाद ही ढक्कन हटाएं। ढक्कन खोलने के बाद ग्रेवी की कंसिस्टेंसी की जांच करें। यदि आपको ग्रेवी ज्यादा पतली लगती है, तो बर्तन को बिना ढके कुछ मिनट तक और पकाएं ताकि पानी थोड़ा कम हो जाए। अंत में ऊपर से बारीक कटा हुआ हरा धनिया डालकर इसे सजाएं।

तैयार गोंगुरा मामसम को गर्मागर्म चावल, जीरा राइस, सादी रोटी या आंध्र शैली के अन्य पारंपरिक व्यंजनों के साथ परोसा जा सकता है। गोंगुरा की नेचुरल खटास इस मटन करी में एक अनोखा स्वाद जोड़ती है, इसलिए इस रेसिपी में अलग से नींबू का रस या कोई बहुत ज्यादा खट्टा मसाला डालने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। यह डिश वीकेंड के भोजन या किसी खास दावत के लिए बिल्कुल मुफीद है।

सवाल-जवाब

गोंगुरा मामसम किस राज्य की प्रसिद्ध डिश है?
यह आंध्र प्रदेश की एक पारंपरिक और बेहद लोकप्रिय डिश है।
इस रेसिपी में मुख्य रूप से किस खट्टी चीज का इस्तेमाल होता है?
इसमें गोंगुरा यानी खट्टी पत्तियों का इस्तेमाल किया जाता है।
मटन को मसालों के साथ कितनी देर तक भूनना चाहिए?
मटन को मसालों के साथ तेज आंच पर 5-7 मिनट तक भूनना चाहिए।
गोंगुरा मामसम को किसके साथ परोसा जा सकता है?
इसे गर्मागर्म चावल, जीरा राइस, रोटी या आंध्र शैली के अन्य व्यंजनों के साथ परोसा जा सकता है।
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