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रोज़ बचा चावल बेकार न जाने दें, सिर्फ़ कुछ मिनटों की मेहनत से घर पर बनाएं बाज़ार जैसी कुरकुरी कचरीखानपान
16 जून 2026, 4:49 pm (46 दिन पहले)· 0

रोज़ बचा चावल बेकार न जाने दें, सिर्फ़ कुछ मिनटों की मेहनत से घर पर बनाएं बाज़ार जैसी कुरकुरी कचरी

होली के बाद घर के पापड़ और कचरी खत्म होते ही बाज़ार की महंगी नमकीन पर निर्भर रहने की ज़रूरत नहीं। बहराइच की फूलन देवी का देसी फॉर्मूला बताता है कि बचे हुए चावल और आलू से घर पर ही कुरकुरी कचरी और पापड़ कैसे तैयार करें।

होली निकलते ही ज़्यादातर घरों में सालभर के लिए जमा किए गए पापड़ और कचरी का स्टॉक धीरे-धीरे खाली होने लगता है। इसके बाद चाय के साथ कुछ कुरकुरा खाने या अचानक आ गए मेहमानों के सामने कुछ परोसने के लिए लोग बाज़ार की महंगी और अक्सर मिलावटी नमकीन पर निर्भर हो जाते हैं। लेकिन एक देसी तरीका है जिससे आपको यह झंझट नहीं उठानी पड़ेगी, और वह भी आपकी रसोई में रोज़ बच जाने वाले चावल से।

रसोई का बचा चावल बना सकता है कुरकुरी कचरी

घर में रोज़ खाना बनता है तो थोड़ा-बहुत चावल बच ही जाता है, जो अक्सर फेंक दिया जाता है। इसी बचे हुए चावल से बाज़ार जैसी क्रिस्पी और स्वादिष्ट कचरी तैयार की जा सकती है। यानी रसोई का वेस्ट भी काम आ जाता है और बाहर से नमकीन लाने की ज़रूरत भी नहीं पड़ती।

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कौन हैं फूलन देवी

यह आसान घरेलू फॉर्मूला साझा किया है बहराइच जिले के नानपारा क्षेत्र के छोटे से सिसवारा गांव की रहने वाली फूलन देवी ने। घर में पैसों की तंगी थी और कोई कामकाज भी नहीं था। तभी उन्होंने सोचा कि क्यों न कुछ ऐसा किया जाए जिससे घर बैठे काम भी हो और कुछ कमाई भी। इसी इरादे से उन्होंने गणेश प्रेरणा समूह से जुड़कर अपनी किस्मत आज़माई और आलू तथा चावल के पापड़ बनाने का काम शुरू कर दिया। अब वे घर पर ही पापड़ बनाती हैं और घर से ही इनकी बिक्री हो जाती है।

आलू के पापड़ बनाने का तरीका

फूलन देवी के मुताबिक यह सब घर पर भी आराम से तैयार किया जा सकता है। आलू का पापड़ बनाना हो तो सबसे पहले बड़े आकार के आलू लेकर उन्हें अच्छे से उबाल लें। उबलने के बाद आलू को ठंडा करके मिक्सर या सिलौटी पर बारीक पीस लें। इसके बाद ज़रूरत के हिसाब से लाल मिर्च, नमक और दूसरे मसाले मिलाकर मिश्रण को आकार दें और इसे ट्रांसपेरेंट पॉलिथीन पर रखकर धूप में सुखा लें। लगातार दो से चार दिन तक तेज़ धूप लगने के बाद यह अच्छे से सूख जाते हैं और फिर तलकर खाने लायक बन जाते हैं। इस तरह आलू के पापड़ आसानी से तैयार हो जाते हैं।

चावल की कचरी की पूरी विधि

चावल की कचरी के लिए अगर घर में चावल बच गया है तो उसी से बना लें। और अगर ज़्यादा मात्रा में बनानी है तो चावल को पतीली या कुकर में अधिक पानी डालकर गीला यानी मुलायम पका लें।

बचे हुए चावल से कचरी बनाने के लिए सबसे पहले उसमें थोड़ा सा पानी मिलाकर गीला कर लें। फिर इसे अच्छे से पीस लें। पीसने के बाद चाहें तो इसमें कुछ मसाले मिला सकते हैं, और चाहें तो इसे सादा भी रख सकते हैं। इसके बाद चलनी या फिर कपड़े की किप्पी बनाकर जलेबी की तरह इसका आकार देते हुए धूप में सुखा लें। सूखने के बाद कचरी बनकर तैयार हो जाती है, और जब इसे तलकर खाया जाता है तो यह बेहद स्वादिष्ट लगती है।

सवाल-जवाब

बचे हुए चावल से कचरी कैसे बनाई जाती है?
बचे हुए चावल में थोड़ा पानी मिलाकर गीला करें, फिर अच्छे से पीस लें, चाहें तो मसाले मिलाएं और चलनी या कपड़े की किप्पी से जलेबी की तरह आकार देकर धूप में सुखा लें। सूखने के बाद तलकर खाएं।
फूलन देवी कौन हैं और वे क्या बनाती हैं?
फूलन देवी बहराइच जिले के नानपारा क्षेत्र के सिसवारा गांव की रहने वाली हैं, जो गणेश प्रेरणा समूह से जुड़कर घर पर आलू और चावल के पापड़ बनाती और बेचती हैं।
आलू के पापड़ सूखने में कितना समय लगता है?
मिश्रण को आकार देकर ट्रांसपेरेंट पॉलिथीन पर रखकर लगातार दो से चार दिन तक तेज़ धूप में सुखाने पर पापड़ अच्छे से सूख जाते हैं।
अगर ज़्यादा कचरी बनानी हो तो क्या करें?
अगर ज़्यादा मात्रा में बनानी है तो चावल को पतीली या कुकर में अधिक पानी डालकर गीला और मुलायम पका लें और फिर उसी तरीके से कचरी तैयार करें।
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