हिमाचल प्रदेश के शिक्षा ढांचे को मजबूत करने और संस्थानों में अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राजधानी शिमला में आयोजित शिक्षा विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के 150 सीबीएसई स्कूलों के संचालन के लिए नए और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन नई व्यवस्थाओं के तहत अब स्कूलों में शिक्षकों और विद्यार्थियों, दोनों की ही रोजाना तीन अलग-अलग समय पर उपस्थिति दर्ज की जाएगी। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के प्रशासनिक अधिकारियों को हिदायत दी है कि इस व्यवस्था को धरातल पर पूरी मुस्तैदी से लागू किया जाए।
दिन में तीन चरण में दर्ज होगी हाजिरी
राज्य के 150 सीबीएसई स्कूलों में लागू की जा रही नई उपस्थिति प्रणाली के अनुसार, अब प्रतिदिन तीन बार चेकिंग होगी। पहला चरण सुबह स्कूल शुरू होने के वक्त चेक-इन के रूप में रहेगा। इसके बाद दूसरी बार दोपहर के लंच ब्रेक के दौरान हाजिरी ली जाएगी, जबकि तीसरा और अंतिम चरण स्कूल खत्म होने पर छुट्टी के समय चेक-आउट के रूप में दर्ज होगा। सरकार का मानना है कि इस तीन-स्तरीय व्यवस्था से शैक्षणिक संस्थानों में समयबद्धता और उपस्थिति की निगरानी बेहतर तरीके से की जा सकेगी।
शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड और पोशाक भत्ता
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इन सीबीएसई संस्थानों में अध्यापकों और छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग ड्रेस कोड लागू करने के निर्देश भी दिए। तय योजना के तहत शिक्षकों के लिए निर्धारित ड्रेस कोड को 1 अक्टूबर 2026 से अनिवार्य कर दिया जाएगा। शिक्षकों को ड्रेस खरीदने में कोई आर्थिक परेशानी न हो, इसके लिए हिमाचल सरकार की ओर से प्रत्येक शिक्षक को एकमुश्त ₹5,000 की विशेष वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, विद्यार्थियों के लिए नई स्कूल यूनिफॉर्म की रूपरेखा पर अंतिम निर्णय एक सप्ताह के भीतर ले लिया जाएगा।
1200 शिक्षकों की भर्ती और ग्रामीण शिक्षा पर जोर
शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार का ब्योरा देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इन 150 सीबीएसई स्कूलों के लिए अब तक लगभग 1,200 शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। आने वाले दिनों में रिक्त पदों को भरने के लिए और भी नए शिक्षकों की तैनातियाँ की जाएँगी। राज्य सरकार का मुख्य ध्यान ग्रामीण अंचलों के बच्चों पर केंद्रित है, ताकि उन्हें अपने घर के समीप ही उच्च स्तरीय और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके और उन्हें दूर-दराज के क्षेत्रों या शहरों का रुख न करना पड़े।
सीबीएसई स्कूलों के विकास के लिए ₹80 करोड़ का अतिरिक्त बजट
स्कूलों में बुनियादी ढांचे और अध्ययन सामग्री को आधुनिक बनाने के लिए सुक्खू सरकार ने ₹80 करोड़ का अतिरिक्त फंड जारी करने की घोषणा की है। इस राशि का उपयोग विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को सुदृढ़ करने में होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सीबीएसई स्कूलों के संचालन, इंफ्रास्ट्रक्चर और शैक्षणिक माहौल में निरंतर सुधार होना चाहिए। शिमला में हुई इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, महाधिवक्ता अनूप रतन, सचिव शिक्षा राकेश कंवर समेत शिक्षा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



















