नवंबर के पहले सोमवार यानी 2 नवंबर 2026 को देश भर के स्कूलों के संचालन को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच काफी चर्चाएं चल रही हैं। त्योहारों के मौसम और प्राकृतिक आपदाओं के असर के चलते अलग-अलग राज्यों में स्कूलों की स्थिति काफी भिन्न नजर आ रही है। एक ओर जहां पश्चिमी भारत के राज्य महाराष्ट्र में दीवाली का लंबा अवकाश आज से शुरू हो चुका है, वहीं उत्तरी राज्यों में सामान्य दिनों की तरह पढ़ाई चल रही है। इसके उलट, दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में मौसमी संकट के कारण आपातकालीन अवकाश का रुख किया गया है।
महाराष्ट्र में 13 दिनों का लंबा दीवाली अवकाश
महाराष्ट्र राज्य के स्कूली विद्यार्थियों के लिए त्योहारी छुट्टियां आज से आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुकी हैं। राज्य स्कूली शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, 2 नवंबर से 14 नवंबर 2026 तक पूरे 13 दिनों का दीवाली मिड-टर्म अवकाश निर्धारित किया गया है।
इस आधिकारिक अवकाश के बाद 15 नवंबर को रविवार है और उसी दिन छठ पूजा का भी संयोग बन रहा है। इस वजह से राज्य भर के सभी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल अब सीधे 16 नवंबर को फिर से नियमित कक्षाओं के लिए खुलेंगे। यह लंबा अवकाश छात्रों को पढ़ाई के तनाव से मुक्त होकर पूरे उत्साह के साथ दीवाली मनाने का भरपूर अवसर दे रहा है।
दिल्ली, यूपी और हरियाणा में आज सामान्य संचालन
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के अंतर्गत आने वाले शहरों जैसे नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में आज शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह सामान्य हैं। इन उत्तरी राज्यों के एकेडमिक कैलेंडर में 2 नवंबर के लिए किसी भी तरह का राजपत्रित अवकाश घोषित नहीं किया गया है, जिसके चलते विद्यार्थियों को नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित होना होगा।
उत्तरी भारत के इन राज्यों में दीवाली से संबंधित मुख्य अवकाश धनतेरस यानी 6 नवंबर के आसपास से शुरू होंगे। कैलेंडर के मुताबिक, 6 नवंबर से 11 नवंबर (गोवर्धन पूजा और भाई दूज) के दौरान अधिकतर उत्तरी राज्यों के शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टियां रहेंगी।
चक्रवाती तूफान मुरासु का संकट: दक्षिण भारत में आपातकालीन बंदी
त्योहारी छुट्टियों के अलावा, मौसम के कड़े मिजाज ने दक्षिण भारत के कई जिलों में शिक्षण संस्थानों के दरवाजे बंद करा दिए हैं। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ (Cyclonic Storm Murasu) के गंभीर रूप लेने की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग की ओर से उच्च स्तर की चेतावनी जारी की गई है। इस चक्रवात से पहले भी चक्रवात अर्नब के चलते कई राज्यों में शैक्षणिक कार्य प्रभावित रहे थे।
तटीय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तमिलनाडु के चेन्नई और तिरुवल्लुर जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने आज सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने का फैसला लिया है। यह आदेश जिला कलेक्टर एस. मालथी हेलेन और एस. कविता द्वारा जारी किया गया है।
वर्तमान स्थिति के अनुसार, मुरासु तूफान चेन्नई से करीब 300 किलोमीटर पूर्व में केंद्रित है और यह 23 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ रहा है। मौसम संबंधी अनुमानों के अनुसार, 3 नवंबर तक इसके गंभीर चक्रवात में बदलने और आंध्र प्रदेश के ओंगोल तट (नेल्लोर और नरसापुर के बीच) से टकराने की पूरी आशंका बनी हुई है। इसी खतरे के मद्देनजर आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों जैसे नेल्लोर, प्रकाशम और बापटला में भी स्थानीय स्तर पर एहतियातन छुट्टियां घोषित की जा रही हैं।
अभिभावकों और छात्रों के लिए महत्वपूर्ण दिशानिर्देश
मौजूदा स्थिति को देखते हुए विद्यार्थियों और अभिभावकों को कुछ सावधानियों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है
- अफवाहों से दूरी: सोशल मीडिया पर छुट्टियों को लेकर प्रसारित हो रही अपुष्ट सूचनाओं पर बिल्कुल भरोसा न करें। किसी भी बदलाव की स्थिति में केवल अपने संबंधित राज्य के शिक्षा विभाग अथवा स्कूल प्रबंधन द्वारा जारी आधिकारिक परिपत्र का ही संज्ञान लें।
- मौसम संबंधी सतर्कता: तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में निवासरत लोग स्थानीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर लगातार नजर बनाए रखें।
- यात्रा योजना की समीक्षा: यदि दीवाली के अवसर पर दक्षिण भारत की दिशा में यात्रा करने की योजना है, तो रेलवे और उड़ानों के समय में होने वाले फेरबदल की जांच पहले ही कर लें।
























