रोमांचक और नए स्वाद की तलाश में रहने वाले भोजन प्रेमियों के लिए मशरूम से बनने वाले व्यंजन हमेशा एक खास जगह रखते हैं। जब रोजमर्रा की सामान्य सब्जियों से मन भर जाए और रसोई में कुछ खास पकाने की इच्छा हो, तो साबुत लहसुन और खड़े मसालों के मेल से तैयार होने वाली हांडी मशरूम एक शानदार विकल्प बनती है। मिट्टी की हांडी या पारंपरिक कड़ाही में धीमी आंच पर पकने के कारण मसालों की खुशबू गहराई तक समा जाती है। इसका चटपटा और संतुलित स्वाद दोपहर या रात के भोजन को बेहद लजीज बना देता है।
तैयारी के लिए जरूरी सामग्री का माप
इस व्यंजन को घर पर प्रामाणिक रूप से तैयार करने के लिए सामग्री के सटीक अनुपात का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए ढाई सौ ग्राम ताजे साबुत मशरूम और दस से बारह लहसुन की छिली हुई कलियां चाहिए। इसके अतिरिक्त एक बड़ा प्याज बारीक कटा हुआ, दो मध्यम टमाटर बारीक कटे हुए, एक से दो हरी मिर्च कटी हुई और एक छोटा चम्मच अदरक-लहसुन का पिसा हुआ पेस्ट इस्तेमाल किया जाता है। तड़के और पकाने के लिए दो बड़े चम्मच तेल अथवा शुद्ध घी की आवश्यकता होगी।
मसालों के तौर पर आधा छोटा चम्मच जीरा, आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, एक छोटा चम्मच धनिया पाउडर, आधा छोटा चम्मच पिसी लाल मिर्च, आधा छोटा चम्मच गरम मसाला, आधा छोटा चम्मच भुनी कसूरी मेथी, स्वादानुसार सादा नमक और ऊपर से सजाने के लिए ताजा हरा धनिया कटा हुआ एकत्रित कर लें।
मशरूम और लहसुन की प्राथमिक तैयारी
मशरूम को साफ करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। इन्हें हल्के गीले कपड़े या हल्के पानी से तेजी से धोकर साफ करें और आवश्यकतानुसार बड़े हिस्सों में काट लें। मशरूम को लंबे समय तक पानी में भिगोकर नहीं रखना चाहिए, क्योंकि वे पानी सोख लेते हैं जिससे उनकी बनावट पर असर पड़ता है। लहसुन की सभी कलियों को पूरी तरह साबुत और बिना कटे ही रखना है, जो इस पकवान का मुख्य आकर्षण हैं।
हांडी में तड़का और मसाले भूनने का तरीका
एक कड़ाही अथवा पारंपरिक मिट्टी की हांडी लेकर उसमें तेल या घी डालकर अच्छी तरह गर्म करें। सबसे पहले साबुत लहसुन की कलियों को उस गर्म तेल में डालें और हल्की धीमी आंच पर सुनहरा भूरा होने तक तलें। इसके बाद इन कलियों को तेल से निकालकर एक तरफ रख लें। अब बचे हुए गर्म तेल में आधा छोटा चम्मच जीरा चटकाएं। जीरा चटकने के तुरंत बाद कटी हुई हरी मिर्च और कटा हुआ प्याज डाल दें।
जब प्याज भूनते हुए हल्का पारदर्शी हो जाए, तब इसमें एक छोटा चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट मिलाएं और कच्चापन दूर होने तक धीमी आंच पर चलाएं। इसके बाद कटे हुए टमाटर डालें और तब तक पकाएं जब तक टमाटर पूरी तरह गलकर प्याज के साथ एकसार न हो जाएं। अब मिश्रण में हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और स्वादानुसार नमक मिला दें। मसालों को मध्यम आंच पर तब तक भूनें जब तक ग्रेवी के किनारों से तेल अलग होता न दिखने लगे।
मशरूम पकाने और दम लगाने की विधि
मसाला भुन जाने के बाद कटे हुए मशरूम को हांडी में डालें और मसाले के साथ अच्छी तरह मिला लें। ध्यान रखें कि मशरूम पकते समय अपना प्राकृतिक पानी छोड़ते हैं, इसलिए शुरुआत में ऊपर से अतिरिक्त पानी डालने की बिल्कुल जरूरत नहीं होती। अब हांडी का ढक्कन अच्छी तरह बंद कर दें और मध्यम आंच पर लगभग सात से दस मिनट तक इसे पकने दें।
जब मशरूम पककर नरम हो जाएं, तब पहले से तली हुई साबुत लहसुन की कलियां, आधा छोटा चम्मच गरम मसाला और आधा छोटा चम्मच कसूरी मेथी इसमें डालें। इन सभी चीजों को हल्के हाथों से मिलाएं और ढककर दो से तीन मिनट तक और पकने दें ताकि खुशबू आपस में रच-बस जाए। इसके बाद आंच बंद कर दें और ऊपर से ताजा कटा हुआ हरा धनिया बुरक दें।
परोसने के बेहतरीन विकल्प
इस प्रकार तैयार की गई हांडी मशरूम को गरमा-गरम ही परोसना चाहिए। यह ग्रेवी तंदूरी रोटी, मक्खन लगी नान, कुरकुरे पराठे या फिर खुशबूदार जीरा राइस के साथ लाजवाब स्वाद देती है। ग्रेवी में घुली धीमी मिठास और तली हुई साबुत लहसुन की तीखी सोंधी सुगंध इस पूरी थाली को एक शाही अहसास कराती है।



















