न्यूजीलैंड दौरे पर देवदत्त पडिक्कल का शानदार शतक, साई सुदर्शन सिर्फ 8 रन से चुकेवेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट से बाहर रह सकते हैं लिटन दास, चोट के बावजूद चयन को लेकर असमंजससाउथ अभिनेता अर्जुन सरजा के घर गूंजी शहनाइयां, बेटी अंजना अर्जुन ने लॉन्गटाइम पार्टनर इसाई संग रचाई दो अलग रीति-रिवाजों से शादीनेपाल प्रीमियर लीग में पाकिस्तानी क्रिकेटरों की राह में अड़चन, NOC को लेकर खड़ी हुई बड़ी मुश्किलउड़ता तीर बॉक्स ऑफिस कलेक्शन डे 3: आयुष्मान खुराना और सारा अली खान की फिल्म ने पहले वीकेंड पर कमाए इतने करोड़फिल्मों में आने से पहले ही शक्ति कपूर की तस्वीर पान की दुकान पर लगाता था एक शख्स, भविष्य को लेकर कही थी बड़ी बातशादाब खान के ऐतिहासिक शतक से इंग्लैंड चित, पाकिस्तान ने दर्ज की रोमांचक जीतटाइगर श्रॉफ पर हमले को लेकर वायरल बयानों पर सफाई, प्रवक्ता ने दावों को बताया पूरी तरह फर्जीमुंबई में कृष्णा दास के कीर्तन में भक्तिमय हुए अनुष्का शर्मा और विराट कोहलीटाइगर श्रॉफ पर हमले की असली साजिश, आमिर खान थे शूटर्स का मुख्य टारगेट
त्योहारी सीजन में ऐसे तैयार करें मसालेदार जिमिकंद, स्वाद और सेहत दोनों मिलेंगे भरपूरखानपान
28 अक्तू॰ 2026, 6:02 pm (1 दिन पहले)· 1

त्योहारी सीजन में ऐसे तैयार करें मसालेदार जिमिकंद, स्वाद और सेहत दोनों मिलेंगे भरपूर

दिवाली के मौके पर पारंपरिक रूप से बनाई जाने वाली सूरन की सब्जी पाचन के लिए बेहद गुणकारी मानी जाती है। सही विधि और आसान उपायों से इसे बिना गले या हाथ में खुजली की समस्या के स्वादिष्ट बनाया जा सकता है।

त्योहारों की रौनक के बीच भारतीय रसोई में कई पारंपरिक पकवान विशेष महत्व रखते हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे इलाकों में दीपावली के अवसर पर सूरन यानी जिमिकंद पकाने का खास चलन है। यह कंद न केवल स्वाद में अनोखा और लाजवाब होता है, बल्कि बदलती ऋतु में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को संतुलित रखने में भी अहम भूमिका निभाता है। शरद ऋतु की शुरुआत में वात और पित्त के प्रभाव से बचने तथा प्रचुर फाइबर प्राप्त करने के लिए इसे आहार में शामिल करना बहुत लाभदायक माना गया है।

हाथों में खुजली रोके बिना जिमिकंद काटने का सही तरीका

सूरन को काटते समय अक्सर त्वचा पर तेज झनझनाहट और खुजली की शिकायत देखने को मिलती है। इससे बचने का सबसे आसान तरीका यह है कि चाकू चलाने से पहले हथेलियों पर अच्छी तरह थोड़ा तेल चुपड़ लें। यदि त्वचा पर चिकनाई की परत नहीं होगी, तो इसके रस से खुजली होने की पूरी संभावना रहती है। छिलका पूरी तरह हटाने के बाद कंद को कुछ देर साफ पानी में डुबोकर रखें। इसके बाद अपनी पसंद अनुसार मध्यम आकार के चौकोर टुकड़े काट लें। इन टुकड़ों को सीधे इस्तेमाल करने के बजाय या तो हल्का उबाल लें या फिर धीमी आंच पर तेल में तल लें। सरसों के तेल में डीप फ्राई करने से इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है। कड़ाही में सरसों का तेल तेज गर्म करके कटे हुए टुकड़े छोड़ें और सुनहरा होने पर अलग बर्तन में निकाल लें।

ये भी पढ़ें

खड़े मसालों और पेस्ट से तैयार करें गाढ़ी ग्रेवी

इस व्यंजन की जान इसका विशेष मसाला है, जिसके लिए दो अलग-अलग मिश्रण पीसने होते हैं। पहले जार में लहसुन की कलियां, अदरक का टुकड़ा और हरी मिर्च पीसकर दरदरा पेस्ट तैयार करें, जबकि दूसरे जार में टमाटर की ताजी प्यूरी बना लें। अब कड़ाही में तलने के बाद बचे हुए तेल के साथ एक बड़ा चम्मच ताजा तेल और डालकर गर्म करें। तड़के के लिए इसमें तेजपत्ता, दो बड़ी काली इलायची, दालचीनी की छाल और साबुत जीरा डालकर चटकाएं। इसके तुरंत बाद अदरक, हरी मिर्च और लहसुन का कुटा हुआ पेस्ट डालकर महक आने तक भूनें। इसके बाद बारीक कटा प्याज शामिल करें। इस पकवान में प्याज की मात्रा और भूनने की कला ग्रेवी की मिठास और गाढ़ेपन को सबसे बेहतरीन बनाती है।

मसालों का सटीक संतुलन और भूनने का नियम

जैसे ही प्याज का रंग हल्का बादामी होने लगे, उसमें पिसे हुए टमाटर की प्यूरी उड़ेल दें। अब सूखे मसालों की बारी आती है, जिसमें एक छोटी चम्मच धनिया का सूखा पाउडर, आधा छोटा चम्मच पिसा जीरा, आधा छोटा चम्मच कुटी काली मिर्च और रंगत निखारने के लिए एक बड़ा चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च डालें। इसके साथ ही एक चम्मच तीखा लाल मिर्च पाउडर, एक चम्मच हल्दी और एक चम्मच गरम मसाला मिला दें। सभी पिसे मसालों को मध्यम आंच पर चलाएं और बर्तन को ढक्कन से 2 से 3 मिनट के लिए ढक दें, जिससे भाप में मसाले तेल छोड़ने लगें। जब मसाला पूरी तरह पककर खुशबू देने लगे, तब पहले से तले हुए सूरन के टुकड़े इसमें शामिल करें।

धीमी आंच पर पकाएं और गले की खराश दूर करें

मसाले में जिमिकंद डालने के बाद स्वादानुसार एक चम्मच नमक बुरकें और हल्के हाथों से चलाएं ताकि हर टुकड़े पर मसाले का लेप चढ़ जाए। बर्तन को ढककर 2 से 3 मिनट मंद आंच पर छोड़ें जिससे सूरन मसालों का अर्क सोख ले। इसके बाद जितनी गाढ़ी तरी चाहिए, उस हिसाब से आवश्यकतानुसार पानी मिलाएं और 2 से 3 मिनट तक तरी में उबाल आने दें। सब्जी को उतारने से ठीक पहले इसमें आधा चम्मच ताजे नींबू का रस जरूर निचोड़ें। नींबू में मौजूद खटास सूरन के तीखेपन और गले में होने वाली संभावित खुजली को पूरी तरह शांत कर देती है। सबसे अंत में बारीक कटा हरा धनिया ऊपर से छिड़कें। इस प्रकार गरमागरम, खुशबूदार और लजीज सूरन की तरीदार सब्जी परोसने के लिए तैयार हो जाती है।

सवाल-जवाब

सूरन काटते समय हाथों में होने वाली खुजली से कैसे बचा जाए?
जिमिकंद को छीलने या काटने से पहले हथेलियों पर अच्छी तरह थोड़ा तेल लगा लें, जिससे त्वचा पर खुजली नहीं होती।
सब्जी को स्वादिष्ट बनाने के लिए सूरन को किस तेल में तलना चाहिए?
सूरन के टुकड़ों को सरसों के तेल में अच्छी तरह तलने से सब्जी में सबसे बेहतरीन और पारंपरिक स्वाद आता है।
सब्जी खाते समय गले में होने वाली खराश या खुजली कैसे रोकी जाती है?
सब्जी पकने के बाद उसमें आधा चम्मच ताजा नींबू का रस मिला देने से गले में होने वाली खुजली पूरी तरह समाप्त हो जाती है।
दिवाली के मौके पर सूरन खाना सेहत के लिए क्यों फायदेमंद माना गया है?
बदलते मौसम में यह शरीर के वात और पित्त को संतुलित करता है तथा इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Priya Sharma@priya-sharma·1 दिन पहले

सूरन काटते वक्त हाथों पर तेल लगाने वाला नुस्खा एकदम काम का है। वरना तो सचमुच इतनी खुजली होती है कि सारा मज़ा किरकिरा हो जाता है।

Arshdeep Ahluwalia@arshdeep-ahluwalia·1 दिन पहले

प्रिया जी, बिल्कुल सही कहा आपने! तेल वाला टिप सच में रामबाण है, वरना जिमिकंद काटना किसी मुसीबत से कम नहीं लगता।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp