हरियाणा में रोजाना दूर-दराज के इलाकों से शहरों के कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई के लिए जाने वाले विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने हरियाणा रोडवेज की आधुनिक इलेक्ट्रिक वातानुकूलित (एसी) बसों में भी छात्र बस पास की व्यवस्था को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया है। इस फैसले के तहत जिन विद्यार्थियों के पास रोडवेज का वैध छात्र पास मौजूद है, वे अब बिना कोई अतिरिक्त किराया चुकाए ई-बसों में भी आरामदायक सफर कर सकेंगे। इस नई व्यवस्था में बस पास धारक छात्र एक दिन में अधिकतम 150 किलोमीटर की दूरी तक निःशुल्क यात्रा करने के पात्र होंगे। मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों से रोजाना शहरों का रुख करने वाले युवाओं के लिए यह निर्णय बेहद मददगार साबित होने वाला है।
ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थियों को मिलेगी बड़ी आर्थिक राहत
अंबाला जिले और इसके आसपास के कस्बों से हर दिन हजारों विद्यार्थी उच्च शिक्षा और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए शहरों में स्थित कॉलेजों का रुख करते हैं। कई छात्रों को अपने घर से शैक्षणिक संस्थान तक पहुंचने के लिए रोजाना लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में हर महीने बस किराए पर होने वाला मोटा खर्च उनके परिजनों के बजट पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव डालता था। अब इलेक्ट्रिक एसी बसों में छात्र पास को मान्यता मिलने से इन विद्यार्थियों का यात्रा खर्च पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार 150 किलोमीटर की दैनिक यात्रा सीमा अधिकांश दैनिक यात्रियों की जरूरतों को आसानी से पूरा कर देती है। इस सुविधा का फायदा न केवल अंबाला शहर के स्थानीय विद्यार्थियों को मिलेगा, बल्कि पड़ोसी जिलों और ग्रामीण अंचलों से पढ़ाई के लिए आने वाले छात्रों को भी इसका सीधा लाभ प्राप्त होगा। विशेष रूप से वे छात्र जो पूरी तरह सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर हैं, उनके लिए यह निर्णय दैनिक दिनचर्या को सुगम बनाएगा।
मुख्यमंत्री की पानीपत घोषणा के बाद विभाग ने जारी किए आदेश
इस नीतिगत बदलाव की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 28 मई को पानीपत में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के बस पास को इलेक्ट्रिक एसी बसों में लागू करने की स्पष्ट घोषणा की थी। मुख्यमंत्री के इस निर्देश के बाद परिवहन विभाग ने प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करते हुए अब इस व्यवस्था को धरातल पर उतार दिया है। राज्य भर में ई-बसों का परिचालन लगातार बढ़ाया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक यात्रियों को पर्यावरण अनुकूल परिवहन सेवा से जोड़ा जा सके।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले हरियाणा रोडवेज की इलेक्ट्रिक एसी बसों में किसी भी प्रकार का रियायती पास मान्य नहीं किया जाता था। सामान्य रोडवेज बसों में तो छात्र पास के जरिए फ्री सफर की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन ई-बसों में सफर करने पर छात्रों को पूरा टिकट खरीदना पड़ता था। इस वजह से विद्यार्थी लंबे समय से मांग कर रहे थे कि सामान्य बसों की तर्ज पर उन्हें इलेक्ट्रिक बसों में भी पास के आधार पर निशुल्क यात्रा की अनुमति दी जाए। विभाग के इस नए कदम से छात्रों की यह पुरानी मांग पूरी हो गई है।
अंबाला छावनी बस स्टैंड इंचार्ज ने दी विस्तृत जानकारी
इस फैसले के व्यावहारिक क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी देते हुए अंबाला छावनी बस स्टैंड के इंचार्ज बहादुर सिंह ने बताया कि विद्यार्थियों के लिए ई-बसों में बस पास की व्यवस्था पूरी तरह लागू कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा रोडवेज द्वारा संचालित सभी इलेक्ट्रिक वातानुकूलित बसों में वैध छात्र बस पास पूरी तरह से मान्य होगा और किसी भी छात्र से अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
बस स्टैंड इंचार्ज बहादुर सिंह ने यह भी रेखांकित किया कि इस फैसले से छात्रों को न केवल मुफ्त यात्रा का लाभ मिलेगा, बल्कि उन्हें वातानुकूलित और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस बसों में सफर का बेहतर अनुभव भी प्राप्त होगा। यह नई इलेक्ट्रिक बसें पूरी तरह से एसी और ऑटोमैटिक गियर प्रणाली पर आधारित हैं, जो पारंपरिक डीजल बसों की तुलना में कहीं अधिक शांत, आरामदायक और प्रदूषण मुक्त यात्रा प्रदान करती हैं।
इन प्रमुख मार्गों पर रोजाना सफर करने वाले छात्रों को मिलेगा फायदा
अंबाला डिपो में इलेक्ट्रिक बसों का नेटवर्क लगातार मजबूत हो रहा है और कई महत्वपूर्ण रूटों पर ई-बसों की आवाजाही नियमित रूप से जारी है। बस स्टैंड प्रशासन के अनुसार अंबाला सिटी से अंबाला कैंट, नारायणगढ़, बराड़ा, कालका और यमुनानगर जैसे प्रमुख मार्गों पर ई-बसों का बड़े पैमाने पर संचालन किया जा रहा है। इन रूटों में कई ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्र शामिल हैं जहाँ से बड़ी संख्या में छात्र रोजाना आवागमन करते हैं।
इन सभी व्यस्त मार्गों पर रोजाना विद्यार्थियों के साथ-साथ नौकरीपेशा लोग और आम नागरिक भी यात्रा करते हैं। ई-बसों में छात्र पास की मंजूरी मिलने से अब पिक-अवर में बसों की कमी का सामना कर रहे विद्यार्थियों को काफी सुविधा होगी। पहले जब इलेक्ट्रिक बस स्टैंड पर आती थी तो छात्र पास मान्य न होने के कारण उसमें चढ़ नहीं पाते थे और उन्हें अगली सामान्य बस का इंतजार करना पड़ता था। अब इस नए नियम के लागू होने से छात्रों का इंतजार खत्म हो गया है और उनका समय तथा धन दोनों बचेंगे।
छात्रों में उत्साह और संतोष का माहौल
सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए विभिन्न कॉलेजों के विद्यार्थियों ने खुशी जताई है। छात्रों का कहना है कि भीषण गर्मी और उमस के मौसम में सामान्य बसों में सफर करना काफी कष्टदायक होता था। अब वातानुकूलित बसों में निशुल्क यात्रा का अधिकार मिलने से उनकी पढ़ाई का सफर सुगम हो गया है। अभिभावकों ने भी इस कदम की सराहना करते हुए कहा है कि इससे ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी और परिवारों का मासिक खर्च कम होगा।





















