अदालतों के पुराने स्टांप पेपर पर उकेरी जा रही कला, दिल्ली हाट में जयपुर के महेश प्रजापति की पेंटिंग्स बिखेर रही हैं जादूदीवाली पर बिना महंगे खर्च के दिखना है स्टाइलिश, तो अपनाएं ये 7 आसान फैशन टिप्सअमेज़न की गुलाबी डॉल्फिन से जुड़े हैरान करने वाले रहस्यधनतेरस 2026: जानिए इस दिन कितने दीपक जलाना होता है सबसे फलदायी और क्या है सही समयEdifier W800BT Pro रिव्यू: बजट मूल्य में मिलने वाले दमदार एक्टिव नॉइज कैंसिलिंग वायरलेस ओवर-इयर हेडफोनमकर राशिफल 7 नवंबर 2026: मार्गी गुरु निजी आर्थिक मामलों को सामने लाएगानिमाड़ में दिवाली की रौनक, घर पर ऐसे बनाएं पारंपरिक मावे वाली गुजियाउर्दा ट्रेन हादसे के बाद स्पेनिश रेलवे अधिकारियों पर यूरोपीय संघ की धोखाधड़ी की जांच शुरूअमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप पर महाभियोग लाने की तैयारी, मिडटर्म चुनाव में हार के बाद बढ़ीं मुश्किलेंमीनाक्षी शेषाद्रि ने तमिल गाने पर किया शानदार डांस, गुलाबी साड़ी में बिखेरा जलवा
तीन दशक का इंतजार खत्म, यमुना जल परियोजना पर हरियाणा और राजस्थान में हुआ ऐतिहासिक समझौताहरियाणा
29 जून 2026, 5:53 pm (131 दिन पहले)· 6

तीन दशक का इंतजार खत्म, यमुना जल परियोजना पर हरियाणा और राजस्थान में हुआ ऐतिहासिक समझौता

नई दिल्ली में सोमवार को राजस्थान और हरियाणा के बीच यमुना जल बंटवारे पर ऐतिहासिक करार हुआ। 34,102 करोड़ रुपये की इस परियोजना में हथिनीकुंड बैराज से हंसियावास जलाशय तक 295.5 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाई जाएगी।

नई दिल्ली में सोमवार को तीन दशक से अटकी एक बड़ी उम्मीद को नई जान मिली, जब राजस्थान और हरियाणा ने यमुना जल बंटवारे पर एक ऐतिहासिक समझौते पर दस्तखत किए। लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़ी यह परियोजना अब क्रियान्वयन के अहम मोड़ पर आ गई है। 34,102 करोड़ रुपये की यह महत्वाकांक्षी परियोजना राजस्थान के जल संसाधन इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगी।

किसने की मौजूदगी इस ऐतिहासिक करार में?

समझौते पर हस्ताक्षर के अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल विशेष रूप से उपस्थित रहे। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी इस मौके पर हिस्सा लिया। दोनों राज्यों और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी इस समारोह में शामिल हुए।

ये भी पढ़ें

हथिनीकुंड से चूरू तक: 295.5 किलोमीटर की भूमिगत यात्रा

इस परियोजना के तहत राजस्थान को उसके हिस्से का 577 एमसीएम यमुना जल दिलाया जाएगा। यह पानी हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से निकलकर एक भूमिगत पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए राजस्थान के चूरू जिले में स्थित हंसियावास जलाशय तक पहुंचेगा। इस पाइपलाइन की कुल लंबाई 295.5 किलोमीटर होगी और पूरी परियोजना की अनुमानित लागत 34,102 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।

परियोजना में क्या-क्या बनेगा?

इस परियोजना के तहत 3.6 मीटर व्यास की तीन भूमिगत पाइपलाइनें बिछाई जाएंगी। इसके साथ एक निरीक्षण सड़क, कृत्रिम जलाशय और एक आधुनिक जल प्रबंधन प्रणाली भी विकसित की जाएगी। खास बात यह है कि हरियाणा के दस स्थानों पर पेयजल उपलब्ध कराने का भी प्रावधान इस परियोजना में रखा गया है। इस तरह यह समझौता सिर्फ राजस्थान के लिए नहीं, बल्कि दोनों राज्यों के लिए समान रूप से लाभकारी साबित होगा।

पूर्वी राजस्थान के जल भविष्य की बड़ी कड़ी

पूर्वी राजस्थान में पहले से जारी राम जल सेतु लिंक परियोजना और जल जीवन मिशन के बाद यमुना जल परियोजना इस क्षेत्र में पानी सुरक्षित करने की दिशा में एक और बड़ी पहल है। इससे पहले हरियाणा और राजस्थान के प्रतिनिधि किशाउ बांध परियोजना पर भी दिल्ली में मिल चुके हैं, जो दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच जल सहयोग की एक लंबी और जारी कड़ी को दर्शाता है।

सवाल-जवाब

यमुना जल समझौता कहां और कब हुआ?
यह समझौता सोमवार को नई दिल्ली में हुआ, जहां राजस्थान और हरियाणा ने यमुना जल बंटवारे पर दस्तखत किए।
इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत कितनी है?
यमुना जल परियोजना की अनुमानित लागत 34,102 करोड़ रुपये है।
पाइपलाइन कहां से कहां तक बिछेगी?
पाइपलाइन हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से राजस्थान के चूरू जिले के हंसियावास जलाशय तक 295.5 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।
राजस्थान को इस परियोजना से कितना पानी मिलेगा?
राजस्थान को उसके हिस्से का 577 एमसीएम यमुना जल मिलेगा।
इस समझौते पर कौन-कौन से नेता उपस्थित रहे?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस अवसर पर मौजूद थे।
हरियाणा को इस परियोजना से क्या लाभ होगा?
हरियाणा के दस स्थानों पर भी इस परियोजना के तहत पेयजल उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
यह परियोजना कितने समय से लंबित थी?
यह परियोजना लगभग तीन दशकों से लंबित थी।
पाइपलाइन की तकनीकी विशेषताएं क्या हैं?
3.6 मीटर व्यास की तीन भूमिगत पाइपलाइनें बिछाई जाएंगी, साथ में निरीक्षण सड़क, कृत्रिम जलाशय और आधुनिक जल प्रबंधन प्रणाली भी विकसित होगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp