साउथ कोरिया की फुटबॉल टीम FIFA वर्ल्ड कप में शर्मनाक तरीके से ग्रुप स्टेज में ही बाहर हो गई। इस हार की जिम्मेदारी लेते हुए मुख्य कोच हांग म्युंग-बो ने रविवार की रात इस्तीफा दे दिया। यह घोषणा ग्वाडलाहारा स्थित टीम के ट्रेनिंग कैंप में की गई, जहां यह साफ हो गया था कि साउथ कोरिया न तो नॉकआउट दौर में पहुंच सकता है और न ही तीसरे स्थान की बेहतरीन टीमों में जगह बना सकता है।
माफी और पूरी जिम्मेदारी
हांग म्युंग-बो ने कोरियाई फुटबॉल के प्रशंसकों से सीधे माफी मांगी। उन्होंने कहा, "मैं उन सभी नागरिकों से दिल से माफी मांगता हूं जिन्होंने कोरियाई फुटबॉल से प्यार किया है। हमेशा राष्ट्रीय टीम का साथ दिया है।"
इस्तीफे का ऐलान करते हुए उन्होंने अपनी बात रखी, "आज मैं दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के मुख्य कोच पद से इस्तीफा देना चाहता हूं। इस जिम्मेदारी को स्वीकार करना मेरे लिए कभी आसान फैसला नहीं था। एक बार जब मैंने यह जिम्मेदारी ली, तो फिर किसी और बात के बारे में नहीं सोचा। मेरा मानना था कि मेरा एक ही काम है जो जिम्मेदारी मुझे सौंपी गई है, उसे अंत तक निभाना। मैं वह नतीजे नहीं दे पाया जिसकी जनता मुझसे उम्मीद कर रही थी। इसकी पूरी जिम्मेदारी मेरी है।"
यह हांग का राष्ट्रीय टीम के साथ दूसरा कार्यकाल था। जुलाई 2024 में उन्हें जुएर्गन क्लिंसमैन के उत्तराधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था।
अच्छी शुरुआत, निराशाजनक अंजाम
हांग के नेतृत्व में साउथ कोरिया ने लगातार 11वीं बार FIFA वर्ल्ड कप में जगह बनाई थी, जो अपने आप में एक उल्लेखनीय उपलब्धि थी। कप्तान सोन ह्युंग-मिन की अगुवाई में यह टीम मजबूत नजर आ रही थी। ली कांग-इन और किम मिन-जे जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी ने उम्मीदें और ऊंची कर दी थीं।
टूर्नामेंट में पहले मैच के नतीजे ने हौसला बढ़ाया जब साउथ कोरिया ने चेक गणराज्य को 2-1 से मात दी। लेकिन इसके बाद मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लगातार हार ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। आखिरकार कांगो की उज्बेकिस्तान पर 3-1 की जीत ने साउथ कोरिया के टूर्नामेंट से बाहर होने को गणितीय रूप से पक्का कर दिया।
राष्ट्रपति ने बोला तीखा हमला
टीम के जल्दी बाहर होने के बाद साउथ कोरिया में कड़ी राजनीतिक प्रतिक्रिया देखने को मिली। राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय टीम के नेतृत्व और फुटबॉल प्रशासन को जमकर घेरा। उन्होंने लिखा, "एक पूर्व मानद प्रोफेशनल फुटबॉल क्लब चेयरमैन और दिल से 'रेड डेविल्स' का सदस्य होने के नाते, मैं सिर्फ हैरान नहीं हूं। इस अप्रत्याशित नतीजे से गहरी उलझन में हूं।"
राष्ट्रपति का हमला यहीं नहीं रुका। उन्होंने कहा, "एक बार फिर साबित हो गया है कि सही लोगों की नियुक्ति ही सब कुछ तय करती है। अगर योग्यता से ज्यादा वफादारी और गुटबाजी को महत्व दिया जाए। किसी अयोग्य व्यक्ति को नेता बना दिया जाए, तो नतीजा आग की तरह पहले से साफ होता है।"
कोच के इस्तीफे के बाद साउथ कोरिया के फुटबॉल संघ के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि टीम की बागडोर किसके हाथ सौंपी जाए और भविष्य में इस तरह की विफलता से कैसे बचा जाए।













