मियामी में खेले गए फीफा वर्ल्ड कप के ग्रुप एच के पहले मुकाबले में सऊदी अरब ने दो बार की विश्व चैंपियन उरुग्वे को 1-1 की बराबरी पर रोककर एक बड़ी सनसनी की ओर इशारा कर दिया। पूरे मैच में उरुग्वे ने हमलों की झड़ी लगाए रखी, मगर ग्रीन फाल्कन्स आखिरी सीटी तक अपनी जमीन पर डटे रहे। 29 शॉट्स और 14 कॉर्नर झेलने और दूसरे हाफ में लगातार दबाव सहने के बाद भी सऊदी टीम ने अपने पहले मुकाबले से एक अंक निकाल लिया, जबकि मार्सेलो बिएल्सा की टीम जीत के लिए तरसती रह गई।
शुरुआत में उरुग्वे का दबदबा, पर फिनिशिंग ने धोखा दिया
1930 और 1950 में वर्ल्ड कप उठा चुकी उरुग्वे की टीम मैदान में फेवरेट की तरह उतरी और शुरू से ही आक्रामक रही। पांचवें ही मिनट में मैक्सी अराउजो ने बॉक्स के किनारे से एक शानदार मूव तैयार किया, लेकिन मोहम्मद अल ओवाइस ने बेहतरीन बचाव कर गोल नहीं होने दिया। गेंद ज्यादातर समय उरुग्वे के पास रही, फिर भी गोल के ठीक सामने उनकी फिनिशिंग बार-बार लड़खड़ाती रही।
पहले हाफ के अंत में सऊदी का चौंकाने वाला गोल
सऊदी अरब के कोच जॉर्जियस डोनिस ने अपने खिलाड़ियों में जोश भरा और इसका असर पहले हाफ के आखिर में दिखा, जब टीम ने बढ़त बना ली। मोतब अलहरबी ने मिडफील्ड से तेज मूव बनाते हुए एक खतरनाक फ्री-किक हासिल की। इसके बाद 41वें मिनट में मुसाब अलजुवैर के कॉर्नर पर मोहम्मद कन्नो ने सबसे ऊंची छलांग लगाई। फर्नांडो मुसलेरा ने उनके हेडर को तो रोक लिया, मगर रिबाउंड पर सबसे फुर्ती अब्दुलइलाह अलअमरी ने दिखाई और गेंद को जाल में पहुंचाकर सऊदी अरब को हैरान कर देने वाली बढ़त दिला दी। इस गोल ने उरुग्वे की लय तोड़ दी और सऊदी खेमे में चार साल पहले कतर में अर्जेंटीना को हराने वाली ऐतिहासिक जीत जैसा एक और उलटफेर करने की उम्मीद जाग उठी।
दूसरे हाफ में उरुग्वे का तूफानी आक्रमण
बढ़त मिलने से सऊदी टीम का हौसला बुलंद हो गया। दूसरी ओर बिएल्सा ने हाफ टाइम में कुछ नए चेहरों को मैदान में उतारा और उरुग्वे ने और भी आक्रामक तेवर अपना लिए। लगातार क्रॉस और हमलों से उन्होंने सऊदी बॉक्स पर दबाव बना दिया, मगर हर बार सऊदी गोलकीपर दीवार बनकर खड़े रहे। पूरे मैच में उरुग्वे ने 57 फीसदी पजेशन, 29 शॉट्स, टारगेट पर 11 शॉट्स और 14 कॉर्नर हासिल किए, इसके बावजूद अल ओवाइस की शानदार परफॉर्मेंस के सामने गेंद जाल तक नहीं पहुंच सकी।
आखिरी 10 मिनट में अराउजो ने बचाई लाज
आखिरकार जब मुकाबला खत्म होने में 10 मिनट बाकी थे, तब उरुग्वे का दबाव रंग लाया। वीनास ने एक बार फिर बॉक्स में सबसे ऊंची छलांग लगाई और अल ओवाइस ने उसे भी रोक दिया, मगर इस बार रिबाउंड सीधे अराउजो के पास पहुंचा। विंगर ने गेंद को नियंत्रण में लिया और इसे जाल में डालकर वर्ल्ड कप डेब्यू पर ही बराबरी का गोल कर दिया। इसके बाद जीत की तलाश में उरुग्वे ने आखिरी मिनटों में ताबड़तोड़ हमले किए, लेकिन सऊदी टीम टूटी नहीं। फेडेरिको वाल्वर्डे और जोस मारिया गिमेनेज ने भी जोरदार शॉट्स दागे, मगर अल ओवाइस ने फिर बेहतरीन बचाव कर मुकाबले को 1-1 की बराबरी पर समाप्त करा दिया।













