देश की चुनावी राजनीति में अक्सर वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं की मौजूदगी अधिक दिखाई देती है, लेकिन बीते कुछ समय में भारतीय राजनीति में युवाओं और जेन-जी वर्ग की भागीदारी को लेकर चर्चा काफी तेज हुई है। वर्तमान दौर में अलग-अलग राजनीतिक दल युवा मतदाताओं को साधने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी तक अपनी सार्वजनिक चर्चाओं में जेन-जी का उल्लेख कर चुके हैं। इस राष्ट्रीय परिदृश्य के बीच 2024 में संपन्न हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव के आंकड़ों का विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट होता है कि 90 सदस्यीय सदन में युवा जनप्रतिनिधियों की वास्तविक संख्या क्या है और वहां युवाओं की आवाज किस रूप में मौजूद है।
हरियाणा विधानसभा में 40 वर्ष से कम उम्र और जेन-जी विधायकों की संख्या
2024 के हरियाणा विधानसभा चुनाव के आंकड़ों और चुनावी विश्लेषण के आधार पर सदन में 40 साल या उससे कम आयु के कुल 9 विधायक चुनकर आए हैं। 1984 के बाद जन्मे इन 9 विधायकों को सामान्यतः मिलेनियल्स श्रेणी में गिना जाता है। यदि सदन के कुल 90 विधायकों में 40 वर्ष या उससे कम उम्र के इन युवा सदस्यों की हिस्सेदारी देखी जाए तो यह आंकड़ा लगभग 9 प्रतिशत के आसपास ठहरता है।
दूसरी ओर, अगर केवल जेन-जी प्रतिनिधियों की बात करें तो विधानसभा में इनकी मौजूदगी न के बराबर है। 90 सदस्यीय सदन में महज 1 विधायक ऐसे हैं जो जेन-जी वर्ग में आते हैं। प्रतिशत के हिसाब से यह संख्या 0.9 प्रतिशत से भी कम बैठती है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि राज्य की सर्वोच्च विधायिका में युवा आबादी के अनुपात में इस नए वर्ग की सीधी मौजूदगी बेहद सीमित है।
कैथल से चुने गए आदित्य सुरजेवाला: सदन के सबसे कम उम्र के सदस्य
2024 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के युवा नेता आदित्य सुरजेवाला विशेष रूप से चर्चा का केंद्र रहे। 25 वर्षीय आदित्य सुरजेवाला कैथल विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने हैं। वह न केवल इस नवनिर्वाचित सदन के सबसे युवा विधायक हैं, बल्कि पूरी हरियाणा विधानसभा के इतिहास में अब तक के सबसे कम उम्र के सदस्य के रूप में भी दर्ज हुए हैं।
आदित्य सुरजेवाला राजनीतिक पृष्ठभूमि से आते हैं और वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला के बेटे हैं। 25 वर्ष की न्यूनतम योग्यता आयु में चुनाव जीतकर सदन पहुंचे आदित्य सुरजेवाला वर्तमान में विधानसभा के भीतर अकेले जेन-जी प्रतिनिधि के रूप में युवाओं के मुद्दों को प्रस्तुत कर रहे हैं।
सदन की औसत आयु और वरिष्ठ बनाम युवा विधायकों का गणित
हरियाणा विधानसभा की जनसांख्यिकी संरचना पर नजर डालने से पता चलता है कि सदन में वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं का वर्चस्व अब भी बना हुआ है। विधानसभा के सभी 90 सदस्यों की औसत आयु 55.6 वर्ष है। यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि राज्य के नीति-निर्माण में प्रौढ़ और अनुभवी नेतृत्व का प्रभाव अधिक है।
आंकड़ों के अनुसार, 50 वर्ष या उससे कम आयु वाले विधायकों की कुल संख्या 28 है, जो यह संकेत देती है कि मध्यम आयु वर्ग के सदस्यों की भागीदारी ठीक-ठाक है। वहीं दूसरी तरफ, सदन में सबसे बुजुर्ग जनप्रतिनिधि का खिताब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रघुकबीर सिंह कादियान के नाम है। 80 वर्षीय रघुकबीर सिंह कादियान बेरी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और वे इस समय हरियाणा विधानसभा के सबसे उम्रदराज सदस्य हैं।





















