फरीदाबाद में गुड़हल के पौधों की मांग बरसात के मौसम में नर्सरी में काफी बढ़ गई है। लोग अपनी छतों, बालकनियों और आंगनों को हरा-भरा रखने के लिए इस पौधे को बड़े चाव से खरीद रहे हैं। बचपन की यादों और पूजा-पाठ में विशेष स्थान रखने वाला यह चटक लाल फूल केवल सुंदरता तक सीमित नहीं है, बल्कि आयुर्वेद में इसे एक अचूक औषधि माना गया है।
गुड़हल के औषधीय गुण
फरीदाबाद स्थित सर्वोदय हॉस्पिटल के आयुष चिकित्सक डॉ. चेतन शर्मा बताते हैं कि यह पौधा स्वास्थ्य के लिए बहुत ही उपयोगी है। आयुर्वेद के अनुसार, जिन लोगों के बाल तेजी से झड़ रहे हैं, कमजोर हो चुके हैं या टूट रहे हैं, उनके लिए यह पौधा किसी वरदान से कम नहीं है। इसके अलावा सोरायसिस, एक्जिमा और डर्मेटाइटिस जैसी त्वचा संबंधी परेशानियों में भी इसके लाभकारी प्रभावों का जिक्र मिलता है। शरीर में अत्यधिक गर्मी महसूस होने की स्थिति में भी इसका उपयोग किया जाता है, क्योंकि आयुर्वेद में इसे पित्त को शांत करने वाली प्रमुख औषधियों में शामिल किया गया है।
इस्तेमाल करने का सही तरीका
डॉक्टर चेतन शर्मा ने गुड़हल के सेवन का एक बेहद सरल और असरदार तरीका साझा किया है। इसके लिए ताजे गुड़हल के दो से तीन फूल लेकर उन्हें अच्छी तरह साफ करना होगा। इसके बाद इन्हें एक गिलास पानी में डालकर तब तक उबालें जब तक पानी की मात्रा घटकर आधी न रह जाए। उबलने के बाद इस पानी को छानकर खाली पेट पी लेना चाहिए। खाली पेट सेवन करने से इसके औषधीय गुण शरीर पर बेहतर ढंग से असर दिखाते हैं। हालांकि, हर व्यक्ति की शारीरिक प्रकृति अलग होती है, इसलिए किसी भी नुस्खे को नियमित रूप से अपनाने से पहले किसी योग्य आयुर्वेदिक डॉक्टर से परामर्श अवश्य करना चाहिए।
किन लोगों को नहीं करना चाहिए सेवन
डॉक्टर चेतन शर्मा यह भी चेतावनी देते हैं कि गुड़हल आसानी से उपलब्ध होने के बावजूद हर किसी को अपनी मर्जी से इसका सेवन शुरू नहीं कर देना चाहिए। किसी भी जड़ी-बूटी या औषधीय पौधे को आजमाने से पहले यह परखना आवश्यक है कि वह शरीर को अनुकूल बैठता है या नहीं। यदि कोई व्यक्ति पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है या नियमित दवाएं ले रहा है, तो उसे बिना डॉक्टर की सलाह के इसका सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को गुड़हल के सेवन से पूरी तरह बचना चाहिए। लंबे समय से किसी बीमारी से जूझ रहे मरीजों को भी इसका उपयोग करने से पहले आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से राय जरूर लेनी चाहिए।



















