भगवान शिव की उपासना के पवित्र सावन महीने की शुरुआत होते ही देशभर में श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा के साथ व्रत रखते हैं। उपवास के दौरान शरीर को ऊर्जा देने वाले हल्के और स्वादिष्ट आहार की आवश्यकता हर किसी को महसूस होती है। ऐसे समय में कम समय में तैयार होने वाली और स्वाद से भरपूर मिठाई के रूप में साबूदाना खीर एक बेहतरीन विकल्प बनकर सामने आती है। यह पकवान न केवल बनाने में बहुत आसान है, बल्कि घर में मौजूद सीमित सामग्रियों से ही झटपट तैयार हो जाता है। बच्चे हों या बुजुर्ग, सभी इसे चाव से खाते हैं और इसे आवश्यकतानुसार गर्म या ठंडा करके परोसा जा सकता है। राजस्थान के भीलवाड़ा में व्रत के दौरान इस पौष्टिक व्यंजन को काफी पसंद किया जाता है।
व्रत के दौरान साबूदाना खीर के स्वास्थ्य और पोषण लाभ
साबूदाना खीर केवल जीभ को स्वाद देने वाला मीठा व्यंजन ही नहीं है, बल्कि यह उपवास के दौरान शरीर में सुस्ती और थकान दूर करने वाला एक बेहतरीन ऊर्जा स्रोत भी माना जाता है। खीर में इस्तेमाल होने वाला दूध शरीर को प्रचुर मात्रा में कैल्शियम और प्रोटीन प्रदान करता है। वहीं दूसरी ओर, साबूदाना कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होने के कारण शरीर को तुरंत ऊर्जा देने का कार्य करता है। जब इसमें बादाम, काजू, पिस्ता और किशमिश जैसे सूखे मेवे मिलाए जाते हैं, तो इसका पोषण स्तर कई गुना बढ़ जाता है। जो लोग रिफाइंड चीनी का सेवन कम करना चाहते हैं, वे मिठास के लिए चीनी की जगह प्राकृतिक विकल्प जैसे गुड़ या मिश्री का उपयोग कर सकते हैं। यही वजह है कि सावन, नवरात्रि, एकादशी या किसी भी अन्य व्रत के दौरान इसे एक आदर्श फलाहार माना जाता है।
सामग्री की सही मात्रा और शुरुआती तैयारी के आसान चरण
व्रत के दिनों में भोजन के चयन को लेकर बात करते हुए भीलवाड़ा की पूजा कुमारी सांखला ने स्पष्ट किया कि उपवास के समय हर व्यक्ति की यही चाहत होती है कि उसे ऐसा आहार मिले जो स्वाद के साथ-साथ सेहत भी दुरुस्त रखे, और इस कसौटी पर साबूदाना खीर पूरी तरह खरी उतरती है। इसे बनाने की शुरुआत करने के लिए सबसे पहले 1 कप साबूदाना लें। इसे साफ पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि इसकी ऊपरी धूल और अतिरिक्त स्टार्च निकल जाए। इसके बाद साबूदाने को लगभग 1 से 2 घंटे के लिए पर्याप्त पानी में भिगोकर रख दें। यदि आपके पास समय की कमी हो, तो बड़े दानों के बजाय छोटे दाने वाले साबूदाने का चुनाव करें, क्योंकि छोटे दाने पानी को जल्दी सोखते हैं और कम समय में अच्छी तरह फूल जाते हैं।
धीमी आंच पर खीर पकाने का तरीका और समय का ध्यान
शुरुआती तैयारी पूरी होने के बाद, एक भारी तले वाले बर्तन में 1 लीटर दूध डालें और उसे धीमी आंच पर उबलने के लिए रख दें। भारी तले का बर्तन इस्तेमाल करने से दूध नीचे चिपकता नहीं है और खीर में जलने की गंध नहीं आती। जब दूध अच्छी तरह गर्म होकर उबलने लगे, तो उसमें पहले से भीगा हुआ साबूदाना मिला दें। साबूदाना डालने के बाद चम्मच या कड़छी से लगातार चलाते रहना बेहद जरूरी है ताकि साबूदाने के दाने बर्तन के पेंदे में न बैठें और आपस में न चिपके। लगभग 15 से 20 मिनट तक धीमी से मध्यम आंच पर पकाने के बाद साबूदाने के दाने पूरी तरह पक जाते हैं और उनका रंग बदलकर पारदर्शी होने लगता है।
स्वाद, सुगंध और परोसने के विभिन्न विकल्प
जब साबूदाना पूरी तरह पककर पारदर्शी हो जाए, तब उसमें अपनी रुचि और स्वादानुसार चीनी मिलाएं और 2 से 3 मिनट तक और पकने दें ताकि चीनी पूरी तरह घुलकर एकसार हो जाए। इसके बाद खीर में आधा चम्मच इलायची पाउडर मिलाएं, जो इसे बेहतरीन खुशबू देता है। अब इसमें बारीक कटे हुए बादाम, काजू, पिस्ता और किशमिश डालें। खीर के स्वाद, रंग और सुगंध को और अधिक समृद्ध बनाने के लिए इसमें चुटकी भर केसर के धागे भी मिलाए जा सकते हैं। यदि आपको गाढ़ी और मलाईदार खीर पसंद है, तो इसे धीमी आंच पर कुछ देर और पकाएं। वहीं यदि आप हल्की और पतली खीर पसंद करते हैं, तो गैस तुरंत बंद कर दें। तैयार खीर को गर्मागर्म परोस सकते हैं या फिर फ्रिज में रखकर ठंडा करके भी इसका आनंद लिया जा सकता है।



















