हरियाणा के पंचकूला स्थित एक सरकारी स्कूल में पहली कक्षा से भी छोटी केजी वर्ग की छात्रा पर हुए जानलेवा हमले के मामले में राज्य सरकार ने कड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। सेक्टर-20 स्थित शहीद मेजर अनुज राजपूत राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल में घटी इस घटना की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा शिक्षा विभाग ने स्कूल की प्रिंसिपल नीलू को तत्काल प्रभाव से पद से निलंबित कर दिया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी आधिकारिक आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रिंसिपल के खिलाफ यह अनुशासनात्मक कार्रवाई हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के नियम-5 के प्रावधानों के तहत की गई है।
क्लासरूम के भीतर छह वर्षीय मासूम पर जानलेवा हमला
यह सनसनीखेज वारदात 28 अक्टूबर को स्कूल परिसर के भीतर एक क्लासरूम में घटी थी। वहां मौजूद आठ साल के एक लड़के ने छह वर्षीय मासूम बच्ची पर अचानक हमला बोल दिया और उसे बुरी तरह घायल कर दिया। घटना का एक कथित वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हमले की भयावहता साफ नजर आ रही है। वीडियो फुटेज के अनुसार, लड़का पहले बच्ची के बाल पकड़कर उसका सिर लगातार डेस्क पर पटकता रहा। इसके बाद जब मासूम बच्ची अचेत होकर फर्श पर गिर गई, तो लड़के ने उसे लातों से पीटना शुरू कर दिया और ईंट जैसी किसी ठोस वस्तु से उस पर ताबड़तोड़ वार किए।
गंभीर हालत में पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ रेफर
इस बर्बर हमले के कारण बच्ची के सिर और शरीर पर बेहद गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत चंडीगढ़ स्थित पीजीआईएमईआर (स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान) में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की गहन निगरानी में फिलहाल अस्पताल में बच्ची का इलाज जारी है, जहां विशेषज्ञ उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
पुलिस जांच और हमलावर बच्चे की मेडिकल जांच
पुलिस उपायुक्त (अपराध) अमरिंदर सिंह ने घटना के ब्योरे की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ित बच्ची की उम्र छह साल और हमला करने वाले लड़के की उम्र आठ वर्ष है। हमले की वजह और लड़के के आक्रामक व्यवहार के संबंध में पूछे जाने पर पुलिस अधिकारी ने बताया कि लड़के की मेडिकल व मानसिक स्थिति का चिकित्सकीय आकलन कराया जा रहा है। कानून के नियमों के तहत सात से 12 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों से जुड़े ऐसे गंभीर अपराधों में चिकित्सीय और मनोवैज्ञानिक स्थिति का गहन मूल्यांकन अनिवार्य होता है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मेडिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इसके अलावा, स्कूल परिसर में सुरक्षा और देखरेख में हुई भारी चूक की पड़ताल के सिलसिले में पुलिस टीम स्कूल प्रबंधन के स्टाफ से भी गहन पूछताछ कर रही है।
























