पारंपरिक मीठे चावल या जर्दा का नाम सुनते ही शादियों और त्योहारों की रौनक आंखों के सामने आ जाती है। गाजीपुर के राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में गृह विज्ञान विभाग की प्रोफेसर नेहा मौर्या के मार्गदर्शन में छात्राओं ने इस खास पारंपरिक डिश की एक बेहतरीन रेसिपी साझा की है, जिससे इसे घर पर बेहद आसानी से तैयार किया जा सकता है।
जरूरी सामग्री और माप
इस लजीज जर्दा को बनाने के लिए आपको 1 कप बासमती चावल, तीन-चौथाई से 1 कप चीनी, 2 बड़े चम्मच घी और 2 बड़े चम्मच दूध की जरूरत होगी। इसके साथ ही स्वाद और सजावट के लिए इलायची, केसर या पीला रंग, काजू, बादाम, किशमिश, लौंग और पर्याप्त पानी का इस्तेमाल किया जाता है।
चावल उबालने की सही विधि
सबसे पहले बासमती चावल को अच्छी तरह धोकर 20 से 30 मिनट के लिए पानी में भिगोकर रख दें। तय समय के बाद इन्हें पानी में तब तक उबालें जब तक ये करीब 80 प्रतिशत तक पक न जाएं। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि चावल पूरी तरह से न गलें, क्योंकि बाद में इन्हें चाशनी या चीनी के साथ भी पकाना होता है। सही पकने के बाद चावल का अतिरिक्त पानी पूरी तरह छानकर अलग कर लें।
छौंक और चाशनी की प्रक्रिया
अब एक कड़ाही में घी गर्म करें और उसमें इलायची व लौंग का तड़का लगाएं। इसके बाद आधे उबले हुए बासमती चावल कड़ाही में डालें। अब इसमें चीनी, दूध में घुला हुआ केसर या पीला रंग, और कटे हुए काजू, बादाम तथा किशमिश डालकर सभी चीजों को हल्के हाथों से मिलाएं ताकि चावल टूटने न पाएं।
दम पर पकाने का तरीका
सारी सामग्री को अच्छी तरह मिलाने के बाद कड़ाही को ढक्कन से ढक दें और धीमी आंच पर 8 से 10 मिनट तक पकने दें। जब चावल पूरी तरह पक जाएं और चीनी उसमें अच्छी तरह घुल जाए, तो आपका स्वादिष्ट जर्दा बनकर बिल्कुल तैयार है। अंत में ऊपर से बचे हुए मेवे डालकर इसकी गार्निशिंग की जा सकती है।
संतरे के छिलके का सीक्रेट टिप
इस मीठे चावल के जायके को और अधिक बढ़ाने के लिए इसमें संतरे के छिलके की बारीक कटी हुई बाहरी रंगीन परत की थोड़ी सी मात्रा मिलाई जा सकती है, जिससे इसकी खुशबू और स्वाद में एक खास बदलाव आ जाता है। हालांकि, छिलके के सफेद हिस्से का इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि उससे स्वाद कड़वा हो सकता है।






















