हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा क्षेत्र में एक हैरान कर देने वाला वाकया सामने आया है। पिहोवा बस स्टैंड के पास स्थित एक जूस की दुकान पर शाम के समय अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या के तहत पहुंचे एक ग्राहक के पैर पर अचानक 5 से 6 फीट लंबा अजगर चढ़ गया। पैर के नीचे कुछ बेहद नरम चीज दबने का अहसास होते ही ग्राहक चौंक गया, लेकिन इससे पहले कि वह खतरे का अंदाजा लगा पाता, पास खड़े एक अन्य व्यक्ति ने शोर मचाकर उसे सचेत कर दिया। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए ग्राहक ने तुरंत अपना पैर पीछे खींच लिया, जिससे वह किसी अनहोनी से बाल-बाल बच गया।
शाम के समय दुकान में अचानक दाखिल हुआ भारी-भरकम सांप
यह घटना पिहोवा बस स्टैंड के बिल्कुल नजदीक स्थित जूस कॉर्नर पर शाम करीब 6 बजे घटी। गढ़ी सिंघा गांव के निवासी 40 वर्षीय मनजीत सिंह जूस पीने के इरादे से काउंटर के पास खड़े थे। ठीक उसी समय एक विशाल अजगर बाहर से रेंगता हुआ दुकान के भीतर प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। मनजीत सिंह का पैर सीधे उसी अजगर के शरीर पर पड़ गया। उन्हें लगा कि पैर के नीचे कोई तकिए जैसी मुलायम वस्तु आ गई है। तभी बाहर खड़े एक राहगीर ने तेज आवाज में चेतावनी दी कि उनके पैर के ठीक नीचे एक बड़ा सांप दबा हुआ है। मनजीत ने फौरन अपना पैर हटाया और जान बचाई। इसके बाद उस राहगीर ने दुकानदार को दुकान के अंदर सांप घुसने की बात बताई, जिसके बाद पूरे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया।
दुकान के कोने में बने बिल में जा छिपा अजगर
दुकानदार ने बिना देर किए अपने कर्मचारियों को आवाज लगाई। वहां मौजूद स्टाफ ने सांप को ध्यान से देखा और भांप लिया कि यह जहरीला सांप नहीं बल्कि एक भारी-भरकम अजगर है। वन विभाग के अधिकारियों या किसी पेशेवर स्नेक कैचर को सूचित करने के बजाय दुकान के कर्मचारियों ने खुद ही उसे पकड़ने का फैसला किया। कर्मचारियों की सक्रियता देखकर अजगर दुकान के पिछले हिस्से में मौजूद एक गहरे बिल में तेजी से घुस गया। कर्मचारियों ने उसे पूंछ से पकड़कर खींचने का प्रयास किया, परंतु अजगर के शरीर का अधिकांश भाग पहले ही बिल के भीतर जा चुका था, जिससे वह बाहर नहीं निकल सका।
पौने घंटे तक चला रेस्क्यू अभियान और खुदाई
अजगर जब बिल से बाहर नहीं निकला, तो कर्मचारियों ने दुकान के पिछले कोने में बने उस बिल के आसपास खुदाई शुरू कर दी। करीब पौने घंटे तक चले इस बचाव अभियान में दो लोग लगातार उसे सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास करते रहे। जमीन खोदकर रास्ता चौड़ा करने के बाद अजगर पर एक मोटा कपड़ा डाला गया ताकि वह आक्रामक न हो सके और काबू में आ जाए। कपड़े की मदद से करीब 10 किलोग्राम वजनी और लगभग 6 फीट लंबे इस अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया गया।
सुरक्षित स्थान पर छोड़ा गया अजगर
दुकान के भीतर से जब अजगर को पूरी तरह काबू में करके बाहर लाया गया, तब जाकर वहां इकट्ठा हुए लोगों, दुकानदार और ग्राहक ने राहत की सांस ली। कर्मचारियों ने सावधानी बरतते हुए पकड़े गए अजगर को बस्ती से दूर ड्रेन की पटरी के पास सुरक्षित छोड़ दिया। इस पूरी घटना के दौरान काफी देर तक बाजार में दहशत का माहौल बना रहा, हालांकि किसी भी व्यक्ति को कोई शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा।






















