गुजरात के वडोदरा शहर में मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से पहले प्रशासन ने पूरे शहर को नए सिरे से संवारने का बीड़ा उठाया है। वडोदरा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन यानी VMC की अगुवाई में बीते कई दिनों से सफाई अभियान, सेवा शिविर और जनसंपर्क कार्यक्रमों की झड़ी लगी है, ताकि दौरे से पहले शहर को नई पहचान मिल सके और सरकारी योजनाओं का पूरा फायदा आम लोगों तक पहुंच सके।
इनमें से कोई भी आयोजन अलग-थलग नहीं है। योजना बनाने वालों का कहना है कि सफाई, योजनाओं की डिलीवरी और जनभागीदारी जैसी आम नागरिक गतिविधियों को प्रधानमंत्री के विकसित भारत के दृष्टिकोण से जोड़ने की कोशिश की जा रही है, ताकि यह दौरा खुद इस बात का उदाहरण बने कि यह दृष्टिकोण ज़मीन पर कैसे काम करता है।
सफाई अभियान से साइकिल रैली तक, सज रहा है शहर
1 से 7 सितंबर के बीच वडोदरा में स्वच्छता से स्वागत नाम से एक खास सफाई अभियान चलाया गया, जिसके साथ ही एक स्वच्छता साइक्लोथॉन यानी साइकिल रैली भी निकाली गई। इस दौरान शहर की सड़कों, तालाबों, ऐतिहासिक इमारतों, स्कूलों और अस्पतालों तक की सफाई पर खास जोर दिया गया। नमो फॉर विकसित भारत अभियान के तहत चलाई गई इस पहल का मकसद सिर्फ सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों में फिटनेस और पर्यावरण को लेकर जागरूकता बढ़ाना भी है। प्रशासन चाहता है कि सबका प्रयास की भावना के साथ आम नागरिक भी इस स्वागत में भागीदार बनें।
इसी कड़ी में शहर के चारों ज़ोन में सेवा सेतु शिविर भी लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों के जरिए प्रशासन की कोशिश है कि वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और युवाओं तक कल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचे, यानी कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजना से वंचित न रह जाए। इसे प्रशासनिक भाषा में मैक्सिमम स्कीम सैचुरेशन कहा जा रहा है।
दौरे से एक दिन पहले शहर भर में पदयात्रा
प्रधानमंत्री के वडोदरा पहुंचने से ठीक एक दिन पहले, यानी 7 सितंबर को शहर के अलग-अलग हिस्सों में भव्य पदयात्रा निकाले जाने की योजना बनाई गई है। इसमें स्थानीय नेताओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में आम लोग भी शामिल हो रहे हैं। इस पदयात्रा के जरिए प्रशासन स्थानीय स्तर पर उत्साह बढ़ाना चाहता है, जनभागीदारी को मजबूत करना चाहता है और साथ ही वडोदरा की सांस्कृतिक विरासत को भी सामने लाना चाहता है।
इस बार निशाने पर हैं जनरेशन-ज़ी
वडोदरा का यह दौरा परंपरागत जनसभाओं से पूरी तरह अलग रखा गया है। इस बार प्रशासन और सरकार का पूरा फोकस जनरेशन-ज़ी यानी आज की युवा पीढ़ी, छात्रों और युवा प्रोफेशनल्स पर है। इसके लिए खास रणनीति के तहत कार्यक्रम तैयार किए गए हैं।
प्रधानमंत्री का मुख्य कार्यक्रम शहर की जानी-मानी महाराजा सयाजीराव यानी MS यूनिवर्सिटी के पवेलियन ग्राउंड में रखा गया है। यह कोई खुली सभा नहीं बल्कि एक चुनिंदा और पंजीकृत गैदरिंग होगी, जिसमें करीब 6,000 से ज्यादा छात्र, स्टार्टअप फाउंडर्स और युवा इनोवेटर्स हिस्सा लेंगे। इस मंच पर इनोवेशन और स्टार्टअप जैसे विषयों पर सीधी बातचीत होगी। कोशिश यही है कि जनरेशन-ज़ी सीधे प्रधानमंत्री से देश के भविष्य को आकार देने, तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत में युवाओं की भूमिका जैसे विषयों पर बात कर सके।
हाल के दिनों में युवाओं से जुड़े जो राष्ट्रीय और स्थानीय मुद्दे सामने आए हैं, उन्हें ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री इस मंच का इस्तेमाल देश की अगली पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के संकल्प से सीधे जोड़ने के लिए करेंगे।
चूंकि पवेलियन ग्राउंड में सीमित संख्या में ही छात्र मौजूद रह सकते हैं, इसलिए भीड़ प्रबंधन के लिए शहर के अलग-अलग शैक्षणिक संस्थानों और प्रमुख केंद्रों पर इस कार्यक्रम की लाइव स्ट्रीमिंग की व्यवस्था की जा रही है। इसका मकसद यह है कि तकनीक से जुड़े जनरेशन-ज़ी के छात्र अपने-अपने कॉलेज परिसरों से ही इस अनूठे संवाद का हिस्सा बन सकें, भले ही वे सीधे पवेलियन ग्राउंड में मौजूद न हों।
प्रशासन का कहना है कि सफाई अभियान, सेवा शिविर, पदयात्रा और युवाओं से संवाद, ये सभी कार्यक्रम मिलकर वडोदरा दौरे को सिर्फ एक औपचारिक यात्रा नहीं बल्कि पूरे शहर की सामूहिक भागीदारी वाला आयोजन बनाना चाहते हैं, जिसमें बुजुर्गों से लेकर छात्रों तक हर वर्ग की भूमिका तय की गई है।


















