मध्य प्रदेश में सड़क संपर्क को रफ्तार देने के लिए एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने राज्य के दो प्रमुख शहरों जबलपुर और भोपाल के बीच एक नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे विकसित करने की योजना तैयार कर ली है। लगभग 15,000 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट से तैयार होने वाला यह आधुनिक गलियारा कुल 225 किलोमीटर लंबा होगा। इस मार्ग के तैयार होने के बाद यात्री इस फासले को महज 2 घंटे में आसानी से पूरा कर सकेंगे।
सड़क परिवहन मंत्रालय से हरी झंडी
केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मध्य प्रदेश सरकार तथा एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई अहम बैठक में इस परियोजना को मंजूरी प्रदान कर दी है। दोनों शहरों के बीच तेज रफ्तार कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के मकसद से इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की रूपरेखा तैयार की गई है। इसके अस्तित्व में आने से मध्य प्रदेश के इन दोनों महत्वपूर्ण केंद्रों के बीच आवागमन का समय घटकर केवल 2 से ढाई घंटे ही रह जाएगा।
मौजूदा रूट के मुकाबले घटेगी 70 किलोमीटर की दूरी
फिलहाल जबलपुर से भोपाल के बीच जो हाईवे चालू है, उसकी कुल लंबाई लगभग 300 किलोमीटर बैठती है। इस मौजूदा मार्ग पर भारी यातायात और विभिन्न रुकावटों के चलते सफर पूरा करने में 6 से 7 घंटे का लंबा वक्त खर्च हो जाता है। नया एक्सप्रेसवे बनने से दोनों शहरों के बीच का फासला सीधे 70 किलोमीटर घट जाएगा। दूरी में इस सीधी कटौती और नियंत्रित रफ्तार के कारण यात्रा का समय आधे से भी ज्यादा घट जाएगा।
जाम से मुक्ति और कस्बों को सीधा लाभ
पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलने वाले वाहन चालकों को अक्सर जाम और लंबे घुमावदार रास्तों की दिक्कतों से जूझना पड़ता है। नया ग्रीनफील्ड गलियारा न केवल इन जाम के झंझटों से छुटकारा दिलाएगा, बल्कि राज्य के कई छोटे कस्बों को भी सीधे प्रांतीय राजधानी भोपाल के मुख्य नेटवर्क से जोड़ेगा। इससे क्षेत्रीय व्यापारिक गतिविधियों को रफ्तार मिलेगी और स्थानीय स्तर पर सुगम परिवहन व्यवस्था कायम हो सकेगी।
























