हरियाणा के बहादुरगढ़ में त्योहार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब रोहद गांव के पास से बहने वाली एनसीआर नहर में गणेश विसर्जन के दौरान तीन युवक डूब गए. हादसे का शिकार हुए तीनों युवक रोहद की एक फूड प्रोसेसिंग यूनिट में काम करते थे. मूर्ति विसर्जन के दौरान एक दोस्त को डूबता देख उसे बचाने के प्रयास में अन्य दो दोस्त भी गहरे पानी में समा गए. राहत और बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद दो युवकों के शव बाहर निकाल लिए हैं, जबकि तीसरे की तलाश अब भी जारी है.
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा
जानकारी के अनुसार, रोहद स्थित टेक फूड प्रोडक्ट कंपनी में काम करने वाले कुछ कर्मचारी भगवान गणेश की प्रतिमा के विसर्जन के लिए एनसीआर नहर पहुंचे थे. विसर्जन के समय 24 वर्षीय अजय अचानक गहरे पानी में चला गया और तेज बहाव के कारण डूबने लगा. उसे संकट में देखकर उसके साथ काम करने वाले दो अन्य साथियों, शिवकांत और नीतेश ने उसे बचाने के लिए बिना सोचे-समझे नहर में छलांग लगा दी. हालांकि, पानी का बहाव बेहद तेज होने के कारण तीनों खुद को संभाल नहीं पाए और बहाव में बह गए.
बचाव अभियान और प्रशासनिक तत्परता
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को इस बात की सूचना दी. आसौदा थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और गोताखोरों की मदद से खोजबीन शुरू की. घटना की गंभीरता को देखते हुए SDM अभिनव सिवाच ने भी मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया. लंबे सर्च ऑपरेशन के बाद बचाव दल ने अजय और नीतेश के शवों को नहर से बाहर निकाल लिया है. हालांकि, शिवकांत का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिसकी तलाश के लिए NDRF की टीम को भी तैनात किया गया है.
नहरों पर हादसों का बढ़ता सिलसिला
त्योहारी सीजन के दौरान क्षेत्र की नहरों में डूबने की यह कोई पहली घटना नहीं है. इससे पहले 18 सितंबर को भी इसी एनसीआर नहर में गणेश विसर्जन के दौरान चार छात्र गहरे पानी में डूबने लगे थे, जिनमें से तीन को स्थानीय लोगों की सूझबूझ से सुरक्षित बचा लिया गया था. ऐसे हादसों को रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन ने अब जलाशयों और नहरों के किनारे सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने और त्योहारों के दौरान विसर्जन स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है.



















