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अमेरिका की विश्व कप में रिकॉर्ड जीत के नायक फोलारिन बालोगुन: इंग्लैंड और नाइजीरिया को ठुकराकर चमका सिताराफुटबॉल
13 जून 2026, 1:16 pm (46 दिन पहले)· 0

अमेरिका की विश्व कप में रिकॉर्ड जीत के नायक फोलारिन बालोगुन: इंग्लैंड और नाइजीरिया को ठुकराकर चमका सितारा

फीफा विश्व कप 2026 में अमेरिका ने पराग्वे को 4-1 से रौंदकर इतिहास रचा और इस जीत के असली हीरो रहे फोलारिन बालोगुन, जिन्होंने इंग्लैंड और नाइजीरिया के बजाय अमेरिका को चुना.

फीफा विश्व कप 2026 का आगाज़ अमेरिका के लिए किसी सपने जैसा रहा. मेज़बान टीम ने पराग्वे को 4-1 के बड़े अंतर से हराकर अपने अभियान की शुरुआत की. यह सिर्फ एक जीत नहीं थी, बल्कि विश्व कप के इतिहास में अमेरिका की अब तक की सबसे बड़ी जीत बन गई. खास बात यह भी रही कि अमेरिका ने 32 साल बाद अपने घर में किसी ओपनिंग मुकाबले को जीतकर शुरुआत की.

एक नाम जो हर ज़ुबान पर है

इस ऐतिहासिक जीत के पीछे जो चेहरा सबसे ज्यादा चमका, वह था फोलारिन बालोगुन का. दिलचस्प बात यह है कि कभी इसी खिलाड़ी के पास इंग्लैंड और नाइजीरिया की ओर से खेलने का भी रास्ता खुला था, मगर उन्होंने सोच-समझकर अमेरिका को चुना. आज स्थिति यह है कि अमेरिका का हर फुटबॉल प्रेमी सिर्फ एक ही नाम दोहरा रहा है, बालोगुन.

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ब्रुकलिन से लंदन तक का सफर

बालोगुन का जन्म न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन इलाके में नाइजीरियाई माता-पिता के घर हुआ. उनके जन्म के महज़ एक महीने बाद ही परिवार इंग्लैंड शिफ्ट हो गया और बालोगुन का बचपन व परवरिश लंदन में हुई. फुटबॉल से उनका रिश्ता बहुत कम उम्र में जुड़ गया, जब उन्होंने सिर्फ आठ साल की उम्र में Arsenal की अकादमी में दाखिला लिया. आगे चलकर उन्होंने युवा स्तर पर इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व किया और साथ-साथ अमेरिका की अंडर-18 टीम के लिए भी मैदान में उतरे.

तीन देश, एक सही फैसला

इस पृष्ठभूमि की वजह से बालोगुन के सामने अमेरिका के अलावा इंग्लैंड और नाइजीरिया, तीनों के दरवाज़े खुले थे. लेकिन हर विकल्प की अपनी हकीकत थी. इंग्लैंड की टीम सितारा खिलाड़ियों से भरी हुई है, ऐसे में वहां जगह बना पाना आसान नहीं था और हो सकता था कि उन्हें मौका ही न मिलता. दूसरी तरफ नाइजीरिया इस विश्व कप के लिए क्वालीफाई ही नहीं कर सका. ऐसे में अमेरिका को चुनना बालोगुन का सही वक्त पर लिया गया सही फैसला साबित हुआ, और इसका नतीजा सबके सामने है.

1930 के बाद रचा इतिहास

इस मुकाबले में बालोगुन ने एक ऐसा कारनामा किया जो दशकों से नहीं हुआ था. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान David Beckham की मौजूदगी में वह 1930 के बाद विश्व कप के किसी एक मैच में दो गोल दागने वाले पहले अमेरिकी खिलाड़ी बन गए. इससे पहले यह उपलब्धि बर्ट पटेनाउड के नाम थी, जिन्होंने पराग्वे के ही खिलाफ अमेरिका की 3-0 की जीत में अकेले तीनों गोल किए थे, और वह विश्व कप के इतिहास की पहली हैट्रिक मानी जाती है. यानी एक संयोग यह भी रहा कि दोनों ऐतिहासिक प्रदर्शन पराग्वे के ही खिलाफ दर्ज हुए.

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