ठंड के मौसम में रसोई में मूली का उपयोग पराठे और तरह-तरह की तरकारियां बनाने में खूब किया जाता है। अक्सर लोग मूली तो इस्तेमाल कर लेते हैं, लेकिन उसके ऊपर लगे हरे पत्तों को कचरा मानकर कूड़ेदान में डाल देते हैं। इन पत्तों को फेंकने की आदत को बदलकर आप इनसे एक बेहद ज़ायकेदार सूखी सब्ज़ी बना सकते हैं। घर पर बहुत ही कम मेहनत और सामान्य मसालों के साथ तैयार होने वाली यह भुजिया खाने की थाली का स्वाद कई गुना बढ़ा देती है। रोटी, गरम पराठे या सादे दाल-चावल के साथ इसे परोसने पर यह हर किसी को खूब पसंद आती है।
तैयारी के लिए जरूरी सामग्री
इस आसान और स्वादिष्ट भुजिया को बनाने के लिए घर की रसोई में मौजूद बुनियादी चीजों की आवश्यकता होती है। इसके लिए दो कप ताजे मूली के पत्ते, एक से दो बारीक कटी हरी मिर्च, बारीक कटे हुए हरे धनिए के पत्ते, एक छोटा कटा हुआ प्याज़ और स्वादानुसार कटी हुई लाल मिर्च चाहिए। तड़के और ज़ायके के लिए तीन से चार लहसुन की कलियां, आधा छोटा चम्मच जीरा, एक चौथाई छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, आधा छोटा चम्मच धनिया पाउडर, स्वादानुसार सादा नमक, एक से दो बड़े चम्मच लहसुन वाला तेल और खटास के लिए थोड़ा सा अमचूर पाउडर की जरूरत पड़ती है।
पत्तों की सफाई और काटने का तरीका
सब्ज़ी की शुरुआत पत्तों को अच्छी तरह संवारने से होती है। मूली के पत्तों में अक्सर मिट्टी और धूल चिपकी रहती है, इसलिए इन्हें साफ पानी में दो से तीन बार डुबोकर अच्छी तरह धोना चाहिए ताकि पूरी गंदगी बाहर निकल जाए। जब पानी पूरी तरह निथर जाए और पत्ते साफ हो जाएं, तब उन्हें एक तेज चाकू से बारीक काट लें। पत्तों को जितना बारीक काटा जाएगा, भुजिया उतनी ही एकसार और बढ़िया बनकर तैयार होगी।
तड़का लगाने और पकाने की विधि
कड़ाही या पैन को आंच पर चढ़ाकर उसमें लहसुन वाला तेल गरम करें। तेल के गरम होते ही जीरा डालें और उसके चटकने का इंतज़ार करें। इसके फौरन बाद कटा हुआ लहसुन, कटा हुआ प्याज़ और हरी मिर्च डालकर कुछ मिनटों तक भूनें। जब लहसुन का रंग हल्का सुनहरा होने लगे, तब बिना देर किए हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर और लाल मिर्च डालें ताकि मसाले जले बिना अपना रंग छोड़ दें।
मसालों के भुनते ही कड़ाही में बारीक कटे मूली के पत्ते डाल दें। शुरुआत में पत्तों की मात्रा कड़ाही में काफी ज्यादा दिखाई देगी, परंतु जैसे-जैसे वे आंच पर पकेंगे, सिकुड़कर कम हो जाएंगे। अब इसमें स्वादानुसार नमक डालकर करछुल से सभी मसालों और पत्तों को अच्छी तरह मिला लें। पैन पर ढक्कन लगाएं और धीमी से मध्यम आंच पर इसे कुछ मिनट तक पकने दें।
बिना पानी के भूनें और परोसें
इस सब्ज़ी को पकाते समय अलग से पानी मिलाने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं होती, क्योंकि पत्ते पकते समय अपना प्राकृतिक पानी छोड़ते हैं। ढक्कन हटाकर बीच-बीच में चलाते रहें ताकि सब्ज़ी तली में न चिपके। जब पत्ते पूरी तरह नरम हो जाएं और उनकी अतिरिक्त नमी सूख जाए, तब आंच को बंद कर दें। अंत में इसके ऊपर थोड़ा सा अमचूर पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला दें।
तैयार भुजिया को गरमा-गरम रोटी या पराठों के साथ परोसें। दोपहर या रात के भोजन में दाल-चावल के साथ यह एक बेहतरीन साइड डिश का काम करती है। अगर आप इसका ज़ायका और चटपटा करना चाहते हैं, तो खाने से ठीक पहले इस पर ताज़े नींबू का रस निचोड़ सकते हैं। रसोई में बेकार समझी जाने वाली सामग्री का ऐसा सदुपयोग भोजन की बर्बादी को रोकता है और खाने में एक अलग स्वाद जोड़ता है।



















