एप्पल ने अपने प्रीमियम हार्डवेयर प्रोडक्ट्स को उपभोक्ताओं के लिए अधिक सुलभ बनाने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया है। टेक कंपनी ने फिनटेक प्लेटफॉर्म क्लारना के साथ मिलकर एप्पल अपग्रेड नामक एक नए लीजिंग प्रोग्राम की शुरुआत की है। इस व्यवस्था के अंतर्गत ग्राहक एप्पल के नवीनतम आईफोन, मैक, आईपैड और एप्पल वॉच को एकमुश्त पूरी कीमत देकर खरीदने के बजाय मासिक किराए पर ले सकेंगे। यह नई योजना उन उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है जो हर साल या दो साल में बिना भारी खर्च किए अपने डिवाइस को अपडेट रखना चाहते हैं।
एप्पल अपग्रेड लीजिंग योजना किस तरह काम करती है
एप्पल अपग्रेड प्रोग्राम के तहत अलग-अलग डिवाइसों के लिए अलग-अलग अवधि के लीज प्लान पेश किए गए हैं। आईफोन और एप्पल वॉच के लिए ग्राहक 12 महीने और 24 महीने की समयावधि वाले प्लान चुन सकते हैं। वहीं मैक और आईपैड के लिए 24 महीने और 36 महीने की लीज अवधि के विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। डिवाइस की श्रेणी और उसकी तकनीकी विशेषताओं के आधार पर शुरुआती मासिक शुल्क तय किया गया है।
एप्पल वॉच के लिए शुरुआती लीज दर $11.99 प्रति माह रखी गई है।
आईपैड के लिए भी शुरुआती शुल्क $11.99 प्रति माह तय किया गया है।
आईफोन के लिए न्यूनतम लीज राशि $17.99 प्रति माह से शुरू होती है।
मैक कंप्यूटरों के लिए शुरुआती किराया $24.99 प्रति माह निर्धारित किया गया है।
कंपनी का कहना है कि यदि उपभोक्ता लीज पर लेते समय अपना कोई योग्य पुराना डिवाइस ट्रेड इन करते हैं, तो ये मासिक दरें और भी कम हो सकती हैं। इसके अलावा, एप्पल कार्ड के जरिए लीज सेटअप करने वाले उपभोक्ताओं को 3% डेली कैश का लाभ भी मिलेगा। ग्राहक इस योजना के लिए ऑनलाइन माध्यम से या सीधे एप्पल स्टोर पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया के दौरान क्लारना द्वारा एक सॉफ्ट क्रेडिट जांच की जाएगी, जिसके बारे में एप्पल का दावा है कि इससे ग्राहक के क्रेडिट स्कोर पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ेगा। भुगतान और बिलिंग से जुड़ी पूरी समय-सारणी को क्लारना ऐप के माध्यम से ट्रैक किया जा सकेगा।
लीज की समय सीमा खत्म होने पर ग्राहकों के पास विकल्प
जब ग्राहक के लीज अनुबंध की अवधि पूरी हो जाएगी, तब उनके पास आगे बढ़ने के लिए तीन अलग-अलग विकल्प होंगे। पहला विकल्प यह है कि वे अपने मौजूदा डिवाइस को लौटाकर उस प्रोडक्ट का सबसे नया वर्जन लीज पर ले सकते हैं। दूसरा विकल्प यह है कि वे एकमुश्त बची हुई राशि का भुगतान करके उस डिवाइस को स्थायी रूप से खरीद सकते हैं। तीसरा विकल्प यह है कि ग्राहक डिवाइस एप्पल को वापस सौंपकर एप्पल अपग्रेड प्रोग्राम से पूरी तरह बाहर हो सकते हैं।
पुराने फाइनेंसिंग प्रोग्रामों का स्थान लेगा नया ढांचा
इस नए लीजिंग मॉडल के आगमन के साथ ही एप्पल अपने पुराने आईफोन अपग्रेड प्रोग्राम और आईफोन पेमेंट्स योजनाओं को समाप्त कर रहा है। जो ग्राहक वर्तमान में पुराने आईफोन अपग्रेड प्रोग्राम में नामांकित हैं, उनके पास अब नए एप्पल अपग्रेड के तहत नया डिवाइस लीज पर लेने, एप्पल कार्ड मंथली इंस्टॉलमेंट्स के जरिए फाइनेंस कराने, आईफोन को सीधे खरीदने या फिर अपने टेलीकॉम कैरियर के फाइनेंसिंग विकल्पों पर स्विच करने का अवसर होगा।
लीजिंग के लिए योग्य और बाहर रखे गए हार्डवेयर की सूची
एप्पल अपग्रेड प्रोग्राम में कंपनी के कई नवीनतम और फ्लैगशिप प्रोडक्ट्स को शामिल किया गया है, लेकिन कुछ मॉडल इस योजना का हिस्सा नहीं हैं।
योग्य प्रोडक्ट्स:
iPhone 17, iPhone 17 Pro, iPhone 17 Pro Max, iPhone Air और iPhone 17e
Apple Watch Series 11 और Apple Watch Ultra 3
M5 MacBook Air (13 इंच और 15 इंच)
M5, M5 Pro और M5 Max वाले MacBook Pro (14 इंच और 16 इंच)
M4 iMac
M3 Ultra और M4 Max वाले Mac Studio
iPad Air, iPad Pro और iPad mini
योजना से बाहर रखे गए प्रोडक्ट्स:
दूसरी ओर, iPhone 16, iPhone 16 Plus, Apple Watch SE, MacBook Neo, Mac mini, iPad (A16) और एप्पल स्टूडियो डिस्प्ले को एप्पल अपग्रेड प्रोग्राम में शामिल नहीं किया गया है। इन प्रोडक्ट्स को प्राप्त करने के लिए ग्राहकों को पूरी कीमत चुकाकर खरीदारी करनी होगी।
बाजार की स्थितियां और टेक कीमतों में बढ़ोतरी
एप्पल द्वारा हार्डवेयर लीजिंग मॉडल अपनाने के पीछे टेक उद्योग में चल रही व्यापक आर्थिक परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मेमोरी चिप्स के संकट और उत्पादन लागत में वृद्धि के कारण टेक कंपनियों पर अपने डिवाइसेस के दाम बढ़ाने का दबाव बना हुआ है। अत्यधिक उच्च कीमतों के कारण उपभोक्ताओं द्वारा नए मॉडल में अपग्रेड करने में देरी करने या अन्य प्लेटफॉर्म पर जाने की संभावना बनी रहती है। ऐसे में लीजिंग मॉडल के जरिए एप्पल उपभोक्ताओं को भारी भरकम एकमुश्त राशि चुकाए बिना नए टेक प्रोडक्ट्स का उपयोग करने का व्यावहारिक रास्ता दे रहा है।




















