महज़ 5500 रुपये लेकर मुंबई आए सोनू सूद कैसे बने पर्दे के विलेन और असल ज़िंदगी के मसीहापुलिस बल में आंतरिक बदलाव की नई पहल: ऑस्ट्रियाई मनोविज्ञान और जर्मन मॉडल से अमेरिकी पुलिसिंग सुधारने की तैयारीलाइव: पश्चिम एशिया में संघर्ष तेज, अमेरिका ने ईरान पर किए भीषण जवाबी हमलेडायबिटीज कंट्रोल और तेजी से वजन घटाने में असरदार है क्विनोआ-वेजिटेबल खिचड़ी, देखें पूरी रेसिपीफेडरल रिजर्व के ब्याज दरें स्थिर रखने से बिटकॉइन पर बढ़ा दबाव, अमेरिकी डॉलर के सामने फीकी पड़ी रफ्तारयूट्यूब एक्सपर्ट के आसान टिप्स: प्रूनिंग और खास खाद से गुड़हल में आएंगे ढेरों फूलसावन के पहले दिन योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रियों के नाम लिखा भावुक संदेशसिंह राशिफल 30 जुलाई 2026: राहु और मंगल के प्रभाव से प्रेम में संयम और कामकाज में बढ़ेगी अनुशासन की जरूरतद न्यूयॉर्क टाइम्स के 'पाकिस्तानी कश्मीर' प्रयोग पर भारत का कड़ा प्रहार, बताया भ्रामक और गलतदिलीप महादु गावित को गोल्ड, मोहम्मद बासिल मोर्सिंगनाकथ को सिल्वर, कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की डबल जीत
स्पेन को रोककर केप वर्डे ने रचा इतिहास, 40 साल के वोजिन्हा ने अकेले ढहाई यूरोपीय चैंपियन की उम्मीदेंफुटबॉल
16 जून 2026, 1:54 am (44 दिन पहले)· 0

स्पेन को रोककर केप वर्डे ने रचा इतिहास, 40 साल के वोजिन्हा ने अकेले ढहाई यूरोपीय चैंपियन की उम्मीदें

अपने पहले ही फीफा वर्ल्ड कप मुकाबले में केप वर्डे ने स्पेन को 0-0 पर रोककर टूर्नामेंट का सबसे बड़ा उलटफेर कर दिया, जहां 40 साल के गोलकीपर वोजिन्हा मैन ऑफ द मैच रहे।

फीफा वर्ल्ड कप में अब तक का सबसे चौंकाने वाला नतीजा तब सामने आया, जब अफ्रीका की केप वर्डे टीम ने ताकतवर स्पेन को गोलरहित बराबरी पर रोक दिया। यह केप वर्डे का वर्ल्ड कप में पहला ही मुकाबला था, और इसी पहले मैच में उन्होंने यूरोपीय चैंपियन के खिलाफ 0-0 की ड्रॉ हासिल कर पूरे फुटबॉल जगत को हैरान कर दिया।

स्पेन का दबदबा, पर गोल का सूखा

पूरे मुकाबले में गेंद ज्यादातर स्पेन के ही पास रही। यूरोपीय चैंपियन ने गोल करने के लिए कुल 27 बार कोशिश की और लगभग 75% समय गेंद को अपने कब्जे में रखा। इसके बावजूद वे एक भी बार जाल नहीं हिला सके। दूसरी ओर खड़ी थी एक 40 साल के गोलकीपर वोजिन्हा की दीवार, जिसे स्पेनिश हमलावर आखिरी सीटी तक पार नहीं कर पाए।

नीली जर्सी की अभेद्य दीवार

केप वर्डे ने शुरुआत से ही पांच डिफेंडरों के साथ रणनीति बनाई और लगभग पूरी टीम अपने ही बॉक्स में जमी रही। स्पेन गेंद को इधर से उधर घुमाता रहा, लेकिन इस मजबूत घेरे में सेंध लगाने का कोई रास्ता नहीं निकाल सका। अनुशासन का आलम यह था कि पूरे मैच में अफ्रीकी टीम ने सिर्फ एक ही फाउल किया।

स्पेन के कोच लुइस दे ला फुएंते का फैसला भी टीम पर भारी पड़ा। उन्होंने लमिन यमाल और निको विलियम्स को शुरुआती एकादश से बाहर बेंच पर बैठाया, जिससे स्पेन की आक्रमण की धार कुंद पड़ गई। फेरान टोरेस और गावी को खुलकर खेलने का मौका ही नहीं मिल पाया।

वोजिन्हा के यादगार बचाव

गोलपोस्ट के सामने वोजिन्हा ने एक के बाद एक शानदार बचाव किए। 36वें मिनट में उन्होंने पेड्री की कोशिश नाकाम की। इसके बाद फेरान का शॉट क्रॉसबार से टकराया और लौटती गेंद पर ओयारजाबाल के हेडर को वोजिन्हा ने एक ही हाथ से रोक दिया। 45वें मिनट में फेरान एक और मौका गंवा बैठे। हाफटाइम के बाद भी स्पेन की फिनिशिंग कमजोर ही बनी रही।

खेल बदलने की कोशिश में 70वें मिनट पर यमाल और मिकेल मेरिनो को मैदान में उतारा गया, जिससे स्पेन के खेल में थोड़ी जान आई। 88वें मिनट में यमाल ने ओयारजाबाल को बढ़िया पास दिया, लेकिन उनका शॉट भी ब्लॉक हो गया। आखिर में मुकाबला बराबरी पर ही खत्म हुआ और भावुक हुए वोजिन्हा को मैन ऑफ द मैच चुना गया।

कप्तान रोड्री ने क्या कहा

स्पेन के कप्तान रोड्री ने नतीजे पर कहा, ‘आज बस होना नहीं था, आलोचना की कोई बात नहीं। हमें पता था कि धैर्य रखना होगा, हमने मौके बनाए लेकिन गोल नहीं कर सके। ऐसी मजबूत डिफेंसिव टीम के खिलाफ खेलना मुश्किल है। पॉजिटिव ये है कि उन्होंने हमारे खिलाफ ज्यादा मौके नहीं बनाए, लेकिन हमें फिनिशिंग सुधारनी होगी।’

केप वर्डे के लिए नई उम्मीद

अपने पहले वर्ल्ड कप मैच में पहला अंक हासिल करना केप वर्डे के लिए किसी सपने से कम नहीं था। टीम के मिडफील्डर लारोस डुआर्टे ने कहा, ‘आज हमारा फोकस डिफेंस पर था, लेकिन अगले मैचों में हम दिखा सकते हैं कि बॉल के साथ भी अच्छे हैं। आगे बढ़ने का अच्छा अहसास है, अब अगले राउंड के लिए क्वालीफाई करने के बारे में सोचना वाजिब है।’

ग्रुप एच की बाकी दो टीमें, सऊदी अरब और उरुग्वे, सोमवार को मियामी में आमने-सामने होंगी।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

स्पेन और केप वर्डे का मुकाबला कैसे खत्म हुआ?
यह मैच 0-0 की गोलरहित बराबरी पर खत्म हुआ, जो टूर्नामेंट का सबसे बड़ा उलटफेर माना जा रहा है।
मैन ऑफ द मैच कौन रहा?
40 साल के केप वर्डे गोलकीपर वोजिन्हा को मैन ऑफ द मैच चुना गया, जिन्होंने कई शानदार बचाव किए।
स्पेन ने गोल के कितने प्रयास किए?
स्पेन ने गोल करने के लिए कुल 27 बार कोशिश की और लगभग 75% समय गेंद अपने पास रखी, फिर भी एक भी गोल नहीं कर सका।
ग्रुप एच का अगला मुकाबला कब है?
ग्रुप एच की बाकी दो टीमें, सऊदी अरब और उरुग्वे, सोमवार को मियामी में आमने-सामने होंगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR