गुजरात के कच्छ जिले के अंजार इलाके में एक बेहद खौफनाक और सनसनीखेज अपराध सामने आया है, जहां एक व्यक्ति की हत्या कर उसके शव को टुकड़ों में काटकर पानी में फेंक दिया गया। अंजार पुलिस थाने की टीम और लोकल क्राइम ब्रांच ने मिलकर इस अंधे कत्ल की गुत्थी को चंद घंटों के भीतर ही सुलझा लिया और मुख्य आरोपी को धर दबोचा। पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी वरसामेड़ी बस स्टेशन के पास रहने वाला 35 वर्षीय दिनेश रायधणभाई ठाकोर है, जिसने मृतक की पत्नी के साथ अवैध संबंधों के चलते इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया था।
गायब होने के बाद सामने आई खौफनाक सच्चाई
घटना की शुरुआत 31 अगस्त की रात को हुई थी, जब 43 वर्षीय लख्खुभाई रूडाभाई हुंबल अपने बेटे के साथ वरसामेड़ी टोल नाके के पास स्थित खेत की रखवाली करने निकले थे। उस रात के बाद से उनका कोई अता-पता नहीं चला और वह रहस्यमय तरीके से लापता हो गए थे। परिवार के सदस्यों ने काफी तलाश करने के बाद 1 सितंबर को अंजार पुलिस थाने पहुंचकर उनकी गुमशुदगी की आधिकारिक रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर लापता व्यक्ति की तलाश के लिए तकनीकी साक्ष्यों और संदिग्धों से पूछताछ का सिलसिला शुरू कर दिया, जिससे धीरे-धीरे इस खौफनाक साजिश की परतें खुलने लगीं।
अवैध संबंधों के शक में रची गई खूनी साजिश
जांच के दौरान पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे, जिसके आधार पर कड़ियां जोड़ी गईं। मामले की तहकीकात आगे बढ़ी तो 5 सितंबर को वरसामेड़ी गांव के एक तालाब के पास दो लावारिस बोरे बरामद हुए। जब पुलिस ने उन बोरों को खोलकर देखा तो उनके अंदर मानव शरीर के अलग-अलग कटे हुए हिस्से मिले। शिनाख्त करने पर यह भयानक सच सामने आया कि ये टुकड़े उसी लापता लख्खुभाई हुंबल के शरीर के हैं। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि आरोपी दिनेश ठाकोर का पिछले डेढ़ साल से मृतक की पत्नी के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। लख्खुभाई को इस अवैध रिश्ते की भनक लग चुकी थी और आरोपी को डर सता रहा था कि वह उसे रास्ते से हटा देगा या जान से मार देगा।
हत्या के बाद शव को आरी से काटा
इसी डर और रंजिश के कारण आरोपी ने साजिश रची और लख्खुभाई को अपने घर पर बुलाया। घर पर पहुंचते ही उसने सिर के पिछले हिस्से पर लोहे की भारी रॉड से जोरदार वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद गुनाह छिपाने और साक्ष्य मिटाने के लिए आरोपी ने हैकसॉ ब्लेड का इस्तेमाल करके मृत शरीर के दो टुकड़े कर दिए। दोनों हिस्सों को अलग-अलग प्लास्टिक की बोरियों में भरा गया और उन्हें ठिकाने लगाने के लिए नजदीकी तालाब में फेंक दिया गया। पुलिस को जांच के दौरान भटकाने के मकसद से आरोपी ने मृतक का मोबाइल फोन भी वरसामेड़ी हाईवे के पास एक कच्चे रास्ते पर ले जाकर फेंक दिया था ताकि किसी को उस पर शक न हो सके।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से हुआ पर्दाफाश
इस गंभीर मामले में अंजार पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 103(1), 238(a) और जीपी एक्ट की धारा 135 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपी दिनेश ठाकोर को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस जटिल मामले को सुलझाने और आरोपी तक पहुंचने वाली टीम में पुलिस इंस्पेक्टर एच.ए. जाडेजा, एलसीबी पीआई जे.एम. वाला, पीएसआई एस.जी. वाला, डी.जी. पटेल तथा अंजार पुलिस थाना और लोकल क्राइम ब्रांच के अन्य कर्मी शामिल रहे, जिन्होंने कम समय में इस खौफनाक वारदात का पर्दाफाश कर दिया।



















